दमोह नगर पालिका की अनूठी पहल, थर्ड जेंडर को दिया टैक्स वसूली का जिम्मा

Raj Singh | Jan 05, 2025, 11:11 IST
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दमोह नगरपालिका क्षेत्र में एक ऐसा नवाचार होने जा रहा है, जो सुनने में शायद अजीब लगे, लेकिन यह एक प्रभावी और सामाजिक बदलाव का उदाहरण बन सकता है।

दमोह नगरपालिका क्षेत्र में एक ऐसा नवाचार होने जा रहा है, जो सुनने में शायद अजीब लगे, लेकिन यह एक प्रभावी और सामाजिक बदलाव का उदाहरण बन सकता है। नगरपालिका के मुख्य अधिकारी (सीएमओ) ने फैसला लिया है कि अब थर्ड जेंडर (ट्रांसजेंडर) समुदाय को नगरपालिका के टैक्स और राजस्व वसूली का जिम्मा सौंपा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इस वर्ग को रोजगार से जोड़ना और नगरपालिका के टैक्स व राजस्व में सुधार लाना है।

दमोह नगरपालिका में 40 करोड़ का बकाया टैक्स

दमोह नगरपालिका क्षेत्र के नागरिकों पर 40 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स और राजस्व बकाया है। वसूली में समस्याएं आ रही हैं, क्योंकि नगरपालिका की वसूली टीम उतनी प्रभावी नहीं है और नागरिक जागरूकता का स्तर भी कम है। ऐसे में सीएमओ ने नए प्रयोग के तहत थर्ड जेंडर समुदाय को यह जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है, जिससे वसूली में सुधार हो सके और इस समुदाय को रोजगार के अवसर मिल सकें।
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नौकरी का अवसर

अब तक नगरपालिका ने 9 थर्ड जेंडर को एकत्र किया है। जैसे ही 10वां सदस्य जुड़ जाएगा, इनका एक समूह बनाया जाएगा। इस समूह को नगरपालिका के 39 वार्डों में टैक्स और राजस्व वसूली का कार्य सौंपा जाएगा। इसके बदले में उन्हें एक निश्चित मानदेय मिलेगा। वसूली के प्रतिशत के आधार पर इन्हें काम सौंपे जा सकते हैं।

वसूली के लिए तैयार होंगे सदस्य

इस समूह को शुरू में 1 से 2 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके। इस दौरान उन्हें काम के नियम, कानून और प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। इस दौरान भी उन्हें भुगतान किया जाएगा। इसके बाद उन्हें घर-घर जाकर टैक्स और पैनल्टी वसूली का काम सौंपा जाएगा।

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सीएमओ का क्या है उद्देश्य?

सीएमओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट है। ट्रांसजेंडर समुदाय भी समाज का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें रोजगार के अवसर नहीं मिल पाते। यह पहल उन्हें रोजगार देने के साथ-साथ नगरपालिका के बकाए टैक्स व राजस्व की वसूली में भी मदद करेगी। इससे एक तरफ इस वर्ग को रोजगार मिलेगा, तो दूसरी तरफ नगरपालिका के रुके हुए काम भी गति पकड़ेंगे।

FAQ

  1. दमोह नगरपालिका में थर्ड जेंडर को क्या जिम्मेदारी दी जा रही है?
    दमोह नगरपालिका ने थर्ड जेंडर को टैक्स और राजस्व वसूली का जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया है।
  2. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    इस पहल का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार प्रदान करना और नगरपालिका के बकाए टैक्स व राजस्व की वसूली करना है।
  3. इन थर्ड जेंडर को कैसे काम सौंपा जाएगा?
    इन्हें नगरपालिका के 39 वार्डों में टैक्स व राजस्व वसूली का कार्य सौंपा जाएगा, जिसके बदले इन्हें तय मानदेय मिलेगा।
  4. थर्ड जेंडर को किस प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी?
    इनको 1 से 2 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें वसूली के नियम, कानून और कार्य की प्रक्रिया सिखाई जाएगी।
  5. इस पहल से समाज को क्या लाभ होगा?
    इससे ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार मिलेगा और नगरपालिका की वसूली बेहतर होगी, जिससे शहर के रुके हुए काम पूरे होंगे।

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