राहुल देव सिंह ने खुद को घोषित किया 14वां महाराज, नाम रखा गोविंद जू देव, बहिष्कार

Rohit Sahu | Apr 07, 2025, 08:21 IST
Share
datia shahi parivar
datia shahi parivar

दतिया की रियासत, जो कभी इतिहास की किताबों में दर्ज थी, अब फिर से सुर्खियों में है – वजह हैं राहुल देव सिंह, जिन्होंने खुद को दतिया का 14वां महाराजा घोषित कर डाला। लेकिन ये राजतिलक शांति नहीं बल्कि विवादों का सबब बन गया है।

मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) में एक राजसी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को हेरिटेज पैलेस (Heritage Palace) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल देव सिंह (Rahul Dev Singh) ने स्वयं को दतिया रियासत (Datia Royal Family) का 14वां महाराज (14th Maharaja) घोषित कर दिया। उन्होंने न केवल यह दावा किया, बल्कि अपना नाम भी "गोविंद जू देव" (Govind Ju Dev) रख लिया — जो कि दतिया रियासत के अंतिम शासक राजा गोविंद सिंह जू देव के नाम से मिलता-जुलता है।

ladli behna yojana the sootr
ladli behna yojana the sootr


करणी सेना और क्षत्रिय महासभा भी मैदान में

मामला अब सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं रहा। करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने इस ‘राजतिलक नाटक’ की जांच की मांग की है। पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने इसे गैर-संवैधानिक बताया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
datia
datia


विवाद क्यों हुआ

राहुल देव सिंह ने खुद को महाराज गोविंद जू देव घोषित किया और सार्वजनिक रूप से शाही उत्तराधिकारी होने का दावा किया। उन्होंने गोविंद जू देव के नाम पर खुद का नाम रख लिया। इसके बाद समाज ने उनके इस कदम का विरोध किया और बहिष्कार किया। राहुल ने वसीयत और 1920 के दस्तावेज का हवाला दिया, लेकिन कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया



पूर्व विधायक बोले:अस्थिर बुद्धि के शिकार हैं राहुल देव

दतिया राजपरिवार के सदस्य और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने राहुल देव पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि राहुल को अचानक "महाराज बनने की सनक" सवार हो गई है, जो सीधे-सीधे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल देव जो वसीयत प्रस्तुत कर रहे हैं, वह पूरी तरह कूटरचित है।

दामाद का तिलक क्यों?

पूर्व विधायक सिंह ने बड़ा सवाल उठाया कि जब परिवार में कई सदस्य हैं, तो दामाद का तिलक क्यों? उनका कहना है कि राहुल देव की पत्नी की मां स्व. पद्माकुमारी कभी राहुल देव से सहमत नहीं थीं। वे उनके लिए अपशब्दों का भी प्रयोग करती थीं, ऐसे में उनके द्वारा वसीयत किया जाना ही अविश्वसनीय है।

राहुल देव का जवाब: हमारे पास हैं दस्तावेज

राहुल देव ने सधा हुआ जवाब दिया, "हमारे पास 1920 के दस्तावेज और राजमाता का आदेश है। कोई भी वसीयत को चुनौती दे सकता है, हम जवाब देंगे।" उन्होंने घनश्याम सिंह को "परम सम्माननीय" बताते हुए किसी भी तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी से इंकार किया।

राहुल देव डांसर से महाराजा तक का सफर

राहुल देव की यात्रा कम दिलचस्प नहीं रही। कभी डांसर बनने का सपना देखा, फिल्मों में हाथ आज़माया, राजनीति में उतरे, फिर धर्म की ओर रुख किया और खुद को महामंडलेश्वर घोषित कर लिया। अब नई मंज़िल है महाराजा बनना है।

