रील के बाद कोर्ट में रियल 'टॉयलेट एक प्रेमकथा', घर में शौचालय बना और परिवार टूटने से बच गया
Jitendra Shrivastava | Sept 15, 2024, 24:09 IST
thesootr
मध्यप्रदेश के मंदसौर के परिवार न्यायालय में चर्चित फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेमकथा' की पुनरावृत्ति देखने को मिली। विवाद के बाद जज ने समझौता कराया, घर के अंदर शौचायल बना और एक परिवार टूटने से बच गया...
मध्यप्रदेश के मंदसौर में परिवार न्यायालय में शनिवार, 14 सितंबर को चर्चित फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' की पुनरावृत्ति देखने को मिली। न्यायालय की मध्यस्थता से ससुर, बहू के लिए घर के अंदर शौचालय बनाने को तैयार हुआ और परिवार टूटने से बच गया। प्रधान न्यायाधीश गंगाचरण दुबे ने पक्षकारों के बीच ये समझौता कराया गया।
दरअसल, नसरीन का निकाह जुवेद अहमद के साथ 26 अप्रैल 2019 को दावतखेड़ी में 51हजार 786 रुपए मेहर के साथ तय हुआ था। कुछ समय बाद नसरीन ने पति और उसके परिजनों पर आरोप लगाया कि वे उसके साथ मारपीट करते हैं। एक लाख रुपए दहेज मांगकर प्रताड़ित करते हैं साथ ही ससुराल में उसकी देखभाल भी नहीं होती है। नसरीन ने बताया कि डिलेवरी के बाद पुत्र की सही देखभाल न होने से उसका इंतकाल हो गया। सास-ससुर, पांच नन्द सामूहिक रूप से मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता है। इस क्रूरता के कारण उसने 14 मई 2019 को ससुराल छोड़ दिया। वहीं पति और उसके परिजन ने कहा कि एक लाख रुपए लिए बिना वापस मत आना। इसके बाद नसरीन ने अपने ससुराल वालों के विरुद्ध मुकदमें दर्ज कराए और स्वयं के भरण-पोषण दिलाने की मांग की।
परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश गंगाचरण दुबे के समक्ष प्रकरण पहुंचा तो विवाद कुछ और ही निकला। निकाह के बाद जब नसरीन अपने ससुराल पहुंची तो वहां नजारा देख वह दंग रह गई। ससुराल में जुवैद की पांच बहनें, नसरीन के जेठ और उनकी पत्नी तथा माता-पिता संयुक्त परिवार में रहते हैं। यहां तक कि उनके घर में शौचालय भी नहीं है, जिससे घर की महिलाओं को शौच हेतु लगभग एक किलोमीटर दूर जाना होता है। समस्या पता चलने के बाद न्यायालय की सलाह के बाद जुवैद के पिता शौचालय बनवाने को तैयार हो गए। साथ ही दो महीने के अंदर उन्होंने शौचालय बनवाने का न्यायालय को लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद सालों से रूठी नसरीन, जुवैद और उसके संयुक्त परिवार के साथ रहने को तैयार हो गई।
मामले में नसरीन की ओर से अनवर अहमद और जुवैद की ओर से शेरू मंसूरी अधिवक्ताओं ने न्यायमित्र के रूप में तथा शुभम जैन, अधिवक्ता ने खण्डपीठ के सुलहकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान की। परिवार न्यायालय मंदसौर में कुल 60 प्रकरणों का निराकरण हुआ।
ऐसा था पूरा मामला...
न्यायालय में मामला कुछ और ही निकला
परिवार न्यायालय में 60 प्रकरणों का हुआ निराकरण
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj