डीएमई की नियुक्ति पर सरकार की चुप्पी से नाराज डॉक्टर
Sanjay Sharma | May 05, 2025, 21:04 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग एक नए विवादों से घिर गया है। अभी नर्सिंग कॉलेज घोटाले की आंच धीमी नहीं पड़ी है कि मेडिकल कॉलेजों को नियंत्रित करने वाले डीएमई की नियुक्ति पर सवाल उठने लगे हैं।
BHOPAL. मध्यप्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग एक नए विवादों से घिर गया है। अभी नर्सिंग कॉलेज घोटाले की आंच धीमी नहीं पड़ी है कि मेडिकल कॉलेजों को नियंत्रित करने वाले डीएमई की नियुक्ति पर सवाल उठने लगे हैं। डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के पद पर की गई नियुक्ति का मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और जूनियर डॉक्टर विरोध जता रहे हैं। इसके साथ ही नियुक्ति निरस्त नहीं करने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन भी शुरू कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षक और जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में चिकित्सा महासंघ भी उतर आया है।
हाल ही में सरकार ने डीएमई के खाली पड़े पद पर डॉ.अरुणा कुमार की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन प्रदेश में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को नियंत्रित करने वाला पद है। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होने वाली नियुक्तियां, खरीदी सहित सभी काम डीएमई के निर्देशन में ही होते हैं। इस लिहाज से इस पद पर नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस पद पर डॉ.अरुणा कुमार की नियुक्ति का आदेश साामने आते ही सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डीन, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्षों के अलावा सीनियर प्रोफेसरों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
ये खबरें भी पढ़ें :
CISF Recruitment 2025 : सीआईएसएफ में महिलाओं के लिए निकली भर्ती, जानें कितनी मिलगी सैलरी
रिटायर्ड सचिव स्तर के IAS भी बन सकेंगे सहकारी निर्वाचन आयुक्त
मेडिकल कॉलेजों में डीएमई की नियुक्ति पर हो रहे विरोध में जूनियर डॉक्टरों के अलावा चिकित्सा शिक्षक भी उतर आए हैं। वहीं मध्यप्रदेश चिकित्सा महासंघ ने भी इस विरोध का समर्थन किया है। जिससे मामला गरमा गया है। सोमवार को प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया है। एक दिन पहले ही प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और जूडा (जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।
जूडा का कहना है हमीदिया मेडिकल कॉलेज में डॉ.अरुणा कुमार की कार्यशैली और व्यवहार से परेशान होकर जूनियर डॉक्टर आत्महत्या कर चुकी है। डीएमई जैसे पद पर किसी वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सक को पदस्थ किया जाना चाहिए। जूडा ऐसा न होने पर सामूहिक त्यागपत्र की चेतावनी भी दे चुका है। जूडा की हड़ताल के बाद अब प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों से डीएमई डॉ.अरुणा कुमार को हटाने के लिए विरोध पत्र सीएम को सौंपने की तैयारी कर रहा है।
ये खबरें भी पढ़ें :
सुनो बच्चो! रिजल्ट का बिलकुल लोड मत लेना, हम सब आपके साथ हैं...एन्जॉय करो
MP Board Result: 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 6 मई को, सीएम मोहन यादव करेंगे घोषित
मेडिकल टीचर्स और जूडा नाराज
ये खबरें भी पढ़ें :
CISF Recruitment 2025 : सीआईएसएफ में महिलाओं के लिए निकली भर्ती, जानें कितनी मिलगी सैलरी
रिटायर्ड सचिव स्तर के IAS भी बन सकेंगे सहकारी निर्वाचन आयुक्त
मेडिकल कॉलेजों में हो रहा विरोध
जूनियर डॉक्टर ने की थी सुसाइड
ये खबरें भी पढ़ें :
सुनो बच्चो! रिजल्ट का बिलकुल लोड मत लेना, हम सब आपके साथ हैं...एन्जॉय करो
MP Board Result: 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 6 मई को, सीएम मोहन यादव करेंगे घोषित
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari