निकाय चुनाव की शिकायत लेकर DGP से मिली कांग्रेस: जूली बोले- पुलिस राजनीतिक दबाव में ना करें काम
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस ने पंचायत चुनाव की तैयारी में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा ने डीजीपी से मुलाकात करके शिकायतें प्रस्तुत कीं। उन्होंने पुलिस के कथित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है, जो निकाय चुनाव के दौरान हुआ था।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि आगामी पंचायती राज चुनाव में पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करे। टीकाराम जूली ने चेतावनी दी कि निकाय चुनाव जैसी घटनाएं दोबारा हुईं और कानून व्यवस्था बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
टीकाराम जूली बोले-पुलिस पार्षद पकड़ रही थी
जूली ने कहा कि राजस्थान में भाजपा की सरकार रही हो या कांग्रेस की, इससे पहले इस तरह पार्षदों को पकड़ने के आरोप सामने नहीं आए। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका को लेकर काफी सवाल उठे हैं।
प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के दौरान पुलिस की तानाशाही और गुंडागर्दी को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी के साथ राजस्थान पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन दिया और अपनी बात पूरी मजबूती से रखी।नगर निकाय चुनावों में पुलिस-प्रशासनिक तंत्र को सत्ता के दबाव में सरकारी मशीनरी के रूप में इस्तेमाल कर चुनाव को प्रभावित करने और जनादेश को हथियाने का जो प्रयास किया गया, वह लोकतंत्र पर हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता l आगामी पंचायती राज चुनावों में पुलिस प्रशासन बिना किसी राजनीतिक दबाव के साथ चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाई जाए इसको लेकर पुलिस महानिदेशक के सामने बात रखी l @GovindDotasra @INCRajasthan
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) October 5, 2026
जूली ने अफसरों के तबादलों पर उठाए सवाल
जूली ने सरकार पर निकाय चुनाव में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। हाल में कांग्रेस ने निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग और दूसरी शिकायतों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई है।
पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात के बाद मीडिया साथियों से बातचीत की l #Jaipur https://t.co/x7PLF3b4pL
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) October 5, 2026
उन्होंने चेतावनी दी कि निकाय चुनाव के दौरान पुलिस का जैसा रवैया रहा, वैसा ही पंचायत चुनाव में भी रहा तो हालात बिगड़ सकते। लोगों का गुस्सा बढ़ सकता है और वे कानून हाथ में लेने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति की जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक की होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए, जहां लोगों के विरोध को रोकने के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़ें। डोटासरा ने इस दौरान जंतर-मंतर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए कि आक्रोश दबाने के लिए पेलेट गन तक इस्तेमाल करनी पड़े।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में सरकार ने पुलिस की मदद से पार्षदों पर दबाव बनाया। उन्हें डराने की कोशिश की गई। उन्होंने मांग की कि आगामी पंचायत चुनाव में पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम करे और किसी राजनीतिक दबाव में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न होने दे।
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने बढ़ाया दबाव
प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे। ऐसे में कांग्रेस की मांग है कि निकाय चुनाव में जिन घटनाओं को लेकर उसने शिकायत की है, वे पंचायत चुनाव में न दोहराई जाएं।
जूली पहले भी सरकारी मशीनरी के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगा चुके
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