CS अनुराग जैन का सख्त अल्टीमेटम: पानी-तौल-सुरक्षा दुरुस्त करो, कभी भी उतर सकता है CM का हेलीकॉप्टर

Ramanand Tiwari | Apr 29, 2026, 23:04 IST
cs Anurag Jain
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गेहूं खरीदी केंद्रों पर पानी, तौल, सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का सख्त आदेश दिया। सीएम मोहन यादव कभी भी हेलीकॉप्टर से निरीक्षण के लिए पहुंच सकते हैं।

गेहूं खरीदी में मिल रही लगातार शिकायतों के बीच अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों को दो टूक कहा है कि खरीदी केंद्रों पर पानी, तौल और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तुरंत दुरुस्त करें। क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव अगले 2–3 दिनों में कभी भी हेलीकॉप्टर से अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच सकते हैं और सीधे किसानों से हकीकत जानेंगे।



क्या है पूरा मामला?

प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर गड़बड़ी, देरी और अव्यवस्थाओं की शिकायतें लगातार सरकार तक पहुंच रही हैं। कई जगह किसानों को इंतजार, तौल में देरी और सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी फीडबैक के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में साफ कर दिया अब सिर्फ कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी, जमीनी हकीकत ही असली पैमाना होगी।



क्या-क्या सुधारना जरूरी?

  • खरीदी केंद्रों पर ये सुविधाएं अनिवार्य
  • पीने के पानी की व्यवस्था
  • छांव और बैठने की सुविधा
  • समय पर तौल और पर्याप्त कांटे
  • सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना
  • किसानों को सही समर्थन मूल्य मिलना

CM का औचक निरीक्षण किसी भी जिले में एंट्री

अनुराग जैन ने खास तौर पर पानी और बेसिक सुविधाओं की कमी को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अचानक पहुंचेंगे। वे सीधे किसानों से संवाद करेंगे और पूछेंगे सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। तत्काल ग्राउंड रियलिटी का आकलन करेंगे। यह साफ संकेत है कि अब रिपोर्ट नहीं, रियलिटी देखी जाएगी। खरीदी की तारीख बढ़ी, जिम्मेदारी भी बढ़ी। अब समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 23 मई तक होगी।



पहले अंतिम तारीख 9 मई थी

स्लॉट बुकिंग का समय भी बढ़ाया गया है। समय बढ़ा है, तो व्यवस्थाएं भी उसी हिसाब से मजबूत करनी होंगी। पानी पर विशेष फोकस किया जाएगा (सख्त चेतावनी)। भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों में जल संकट की आशंका है, इसलिए नल-जल योजनाएं सुचारू रखना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



तुरंत वैकल्पिक इंतजाम करें

पानी की समस्या को लेकर लापरवाही हुई तो जिम्मेदारी तय होगी। स्कूलों में ‘बन गए, पर चल नहीं रहे’ शौचालय हैं। बालिका शौचालय बने, लेकिन पानी और सफाई का अभाव है। कलेक्टरों को खुद निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के साथ बैठक कर सुधार सुनिश्चित किया जाए।



स्वास्थ्य सेवाएं ब्लॉक लेवल पर सख्ती

कलेक्टरों को फील्ड विजिट अनिवार्य करना है। ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक होनी चाहिए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुविधाओं पर फोकस रखा जाए। प्रशासन के लिए सख्त मैसेज है कि लोक सेवा गारंटी के मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें कम करना प्राथमिकता होनी चाहिए।



अन्य अहम निर्देश

सीमावर्ती जिलों में बाहरी राज्यों का गेहूं आने से रोकें।


जनगणना कार्य तय समय में पूरा करें।


नर्मदा किनारे विकास और पौधरोपण तेज करें।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 5 साल का विजन प्लान तैयार करें।


नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं।


सड़क सुरक्षा पर फोकस बढ़ाएं।



सीधा सवाल

क्या खरीदी केंद्रों पर वाकई पानी और छांव की व्यवस्था है? क्या किसानों को समय पर तौल और भुगतान मिल रहा है? क्या स्कूलों के शौचालय उपयोग के लायक हैं? क्या गांवों में पानी संकट से निपटने की तैयारी पूरी है?



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