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Inside Story
इस इस्तीफे के पीछे भी वही पुरानी बीमारी है- अंदरूनी कलह और सुपीरियरिटी कॉम्प्लेक्स की लड़ाई…
आखिर क्या हुआ था शुक्रवार को
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे में लिखा कि वे परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे, इस कारण उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ने का निर्णय लिया है।
कटारे ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे पत्र में लिखा कि वे पार्टी के लिए हमेशा तैयार रहेंगे और जिस भी व्यक्ति को इस पद की जिम्मेदारी दी जाएगी, वे पूरा सहयोग करेंगे।
उन्होंने (हेमंत कटारे का इस्तीफा) कहा कि पार्टी ने उन्हें इस पद के लिए चुना, इसके लिए वे आभारी रहेंगे।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस्तीफे की पुष्टि की
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शाम करीब 7 बजे कटारे के इस्तीफे की पुष्टि की और एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें बताया गया कि कटारे ने यह इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को सौंपा है।
पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं
कांग्रेस के संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने स्पष्ट किया कि कटारे ने इस्तीफे में पारिवारिक जिम्मेदारियों और समय की कमी का उल्लेख किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से।
कटारे कांग्रेस के साथ बने रहेंगे। इस्तीफे की स्वीकृति का निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विवेकाधिकार पर निर्भर करेगा।
Thesootr Inside : तो ये है असली कहानी
दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा में गहमागहमी का माहौल था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा में नहीं थे। इसी दौरान विस अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पर बोलने वाले विपक्ष के विधायकों के नाम मांग लिए।
thesootr को मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे में मौके पर मौजूद उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने 16 विधायकों के नाम की सूची दे दी। उसी दौरान उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे तो वे इस पर उखड़ गए और सूची को काट दिया।
स्वभाविक है कि इससे हेमंत कटारे को अपमान महसूस हुआ और उन्होंने उपनेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं विपक्ष की ओर से बोलने वाले विधायकों में शामिल महेश परमार तो इतने नाराज हुए कि उन्होंने तो सदन से ही वॉकआउट कर दिया।
देर रात तक चली बैठक, नहीं निकला नतीजा
अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, मामले को लेकर उमंग सिंघार और हेमंत कटारे के बीच देर रात करीब एक घंटे तक बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दोनों के बीच के विवाद का हल नहीं निकल पाया है।
कांग्रेस में जारी है सुपीरियरिटी कॉम्प्लेक्स
एमपी कांग्रेस (MP Congress) और उसके बड़े नेताओं के बीच खुद को बड़ा साबित करने की होड़ आए दिन उजागर होती रहती है। यही हाल हेमंत कटारे और उमंग सिंघार बीच भी रहा है। कई बार ऐसे अवसर आए, जब हेमंत कटारे को नीचा दिखाने की कोशिशें हुई हैं। इससे पहले मुकेश नायक का विवाद हुआ था।
सिंघार ने कहा- हम समझेंगे, कोई बात नहीं
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कटारे के इस्तीफे पर कहा कि यह हमारे लिए अप्रत्याशित था। वे परिवार से संबंधित हैं, इसलिए हम कारण जानने के बाद इसे समझेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या कटारे बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, तो सिंघार ने इसे नकारते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
बीजेपी विधायक से मजाक में कही बात
Hemant Katare ने शुक्रवार को विधानसभा से बाहर निकलते समय बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी से मजाक करते हुए कहा था, "भाईसाहब, मुझे भी साथ ले चलिए।" सबनानी ने इसे केवल एक मजाक बताया और कहा कि वह नहीं जानते कि कटारे बाद में कहां गए।
इस्तीफे के बाद कटारे की सफाई
इस्तीफे के बाद हेमंत कटारे ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने कुछ अहम बातें कही हैं।
हेमंत कटारे ने लिखा, "कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है! और हां, मेरे फोन न उठाने पर कृपया ज्यादा कयास न लगाएं। शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि मेरा अधिकार है।
कभी-कभी नेता भी इंसान होते हैं। अब सुन लो भाजपाइयों, ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है। सोमवार से सदन में पूरी तैयारी और ताकत के साथ रहूंगा और हमेशा की तरह आपको धोने का काम करूंगा।"
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