जमीन सौदा केस में CSP नेहा पच्चीसिया पर सख्ती, ऑफिस सील, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Neel Tiwari | Aug 21, 2026, 14:44 IST
नेहा पच्चीसिया
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन सौदे में FIR के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। IG प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी की संभावना जताई है। नेहा को DIG ऑफिस जबलपुर अटैच कर उनका ऑफिस सील कर दिया गया है। पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए हैं।
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन सौदे से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। IG प्रमोद वर्मा के अनुसार, नेहा पच्चीसिया और दो अन्य लोगों पर धोखाधड़ी, उकसाने, साजिश रचने और पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
आरोप है कि हत्या के एक आरोपी को फायदा पहुंचाने के लिए उसकी जमीन का सौदा कराया गया। जमीन खरीदने के लिए CSP के करीबी व्यक्ति के जरिए पैसे लगाए गए, लेकिन जमीन मालिक को पूरी रकम नहीं मिली।
अब इस पूरे मामले की जांच जबलपुर की ASP अंजना तिवारी करेंगी। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। बता दें सीएम मोहन यादव ने पच्चीसिया को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।
आईजी प्रमोद वर्मा के अनुसार शिकायत में जमीन की गाइडलाइन वैल्यू करीब 82 लाख रुपए बताई गई है, जबकि सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपए में हुआ था। जमीन मालिक के खाते में केवल 15 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
पहले की जांच रिपोर्ट में भी सामने आया था कि 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम हुई और उसके खाते में उसी दिन 15 लाख रुपए पहुंचे।
जांच में 10 लाख रुपए शाइन पार्टनर्स और 5 लाख रुपए क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़े खातों से आने की बात सामने आई थी। जांच रिपोर्ट में इसी बैंक ट्रेल को जमीन सौदे में कथित मिलीभगत की महत्वपूर्ण कड़ी माना गया।
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IG प्रमोद वर्मा ने बताया कि अभी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी की जा सकती है। यानी FIR दर्ज होने के बाद CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
पुलिस अब जमीन की रजिस्ट्री, पैसों के लेन-देन, बैंक खातों, नामांतरण और जमीन मालिक पर दबाव बनाने जैसे सभी पहलुओं की जांच करेगी। इस मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है।
हालांकि, मामले में असली स्थिति जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।
FIR के बाद नेहा पच्चीसिया को कटनी से हटाकर DIG ऑफिस जबलपुर अटैच कर दिया गया था। उनका CSP ऑफिस भी सील कर दिया गया है। आईजी ने बताया कि नेहा के खिलाफ पिछले करीब एक साल से लगातार शिकायतें मिल रही थीं और अलग-अलग मामलों में जांच चल रही है। विभाग ने उनकी गतिविधियों को देखते हुए पहले भी उनके कार्यक्षेत्र में कटौती की थी। करीब एक साल पहले उनके पास छह थानों का प्रभार था, जिसे घटाकर चार किया गया। हाल में कार्यप्रभार केवल एक थाने तक सीमित कर दिया गया था।
जमीन सौदे के मामले के अलावा नेहा पच्चीसिया के खिलाफ ट्रांसपोर्ट कारोबारी से 30 हजार रुपए मांगने की शिकायत भी जांच के दायरे में है। IG के मुताबिक, इस शिकायत की जांच जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से कराई गई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए।
अब दोनों मामलों में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यानी जमीन सौदे में दर्ज FIR के साथ-साथ कथित रिश्वत मांगने के मामले में भी पुलिस विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ाएगा।
कार्रवाई सिर्फ CSP नेहा पच्चीसिया तक सीमित नहीं रही है। दोनों मामलों से जुड़े पांच पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी है। इन्हें निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है।
IG के मुताबिक, कार्रवाई की जद में दो सब-इंस्पेक्टर और CSP का निजी स्टाफ शामिल है। निजी स्टाफ में रीडर, ड्राइवर और गनमैन शामिल हैं। इसके अलावा रंगनाथपुर थाना प्रभारी और सलीमनाबाद में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई हुई है।
