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News In Short
डीबी मॉल के बिरयानी क्वीन आउटलेट में सोया चाप बिरयानी में चिकन का टुकड़ा मिला है।
शिकायतकर्ता अजीत सिंह और नरेंद्र मीणा ने इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताया है।
आउटलेट के स्टाफ और मालिक अरनब ने फोन पर गलती मानकर माफी मांगी है।
मैनेजर गौरीशंकर को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
उपभोक्ता संगठनों ने शाकाहारी-मांसाहारी भोजन के लिए अलग किचन की मांग उठाई।
News In Detail
MP News. भोपाल का डीबी मॉल (DB Mall Bhopal) हमेशा शानदार शॉपिंग और स्वादिष्ट फूड के लिए लोगों की पहली पसंद रहा है। लेकिन इस बार यह मॉल किसी और वजह से सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में मॉल के फूड कोर्ट में एक अजीब घटना घटी।
अजीत सिंह और नरेंद्र मीणा अपनी बेटी के साथ मॉल पहुंचे और शुद्ध शाकाहारी समझते हुए स्पाइसी सोया चाप बिरयानी का ऑर्डर दिया। जैसे ही उन्होंने खाना शुरू किया, उन्हें बिरयानी में सोया चाप के बीच चिकन (वेज बिरयानी में मिला मांस) का टुकड़ा मिल गया।
यह देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। अब ये मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मॉल के फूड कोर्ट में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का आरोप
परिवार का कहना है कि वे पूरी तरह शाकाहारी हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक खाना बनाने की गलती नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने इस घटना को धर्म भ्रष्ट करने जैसा अपराध करार दिया है। उनका आरोप है कि इतने बड़े और प्रतिष्ठित मॉल में इस तरह की लापरवाही सुरक्षा और शुद्धता के दावों पर सवाल उठाती है।
घटना के तुरंत बाद, परिवार ने फूड कोर्ट के मैनेजर गौरीशंकर को लिखित शिकायत दी और मांग की कि इस आउटलेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसी गलती न हो।
इस घटना के बाद मॉल में खाना खाने आए दूसरे वेजिटेरियन कस्टमर्स के बीच भी असुरक्षा और संशय का माहौल बन गया है।
मान ली गलती, कस्टमर से मांगी माफी
विवाद बढ़ता देख, आउटलेट के स्टाफ और फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट ने अपनी गलती मान ली। उन्होंने पीड़ित परिवार से माफी मांगी और खाने की राशि वापस करने की पेशकश की।
इसके बाद, आउटलेट के मालिक ने भी फोन कर पीड़ित परिवार से संपर्क किया और व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी। हालांकि, शिकायतकर्ता इस माफी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि आस्था को हुई क्षति को पैसे या माफी से नहीं सुधारा जा सकता।
उपभोक्ता संगठनों ने की अलग रसोई की मांग
इस मामले के सामने आते ही सामाजिक संगठनों और उपभोक्ता समूहों ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि ऐसे आउटलेट्स में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए पूरी तरह से अलग रसोई और स्टाफ की व्यवस्था होनी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने खाद्य विभाग से इस आउटलेट के लाइसेंस की जांच करने की भी अपील की है।
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