आदिवासी बहुल धार जिला में कुपोषण का संकट: 25 हजार बच्चे चपेट में, आंगनवाड़ी केंद्र धार से हो रही निगरानी
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 07, 2026, 17:51 IST
कुपोषण के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अति गंभीर कुपोषण श्रेणी में 5 हजार से ज्यादा बच्चे पहुंचे।
मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिला से कुपोषण के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बता दें करीब पच्चीस हजार बच्चों में से पांच हजार से ज्यादा अति गंभीर कुपोषण (SAM) कैटेगरी में हैं। इसके लिए धार महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनवाड़ी केंद्र मिलकर निगरानी कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में बीते पांच महीनों में 250 गंभीर मामले दर्ज हुए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- धार कुपोषण के आंकड़े विभागीय रिपोर्ट से सामने आए हैं।
- जिले में करीब 25 हजार बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
- 5 हजार से ज्यादा बच्चे अति गंभीर कुपोषण श्रेणी में हैं।
- NRC में पांच महीनों में 250 बच्चे भर्ती हुए।
- पोषण आहार आपूर्ति में तीन महीने की रुकावट की बात सामने आई।
धार में कितने बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, इससे पता चलता है कि कई बच्चों को सही पोषण नहीं मिल रहा है। जिला प्रशासन और डब्ल्यूएसीडीडी ऐसे बच्चों की पहचान कर रहे हैं। उनके इलाज और पोषण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पोषण पुनर्वास केंद्र NRC में बढ़ा भार
परी की कहानी, उम्मीद की एक मिसाल
डॉक्टरों की देखरेख में भी उसका इलाज हुआ। इसके बाद उसके वजन और सेहत में सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले को एक मिसाल मान रहा है। विभाग के मुताबिक, समय पर कुपोषण की पहचान जरूरी है। इससे समय पर कुपोषण का असर कम किया जा सकता है।
बच्चों के साथ माताओं को भी ट्रेनिंग
आंगनवाड़ी केंद्रों से हो रही निगरानी
पोषण आहार की सप्लाई पर उठे सवाल
एक्सपर्ट के मुताबिक, यह व्यवस्था कई परिवारों के लिए जरूरी है। खासकर आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए। ऐसे में पोषण आहार की नियमित सप्लाई जरूरी है। सवाल यह है कि ऐसी रुकावट फिर नहीं होगी। इसकी गारंटी आखिर कौन देगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी अपनी बात रखी है। विभाग के मुताबिक, कुपोषण सिर्फ खाना कम मिलने से नहीं होता। इसमें स्वास्थ्य और साफ-सफाई की भी बड़ी भूमिका है। टीकाकरण और जागरूकता भी इसमें अहम हैं। विभाग परिवारों से भी सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। बच्चों को पौष्टिक खाना देने की सलाह दी जा रही है। साफ-सफाई का ध्यान रखने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियां बरतने की अपील भी की गई है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- धार जिले में कुपोषण की स्थिति क्या है?
धार जिले में करीब 25 हजार बच्चे कुपोषण से प्रभावित हैं, जिनमें से 5 हजार से अधिक बच्चे अति गंभीर कुपोषण श्रेणी में हैं। - पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में किस तरह का इलाज किया जाता है?
पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषण से प्रभावित बच्चों का इलाज किया जाता है, जहां उन्हें पौष्टिक भोजन, दवाएं और आवश्यक चिकित्सा दी जाती है। - कुपोषण से लड़ने के लिए माताओं को क्या प्रशिक्षण दिया जाता है?
कुपोषण से लड़ने के लिए माताओं को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें पोषण संबंधी जानकारी, पौष्टिक भोजन बनाने के तरीके और बच्चों की देखभाल का दिशानिर्देश शामिल है।
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