ऐसी है दतिया की रियासत

दतिया रियासत के आखिरी राजा महाराजा गोविंद सिंह रहे हैं। उनका निधन 1951 में हुआ। इस वक्त सभी रियासतों का भारत गणराज्य में विलय हो गया। उनके दो पुत्र थे। बड़े पुत्र थे बलभद्र सिंह और छोटे जसवंत सिंह थे। राजा गोविंद सिंह ने अपने छोटे पुत्र जसवंत सिंह को रियासत के समय नदीगांव की जागीर दे दी थी उनको जागीरदार बनाया था। नदीगांव का किला दिया था। दतिया स्टेट के अंदर वे एक जागीरदार थे और राव राजा का टाइटल दिया था। महाराजा बलभद्र सिंह का राजा गोविंद सिंह की मृत्यु के बाद राजतिलक किया गया।दतिया के महाराजा का उनको टाइटल मिला।

datia
datia


राष्ट्रपति ने पत्र लिखकर पूर्व राजा के रुप में दी मान्यता

भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें पत्र लिखकर पूर्व राजा के रूप में मान्यता दी। महाराजा बलभद्र सिंह के निधन के बाद उनके बड़े बेटे महाराजा किशन सिंह का राजतिलक हुआ। जैसे हर घर में पगड़ी रस्म होती है उस तरह से यहां दरबार हॉल में तिलक हुआ था। उनके निधन के बाद बड़े पुत्र राजेंद्र सिंह का राजतिलक हुआ। 30 अप्रैल 2020 को उनके निधन के बाद अरुणादित्य देव का 14वें महाराजा के रूप में राजतिलक किया गया।

पूर्व विधायक सिंह के मुताबिक, दतिया रियासत में किसी महाराजा का निधन होता है तो उससे पहले मृतक महाराजा के दाहिने पैर के अंगूठे में चंदन लगाकर उससे ज्येष्ठ पुत्र का राजतिलक किया जाता है। अब राहुल देव सिंह भी खुद को दतिया का 14वां महाराजा घोषित कर रहे हैं।

कौन थे महाराज जू देव सिंह

govind ju dev singh
govind ju dev singh


महाराजा गोविंद सिंह जूदेव दतिया रियासत के 10 वें राजा थे। वे 1907-1951 तक सेंट जॉन एम्बुलेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और रेड क्रॉस सोसाइटी के संरक्षक भी रहे हैं। महाराजा लोकेंद्र सर गोविंद सिंह जू देव बहादुर का जन्म 1886 में हुआ था। उनकी पहली शादी 1902 में ग्वालियर के मानपुरा क्षेत्र के ढंडेरा जागीरदार की बेटी से हुई थी, लेकिन उनकी पहली पत्नी का निधन 1935 से पहले हो गया। इसके बाद उन्होंने सायला के ठाकोर साहब की बेटी से दूसरी शादी की। उनकी तीसरी शादी दतिया के सुअरा के ठाकुर की बेटी से हुई, जिससे उन्हें संतान प्राप्त हुई। महाराजा का निधन वर्ष 1951 में हुआ।

खुद को राजा घोषित करने को लेकर क्या कहता है संविधान

भारतीय संविधान के हिसाब से, कोई भी व्यक्ति खुद को राजा या सम्राट घोषित नहीं कर सकता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, और भारतीय संविधान में राजशाही का कोई स्थान नहीं है। भारतीय संविधान के तहत, शासन प्रणाली का आधार लोकतंत्र है, जहां जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार चलाती है। भारतीय संविधान में यह प्रावधान है कि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और अन्य सरकारी अधिकारी केवल संविधान द्वारा निर्धारित तरीके से निर्वाचित या नियुक्त होते हैं। राजशाही, जिसे ब्रिटिश काल के दौरान भारत में लागू किया गया था, को संविधान के अधीन समाप्त कर दिया गया।

कोई भी व्यक्ति खुद को राजा या सम्राट घोषित नहीं कर सकता

इसके अतिरिक्त, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 18 में पदवी और सम्मान के असहमति के बारे में प्रावधान है, जिसके तहत किसी भी तरह की राजशाही या सामंतवादी उपाधियां या दरबार की स्वीकृति को समाप्त कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति खुद को राजा या सम्राट घोषित नहीं कर सकता, और न ही किसी तरह की राजशाही प्रणाली का पालन किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: धार में सिंधिया गुट के नेता राजवर्धन सिंह दत्तीगांव अपने खास के कारण BJP के निशाने पर आए

यह भी पढ़ें: वित्तीय संकट से उबारने MP के इस बैंक की सरकार ने की मदद, रंग लाई सिंधिया की मेहनत

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • MP News
  • मध्य प्रदेश
  • Datia news
  • दतिया न्यूज
  • Datia
  • दतिया रियासत
  • राहुल देव सिंह दतिया
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं