छतरपुर में पूर्व मंडी अध्यक्ष डीलमणि बब्बू राजा को फिर भाई हाथी की सवारी, कांग्रेस को किया टाटा, BSP का थामा दामन
Chandresh Sharma | Oct 07, 2023, 24:00 IST
छतरपुर में पूर्व मंडी अध्यक्ष डीलमणि बब्बू राजा को फिर भाई हाथी की सवारी, कांग्रेस को किया टाटा, BSP का थामा दामन
5 साल तक कांग्रेस में रहे छतरपुर के पूर्व मंडी अध्यक्ष डीलमणि सिंह बब्बू राजा ने कांग्रेस को छोड़कर बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे ही BSP की ओर से चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में चुनाव के ठीक पहले तक दलबदल का दौर जारी है। अब बुंदेलखंड में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। कांग्रेस बुंदेलखंड से इन चुनावों में काफी उम्मीदें बांधकर रखे है। यही कारण है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सागर में सभा के लिए बुलाया गया था, नजर दलित वोटों पर थी। लेकिन अब 5 साल तक कांग्रेस में रहे छतरपुर के पूर्व मंडी अध्यक्ष डीलमणि सिंह बब्बू राजा ने कांग्रेस को छोड़कर बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बब्बूराजा ही बीएसपी की ओर से छतरपुर में चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।
सूची जारी न होने का भी डिसएडवांजेट
कहा यह जा रहा है कि कांग्रेस की सूची में देरी होने की वजह से ऐसे कई और नेता हैं जिनका सब्र जवाब देता जा रहा है। कारण यह है कि ऐन वक्त तक कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले तो ऐसे राजनैतिक लोगों की महत्वाकांक्षा का क्या होगा, जो विधानसभा चुनाव लड़ने एकदम तैयार बैठे हैं। कुछ ऐसा ही माजरा है, वरना डीलमणि सिंह बब्बू राजा तो पूरे 5 साल तक कांग्रेस के वफादार रहे। जुलाई माह में सैकड़ों समाजसेवियों को पार्टी भी ज्वाइन करा चुके थे।
भोपाल में ग्रहण की सदस्यता
दरअसल इस बात का खुलासा तब हुआ जब बहुजन समाज पार्टी कार्यालय भोपाल में पार्टी का गमछा ओढ़ते हुए बब्बूराजा की तस्वीरें सामने आईं। बता दें कि बब्बू राजा पहले बीएसपी में ही थे। साल 2008 और 2013 में वे बतौर बीएसपी प्रत्याशी चुनाव भी लड़ चुके हैं। साल 2018 में उन्होंने बीएसपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की थी।
टिकट पड़ गई थी खटाई में
बताया जा रहा है कि साल 2018 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आलोक चतुर्वेदी को चुनाव जितवाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। इस बार वे खुद विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन कांग्रेस से उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा था। बता दें कि बब्बू राजा कांग्रेस के काफी वफादार माने जाते थे, वे लगातार क्षेत्र की जनता से जुड़कर कांग्रेस को जीत दिलाने की कोशिश में जुटे हुए थे।
सूची जारी न होने का भी डिसएडवांजेट
कहा यह जा रहा है कि कांग्रेस की सूची में देरी होने की वजह से ऐसे कई और नेता हैं जिनका सब्र जवाब देता जा रहा है। कारण यह है कि ऐन वक्त तक कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले तो ऐसे राजनैतिक लोगों की महत्वाकांक्षा का क्या होगा, जो विधानसभा चुनाव लड़ने एकदम तैयार बैठे हैं। कुछ ऐसा ही माजरा है, वरना डीलमणि सिंह बब्बू राजा तो पूरे 5 साल तक कांग्रेस के वफादार रहे। जुलाई माह में सैकड़ों समाजसेवियों को पार्टी भी ज्वाइन करा चुके थे।
भोपाल में ग्रहण की सदस्यता
दरअसल इस बात का खुलासा तब हुआ जब बहुजन समाज पार्टी कार्यालय भोपाल में पार्टी का गमछा ओढ़ते हुए बब्बूराजा की तस्वीरें सामने आईं। बता दें कि बब्बू राजा पहले बीएसपी में ही थे। साल 2008 और 2013 में वे बतौर बीएसपी प्रत्याशी चुनाव भी लड़ चुके हैं। साल 2018 में उन्होंने बीएसपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की थी।
टिकट पड़ गई थी खटाई में
बताया जा रहा है कि साल 2018 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आलोक चतुर्वेदी को चुनाव जितवाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। इस बार वे खुद विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन कांग्रेस से उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा था। बता दें कि बब्बू राजा कांग्रेस के काफी वफादार माने जाते थे, वे लगातार क्षेत्र की जनता से जुड़कर कांग्रेस को जीत दिलाने की कोशिश में जुटे हुए थे।
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