अब विभाग यह जांच करेगा कि इन पुलिसकर्मियों की दोनों मामलों में क्या भूमिका रही और क्या किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है।
CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़े इस पूरे मामले की जांच अब कटनी (Katni News) से बाहर जबलपुर में कराई जा रही है। FIR की जांच की जिम्मेदारी ASP अंजना तिवारी को सौंपी गई है।
जांच में जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेन-देन, रजिस्ट्री, नामांतरण, जमीन मालिक के बयान और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
खास बात यह है कि पहले ASP अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। अब FIR की आगे की विवेचना दूसरी अधिकारी को दी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
CSP नेहा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उन्हें DIG ऑफिस जबलपुर अटैच कर दिया गया था। हालांकि, अब तक उनकी नौकरी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि CSP नेहा के निलंबन के आदेश जल्द जारी हो सकते हैं। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
सस्पेंड होंगी कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया, सीएम मोहन ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश
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जिस CSP नेहा पच्चीसिया से छीने तीन थाने, उन पर हत्या के आरोपी ने लगाए सनसनीखेज आरोप
आरोप है कि हत्या के एक आरोपी को फायदा पहुंचाने के लिए उसकी जमीन का सौदा कराया गया। जमीन खरीदने के लिए CSP के करीबी व्यक्ति के जरिए पैसे लगाए गए, लेकिन जमीन मालिक को पूरी रकम नहीं मिली।
अब इस पूरे मामले की जांच जबलपुर की ASP अंजना तिवारी करेंगी। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। बता दें सीएम मोहन यादव ने पच्चीसिया को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।
82 लाख की जमीन, सौदा 1.07 करोड़ का और मिले 15 लाख
पहले की जांच रिपोर्ट में भी सामने आया था कि 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम हुई और उसके खाते में उसी दिन 15 लाख रुपए पहुंचे।
जांच में 10 लाख रुपए शाइन पार्टनर्स और 5 लाख रुपए क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़े खातों से आने की बात सामने आई थी। जांच रिपोर्ट में इसी बैंक ट्रेल को जमीन सौदे में कथित मिलीभगत की महत्वपूर्ण कड़ी माना गया।
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गिरफ्तारी पर IG का बड़ा बयान
पुलिस अब जमीन की रजिस्ट्री, पैसों के लेन-देन, बैंक खातों, नामांतरण और जमीन मालिक पर दबाव बनाने जैसे सभी पहलुओं की जांच करेगी। इस मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है।
हालांकि, मामले में असली स्थिति जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।
CSP ऑफिस सील, DIG ऑफिस में अटैच
30 हजार की कथित डिमांड की जांच भी प्रमाणित
अब दोनों मामलों में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यानी जमीन सौदे में दर्ज FIR के साथ-साथ कथित रिश्वत मांगने के मामले में भी पुलिस विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ाएगा।
CSP के पांच पुलिसकर्मी निलंबित
IG के मुताबिक, कार्रवाई की जद में दो सब-इंस्पेक्टर और CSP का निजी स्टाफ शामिल है। निजी स्टाफ में रीडर, ड्राइवर और गनमैन शामिल हैं। इसके अलावा रंगनाथपुर थाना प्रभारी और सलीमनाबाद में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई हुई है।
अब विभाग यह जांच करेगा कि इन पुलिसकर्मियों की दोनों मामलों में क्या भूमिका रही और क्या किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है।
अब जबलपुर से होगी पूरे मामले की जांच
जांच में जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेन-देन, रजिस्ट्री, नामांतरण, जमीन मालिक के बयान और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
खास बात यह है कि पहले ASP अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। अब FIR की आगे की विवेचना दूसरी अधिकारी को दी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
CSP नेहा के निलंबन के आदेश जल्द
अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि CSP नेहा के निलंबन के आदेश जल्द जारी हो सकते हैं। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
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