निकाय चुनाव के बाद अब ग्रामीण चुनाव की बारी, राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान आज, 3 बजे होगी घोषणा
Jageshwar prasad | Oct 03, 2026, 08:54 IST
पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम आज घोषित होगा
आज राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की प्रक्रिया की अधिसूचना जारी होने वाली है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। कुल 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों के चुनाव का आयोजन होगा। राजनीतिक दल अब चुनावी रणनीतिक योजना पर काम करने लगे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- पंचायत चुनाव का ऐलान आज।
- निर्वाचन आयोग ने 3 बजे बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस।
- ग्रामीण क्षेत्रों में लगेगी आचार संहिता।
- 1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे।
- निकाय चुनाव के बाद अगला सियासी पड़ाव।
माना जा रहा है कि आयोग पंचायत चुनाव के कार्यक्रम और तारीखों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकता है। तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कहां और कब होगी घोषणा?
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया सितंबर में पूरी हो चुकी है। अब राजनीतिक दलों की नजर ग्रामीण चुनावों पर है। निकाय चुनाव में मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुआ था। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं।
क्या-क्या होगा स्पष्ट?
शहरी सरकार के चुनाव नतीजों के बाद अब प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में राजस्थान पंचायत चुनाव (Rajasthan Panchayat Election) अगला बड़ा सियासी पड़ाव बन गए हैं। इन चुनावों में ग्राम पंचायतों से लेकर पंचायत समितियों और जिला परिषदों तक के चुनाव होने हैं।
ऐसे में शनिवार को होने वाली आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई हैं। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि चुनाव कितने चरणों में होंगे।
साथ ही मतदान की तारीखें क्या रहेंगी। नामांकन से लेकर मतगणना तक की प्रक्रिया किस समय सीमा में पूरी की जाएगी। इन सबका ऐलान आयोग करेगा।
आचार संहिता होगी लागू
राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही संकेत दे चुका है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी कराने की तैयारी चल रही है। पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं और आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अब चुनाव कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है। आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी। करीब दो महीने तक इसके प्रभावी रहने की संभावना है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के तबादलों समेत कई प्रशासनिक फैसलों पर भी रोक रहेगी।
कितने जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
पंचायतीराज चुनाव में करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं। इनके जरिए प्रदेश में 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों के प्रधान चुने जाएंगे।
इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उपसरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों का चुनाव होगा। इस तरह गांव स्तर से जिला स्तर तक पूरी व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे।
दलों की रणनीति पर नजर
निकाय चुनाव के बाद अब भाजपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर बढ़ने वाला है। टिकट वितरण, स्थानीय समीकरण, आरक्षण और संगठन की सक्रियता पंचायत चुनाव की रणनीति के प्रमुख हिस्से होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में आम तौर पर कांग्रेस की पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। वहीं भाजपा ने निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। अब देखना जरूरी है कि पंचायत चुनाव में किस पार्टी को बढ़त मिलती है। सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
क्यों अहम हैं ये चुनाव
इसलिए ये चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। राजनीतिक दलों के लिए यह जनता का असली मूड जानने का मौका होता है। अब सबकी नजर आयोग की घोषणा पर है।
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