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Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने मध्यप्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। कटारे ने इस्तीफे में लिखा कि वे परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे पत्र में कटारे ने कहा कि संगठन जिसे चाहे इस पद की जिम्मेदारी दे, वे पूर्ण सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें इस योग्य समझा, इसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे।
अटेर के लिए रवाना
हेमंत कटारे की आज मैरिज एनिवर्सरी है, और इसी दिन उन्होंने इस्तीफा दिया। वे आज शाम करीब 4 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही में मौजूद रहे थे, इसके बाद वे अटेर के लिए रवाना हो गए।
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पारिवारिक कारण बताया
हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वे परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद से हटने का निर्णय लिया। पार्टी नेतृत्व को भेजे पत्र में उन्होंने संगठन के प्रति आभार भी जताया है।
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अंदरखाने की कहानी कुछ और?
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर कटारे की स्थिति पिछले कुछ समय से कमजोर होती जा रही थी
- संगठन में वे अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे थे।
- कई वरिष्ठ नेताओं का उन्हें खुला समर्थन नहीं मिल रहा था।
- रणनीतिक बैठकों में उनकी भूमिका सीमित होती जा रही थी।
कानूनी दबाव भी बना कारण
सरकार और EOW (आर्थिक अपराध शाखा) की ओर से उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक दबाव बढ़ गया था। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने उनकी स्थिति को और कठिन बना दिया।
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वरिष्ठ नेताओं से बढ़ी दूरी
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ उनके संबंधों में तालमेल की कमी देखी जा रही थी। इन परिस्थितियों ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल कर दिया।
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कांग्रेस के लिए क्या संकेत?
- संगठन में अंदरूनी असंतोष की झलक
- नेतृत्व के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती
- विपक्ष की भूमिका पर पड़ सकता है असर
- आगामी राजनीतिक रणनीति पर सवाल
फिलहाल पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन हेमंत कटारे का इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर गया है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के बेटे हैं हेमंत कटारे
विधानसभा चुनाव 2023 में हेमंत कटारे ने बीजेपी के पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को 22 हजार 28 वोटों से हराया था। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के बेटे हैं। हेमंत कटारे पहली बार 2013 में अटेर सीट से विधायक बने थे, लेकिन 2018 में चुनाव हार गए थे। उनके पिता, सत्यदेव कटारे, अटेर सीट से 4 बार विधायक रहे थे और वे मध्य प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके थे।
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