SC पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से बवाल, इंदौर महापौर बोले- अवमानना का केस कराएंगे
Sanjay Gupta | Jun 12, 2026, 08:01 IST
SC पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी
राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के मामले में एक और विवाद हो गया है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस मामले में केंद्र, राज्य व चुनाव आयोग के साथ ही सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी कर दी है।
राज्यसभा के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होने का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में कांग्रेस पहले चुनाव आयोग पहुंची, लेकिन वहां से फैसला नहीं आया।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन केस पर सुनवाई आज शुक्रवार को होगी। उधर नाम-वापसी का समय गुरुवार शाम चार बजे खत्म हो गया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों का नाम निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया।
यह बोले
पूर्व सीएम गुरुवार, 11 जून को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं होने पर नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि चोरी हुई है तो सभी शामिल हैं। राज्य, केंद्र भी, चुनाव आयोग भी और मुझे कहना पड़ रहा है सुप्रीम कोर्ट भी।
उन्होंने आगे कहा कि जब कोर्ट को मालूम था कि चार बजे बाद याचिका का मतलब नहीं रहेगा तो फिर कल (शुक्रवार) की तारीख क्यों लगाई? यह मिली-जुली चोरी है। मीनाक्षी पर कोई आपराधिक केस नहीं है।
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इस पर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि एक पूर्व सीएम का इस तरह से सर्वोच्च संस्था के खिलाफ शब्दों का प्रयोग करना बेहद दुखद है। वह खुद मिस्टर बंटाधार रहे हैं। मध्यप्रदेश के साथ ही कांग्रेस का भी बंटाधार किया है।
पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि वह खुद अपने उम्मीदवार का फॉर्म सही नहीं भरवा सके। केस था तो इसकी एक लाइन की जानकारी देने में क्या हर्ज था? उनके पास इतने विद्वान वकील हैं लेकिन वह दो दिन तक सोते रहे।
उन्होंने आगे कहा कि नियम के अनुसार चुनाव आयोग के पास अपील सुनने का प्रावधान ही नहीं है। चुनाव याचिका भी 30 दिन बाद लगती है। फिर वह दो दिन सोते क्यों रहे, सुप्रीम कोर्ट पहले क्यों नहीं गए?
महापौर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तो उनकी याचिका को तत्काल लिया और शुक्रवार को सुनवाई लगाई, लेकिन वह ही सोते रहे। अब ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की यह अवमानना है। उन पर अवमानना का केस लगना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट स्वप्रेरणा से उन पर केस दर्ज करे नहीं तो हम उन पर केस कराएंगे।
महापौर ने कहा कि वह लगातार संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ गलत टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वह भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखते हैं और पाकिस्तान का संविधान ही पसंद है।
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इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन केस पर सुनवाई आज शुक्रवार को होगी। उधर नाम-वापसी का समय गुरुवार शाम चार बजे खत्म हो गया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों का नाम निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया।
यह बोले दिग्विजय सिंह ...
उन्होंने आगे कहा कि जब कोर्ट को मालूम था कि चार बजे बाद याचिका का मतलब नहीं रहेगा तो फिर कल (शुक्रवार) की तारीख क्यों लगाई? यह मिली-जुली चोरी है। मीनाक्षी पर कोई आपराधिक केस नहीं है।
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महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- दो दिन तक सोते क्यों रहे?
पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि वह खुद अपने उम्मीदवार का फॉर्म सही नहीं भरवा सके। केस था तो इसकी एक लाइन की जानकारी देने में क्या हर्ज था? उनके पास इतने विद्वान वकील हैं लेकिन वह दो दिन तक सोते रहे।
उन्होंने आगे कहा कि नियम के अनुसार चुनाव आयोग के पास अपील सुनने का प्रावधान ही नहीं है। चुनाव याचिका भी 30 दिन बाद लगती है। फिर वह दो दिन सोते क्यों रहे, सुप्रीम कोर्ट पहले क्यों नहीं गए?
सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान ले या फिर हम केस कराएंगे
सुप्रीम कोर्ट की यह अवमानना है। उन पर अवमानना का केस लगना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट स्वप्रेरणा से उन पर केस दर्ज करे नहीं तो हम उन पर केस कराएंगे।
महापौर ने कहा कि वह लगातार संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ गलत टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वह भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखते हैं और पाकिस्तान का संविधान ही पसंद है।
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