कलेक्टर के सामने BJP नेता के हाथ में सरकारी बंदूक! दतिया में फायरिंग के वीडियो से उठे गंभीर सवाल
Ram Krishna Gautam | Oct 24, 2026, 24:06 IST
कलेक्टर की मौजूदगी में हुई फायरिंग पर उठे गंभीर सवाल
दतिया में दशहरे पर हुई शस्त्र पूजा का एक वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो में प्रशासनिक अधिकारी सरकारी राइफल से फायरिंग करते दिख रहे हैं। इसी दौरान एक पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष भी सरकारी राइफल से गोलियां चलाते नजर आते हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि उन्हें सरकारी हथियार चलाने की अनुमति किसने दी। क्या किसी राजनीतिक नेता को सरकारी राइफल चलाने की अनुमति मिल सकती है?
शस्त्र पूजा में BJP नेता ने चलाई राइफल
किसने दी सरकारी राइफल चलाने की अनुमति?
क्या कहते हैं सरकारी हथियारों के नियम?
क्या शस्त्र पूजा में फायरिंग की छूट है?
पूजा एक धार्मिक परंपरा है। वहीं फायरिंग का सीधा संबंध लोगों की सुरक्षा से है। किसी व्यक्ति का राजनीतिक पद पर होना हथियार चलाने की अनुमति नहीं देता। हालांकि केवल वीडियो से नियमों के उल्लंघन का फैसला भी नहीं किया जा सकता। इसके लिए हथियार का रिकॉर्ड और संबंधित आदेश देखने होंगे। यहां Safety Protocol का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।
फायरिंग के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
क्या फायरिंग के लिए सुरक्षित जगह तय की गई थी?
आईपीएएस अंकिता शर्मा के मामले से उठे सवाल
सवाल सुनते ही एसपी ने काटा फोन
जांच में किन बातों का पता लगाना जरूरी?
कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा इंतजामों की भी जांच होनी चाहिए। यह पूरा मामला सरकारी हथियारों के इस्तेमाल में Accountability यानी जवाबदेही से जुड़ा है। अगर जांच में नियम टूटने की बात सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं फायरिंग नियमों के मुताबिक हुई थी तो प्रशासन को स्थिति साफ करनी चाहिए।
सरकारी हथियारों के इस्तेमाल पर बड़ा सवाल
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