सावधान! पुराने ई-कॉमर्स अकाउंट से हो रही ठगी, भूलकर भी न करें ये लापरवाही
Aman Vaishnav | Jul 06, 2026, 09:10 IST
ई-कॉमर्स अकाउंट से हो रही ठगी
पुराने और बंद पड़े ई-कॉमर्स अकाउंट को साइबर अपराधी ठगी का निशाना बना रहे हैं। अपराधी इन पुराने अकाउंट्स में सेव कार्ड डिटेल्स, बैंक जानकारी और रिवॉर्ड पॉइंट्स का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- पुराने और निष्क्रिय ई-कॉमर्स अकाउंट अब साइबर ठगों के निशाने पर हैं।
- साइबर पुलिस के अनुसार पिछले एक साल में करीब 30 मामले सामने आए हैं।
- ठग इनएक्टिव अकाउंट में सेव कार्ड डिटेल और रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।
- ज्यादातर लोग ऐसे अकाउंट की निगरानी नहीं करते हैं।
- इससे ठगी का पता देर से चलता है।
लापरवाही बनी वजह
साइबर पुलिस के पास ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं। बढ़ती ठगी को देखते हुए आरबीआई, बैंक और पुलिस समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। फिर भी जागरूकता की कमी बनी हुई है।
ठग अपनाते हैं कई तरीके
बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगह एक ही पासवर्ड रखते हैं। किसी एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर यही आदत भारी पड़ जाती है। ठग उसी पासवर्ड से दूसरे शॉपिंग अकाउंट में लॉग-इन करने की कोशिश करते हैं।
अकाउंट मिलते ही शुरू होती है खरीदारी
आपके पास भी ऐसा अकाउंट है क्या
बचाव के आसान उपाय
ओटीपी, सीवीवी (CVV – Card Verification Value) और पासवर्ड किसी से साझा न करें। ऐप्स केवल भरोसेमंद स्रोत से डाउनलोड करें। बैंक और कार्ड के ट्रांजेक्शन अलर्ट हमेशा चालू रखें।
ऐसे हटाएं सेव कार्ड डिटेल
लिंक्ड यूपीआई या अन्य भुगतान माध्यम भी हटा दें। इसके बाद पासवर्ड बदलें। 2-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू रखें।
FAQ
- निष्क्रिय ई-कॉमर्स अकाउंट खतरनाक क्यों है?
इसमें सेव कार्ड डिटेल और भुगतान जानकारी मौजूद रहती है। ठग इसका दुरुपयोग कर खरीदारी कर सकते हैं। निगरानी न होने से पता देर से चलता है। - ई कॉमर्स अकाउंट से सेव कार्ड डिटेल कैसे हटाएं?
ऐप या वेबसाइट पर लॉग-इन कर प्रोफाइल में जाएं। पेमेंट मेथड्स में जाकर कार्ड रिमूव करें। इसके बाद पासवर्ड बदल दें। - एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करना क्यों खतरनाक है?
उत्तर: एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर वही पासवर्ड दूसरी जगह इस्तेमाल हो सकता है। इससे कई अकाउंट खतरे में आ जाते हैं। हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड जरूरी है।
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