मध्य प्रदेश सहित 13 राज्यों में नकली टोल से 120 करोड़ की धोखाधड़ी
Sandeep Kumar | Jan 24, 2025, 09:19 IST
duplicate-software-toll-tax
एनएचएआई के सॉफ्टवेयर जैसे डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर से 13 राज्यों में करोड़ों की टोल टैक्स चोरी हुई। यह एमपी समेत देश के 13 राज्यों से चोरी की गई है। यूपी STF ने मास्टरमाइंड सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया।
हाल ही में एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, जिसमें बिना फास्ट टैग वाली गाड़ियों से करोड़ों का टोल टैक्स चोरी किया गया। एनएचएआई (NHAI) के सॉफ्टवेयर के जैसे एक डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर को 13 राज्यों में करीब 200 टोल प्लाजा के कंप्यूटर में इंस्टॉल किया गया था। इस सॉफ्टवेयर के जरिए निजी कंपनियों और ठेकेदारों ने बिना एनएचएआई को हिस्सा दिए टोल वसूला। यूपी एसटीएफ (UP STF) ने मास्टरमाइंड आलोक सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है, और जांच जारी है।
किराए पर खेत, फिर खुदाई, उसके बाद क्रूड ऑयल पर चोरों ने किया हाथ साफ
NHAI के सॉफ्टवेयर जैसा एक डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर 13 राज्यों के लगभग 200 टोल प्लाजा पर इंस्टॉल किया गया था, जिससे बिना फास्ट टैग वाली गाड़ियों से लाखों रुपए की टोल टैक्स चोरी हो रही थी।
अधिकारियों का अनोखा कारनामा : कागजों पर बसाया फर्जी गांव, हड़पे लाखों रुपए
आलोक सिंह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जो पहले एनएचएआई के लिए सॉफ्टवेयर बनाता और इंस्टॉल करता था। बाद में, उसने धोखाधड़ी शुरू कर दी और ठेकेदारों के साथ मिलकर टोल वसूली में गड़बड़ी की।
महिला बाल विकास विभाग में बर्तनों की खरीददारी में करोड़ों का भ्रष्टाचार
यह घोटाला पिछले दो साल से चल रहा था। आलोक और उसके साथियों ने कई टोल प्लाजा पर नकली सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए थे, जिसके माध्यम से एनएचएआई को बिना हिस्से के पूरी टोल राशि हड़प ली गई थी।अब तक करीब 120 करोड़ रुपए का घोटाला हो चुका है।
सहारा समूह ने जमीन बेचने में किया घोटाला, EOW ने दर्ज किया मामला
सामान्य रूप से टोल वसूली से प्राप्त राशि का 50% एनएचएआई और 50% निजी कंपनी या ठेकेदार को मिलता है। लेकिन इस धोखाधड़ी में एनएचएआई को कोई हिस्सा नहीं मिला, जबकि सभी पैसे ठेकेदारों और सॉफ्टवेयर बनाने वाले को मिल गए।
किराए पर खेत, फिर खुदाई, उसके बाद क्रूड ऑयल पर चोरों ने किया हाथ साफ
डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर की पहचान और जाल
अधिकारियों का अनोखा कारनामा : कागजों पर बसाया फर्जी गांव, हड़पे लाखों रुपए
मास्टरमाइंड आलोक सिंह का करियर
महिला बाल विकास विभाग में बर्तनों की खरीददारी में करोड़ों का भ्रष्टाचार
कब और कैसे हुआ घोटाला
सहारा समूह ने जमीन बेचने में किया घोटाला, EOW ने दर्ज किया मामला
एनएचएआई और निजी कंपनियों का हिस्सा
FAQ
- यह टोल टैक्स धोखाधड़ी कैसे हुई?
धोखाधड़ी एक डुप्लीकेट सॉफ़्टवेयर के माध्यम से हुई, जो एनएचएआई के सॉफ़्टवेयर के समान था और इसे 13 राज्यों के लगभग 200 टोल प्लाजा पर इंस्टॉल किया गया था। - मास्टरमाइंड आलोक सिंह का क्या रोल था?
मास्टरमाइंड आलोक सिंह एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर था, जो पहले एनएचएआई के लिए सॉफ़्टवेयर बनाता था। बाद में उसने अपने धोखाधड़ी के नेटवर्क को स्थापित किया। - यह घोटाला कब से चल रहा था?
यह घोटाला पिछले दो वर्षों से चल रहा था, जिसमें कई टोल प्लाजा पर नकली सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल किए गए थे। - एनएचएआई और निजी कंपनियों की आमदनी कैसे प्रभावित हुई?
सामान्यत: टोल वसूली से प्राप्त राशि का 50% एनएचएआई को और 50% निजी कंपनियों या ठेकेदारों को मिलता है। इस धोखाधड़ी में, एनएचएआई को कोई हिस्सा नहीं मिला। - यूपी एसटीएफ ने क्या कदम उठाए हैं?
यूपी एसटीएफ ने इस मामले में मास्टरमाइंड आलोक सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari