दतिया उप चुनाव में आज शाम पांच बजे थम जाएगा चुनावी शोर, फिर होगा असली इंतजार
Ramanand Tiwari | Jul 27, 2026, 23:26 IST
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दतिया उपचुनाव में प्रचार 28 जुलाई शाम थम जाएगा। भाजपा और कांग्रेस ने अंतिम दौर में पूरी ताकत झोंकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए सभा की। जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह कांग्रेस के लिए जुटे हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच गया है। चुनाव प्रचार आखिरी चरण में है और प्रदेश की दोनों बड़ी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत इस एक सीट पर लगा दी है। माहौल ऐसा है मानो पूरे मध्य प्रदेश का चुनाव हो रहा हो।
अब 28 जुलाई शाम प्रचार थमने के बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को आने वाला नतीजा बताएगा कि भाजपा की संगठनात्मक रणनीति सफल रही या कांग्रेस ने सीट बचाने में बाजी मार ली।
दतिया उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है। प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं की लगातार मौजूदगी से यह मुकाबला पूरे मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र बन गया है।
अब निगाहें प्रचार खत्म होने और मतदान के बाद आने वाले उस फैसले पर हैं, जो दोनों दलों की चुनावी रणनीति की असली परीक्षा साबित होगा।
भाजपा ने चुनाव को पूरी तरह संगठन आधारित अभियान में बदल दिया है। अलग-अलग समाजों के वरिष्ठ नेताओं को घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी दी गई है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई गई है ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं तक सीधा संवाद हो सके।
प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई मंत्री लगातार चुनावी गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं। पार्टी का जोर माइक्रो मैनेजमेंट और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में बड़ी सभा को संबोधित किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सभा में शिवराज ने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए और भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की।
कांग्रेस ने भी इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लिया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह लगातार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदान तक पूरी ताकत से जुटे रहने का संदेश दिया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर वह यह सीट अपने पक्ष में बनाए रखने में सफल होगी।
एक चुनावी सभा में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई पैसे देने आए तो उसे लेकर भी मतदान अपने विवेक से करें। वहीं दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से अंतिम समय तक एकजुट होकर चुनाव लड़ने का आह्वान किया।
प्रचार खत्म होने के बाद चुनावी शोर शांत हो जाएगा, लेकिन राजनीतिक उत्सुकता और बढ़ेगी। 30 जुलाई को मतदान के बाद तीन दिन तक हर दल अपनी-अपनी जीत के दावे करेगा।
3 अगस्त को जब मतगणना पूरी होगी, तभी साफ होगा कि भाजपा की संगठनात्मक तैयारी और स्टार प्रचारकों का असर ज्यादा रहा या कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की सक्रियता मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल रही। यही नतीजा आगे की प्रदेश राजनीति की दिशा भी तय करने वाला माना जा रहा है।
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अब 28 जुलाई शाम प्रचार थमने के बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को आने वाला नतीजा बताएगा कि भाजपा की संगठनात्मक रणनीति सफल रही या कांग्रेस ने सीट बचाने में बाजी मार ली।
एक सीट... लेकिन पूरा प्रदेश मैदान में
अब निगाहें प्रचार खत्म होने और मतदान के बाद आने वाले उस फैसले पर हैं, जो दोनों दलों की चुनावी रणनीति की असली परीक्षा साबित होगा।
भाजपा ने बूथ से लेकर घर-घर तक बिछाया नेटवर्क
प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई मंत्री लगातार चुनावी गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं। पार्टी का जोर माइक्रो मैनेजमेंट और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर है।
शिवराज ने संभाला मोर्चा, कांग्रेस पर साधा निशाना
सभा में शिवराज ने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए और भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की।
कांग्रेस ने भी झोंकी पूरी ताकत
पटवारी का बयान बना चर्चा का विषय
अब 3 अगस्त पर टिकी प्रदेश की नजर
3 अगस्त को जब मतगणना पूरी होगी, तभी साफ होगा कि भाजपा की संगठनात्मक तैयारी और स्टार प्रचारकों का असर ज्यादा रहा या कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की सक्रियता मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल रही। यही नतीजा आगे की प्रदेश राजनीति की दिशा भी तय करने वाला माना जा रहा है।
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