महिला प्रोफेसर election duty से बचने हुई Corona पॉजीटिव ?

जबलपुर के स्वास्थ्य महकमे सहित प्रशासनिक अधिकारियों में उस वक्त हड़कंप की स्थिति बन गई, जब चुनाव ड्यूटी में न लगाए जाने के आवेदन के साथ एक 56 वर्षीय महिला प्रोफेसर ने कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट जमा की... 

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Jitendra Shrivastava
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नील तिवारी, JABALPUR. लोकसभा चुनाव के चलते शासकीय कर्मचारियों सहित शिक्षकों की भी निर्वाचन ड्यूटी ( ELECTION DUTY ) लगाई जाती है। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार समस्त अवकाश रद्द कर दिए जाते हैं। पर इस दौरान एक ऐसा आवेदन सामने आया जिसे देखकर अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए। दरअसल 56 वर्षीय महिला जो कॉलेज में प्रोफेसर हैं उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन के साथ कोरोना ( Corona ) पॉजीटिव होने की जानकारी विभाग को दी। इसके बाद स्वास्थ विभाग के अधिकारियों मे भी हड़कंप मच गया। कोरोना ने पूरे देश में कहर बरपाया था और मध्यप्रदेश में इसका पहला मामला जबलपुर से ही सामने आया था। अब लंबे समय से जबलपुर में कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, ऐसे में इस मामले कि सच्चाई पता लगाने स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन में आया। 

मेडिकल बोर्ड को बिना सूचना दिए पैथोलॉजी ने जारी की रिपोर्ट 

जबलपुर के CMHO डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि पोर्टल पर एक कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट मिली है, पर इस रिपोर्ट की सत्यता शक के घेरे में हैं क्योंकि इस टेस्ट की विधि ICMR कि गाइडलाइन के अनुसार मान्य नहीं है। क्योंकि नियम अनुसार निजी लैब में हुए परीक्षण के बाद बचा हुआ सैंपल या तो शासकीय विक्टोरिया अस्पताल या मेडिकल कॉलेज भेजना होता है। जहां RTPCR टेस्ट होने के बाद यदि रिपोर्ट पॉजीटिव आती है तब ही वह मान्य होती है। 

मान्य नहीं है रिपोर्ट, लैब पर होगी कार्यवाही 

संजय मिश्रा के अनुसार बंसल पैथोलॉजी ने सैंपल न भेजते हुए नियम विरुद्ध रिपोर्ट जारी की है जिस पर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही कथित कोरोना पॉजीटिव महिला का RTPCR टेस्ट पॉजीटिव आने के बाद ही उसे पॉजीटिव माना जाएगा। अब बंसल पैथोलॉजी पर कार्यवाही निश्चित है, लेकिन यदि महिला का RTPCR टेस्ट नेगेटिव आता है तो निर्वाचन ड्यूटी से बचने पर महिला प्रोफेसर पर भी कार्यवाही की गाज गिर सकती है। 

इन कर्मचारियों पहले ही मिल चुकी चुनाव ड्यूटी से राहत  

निर्वाचन आयोग ने पहले ही ऐसे अधिकारी व कर्मचारी जो 6 महीने बाद सेवानिवृत्त (retired) हो रहे हैं उनके नाम चुनावी ड्यूटी से हटाए जाने के निर्देश दे दिए थे साथ ही मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ करीब 72 हजार अतिथि शिक्षकों की ड्यूटी भी चुनाव में नहीं लगाई जाएगी। यह आदेश उन अतिथि शिक्षकों के लिए है जिनकी सेवाएं 30 अप्रैल 2024 समाप्त होगी। वहीं स्टेट फॉरेस्ट रेंजर्स ऑफिसर एसोसिएशन कि हाईकोर्ट में चुनाव ड्यूटी के खिलाफ याचिका के बाद वनविभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों की भी लोकसभा चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।

Corona ELECTION DUTY महिला प्रोफेसर