इंदौर में पद संभालते हुए गोलू का निकला दर्द, क्या हुआ मुझसे दो बार विधानसभा का टिकट ले लिया, वहीं कार्यक्रम से दोनों विधायक रहे गायब
The Sootr | Sept 16, 2023, 24:00 IST
इंदौर में पद संभालते हुए गोलू का निकला दर्द, क्या हुआ मुझसे दो बार विधानसभा का टिकट ले लिया, वहीं कार्यक्रम से दोनों विधायक रहे गायब
इंदौर में शहर कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभालते हुए शुक्रवार शाम को विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री का दर्द उभर कर बाहर आ गया
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर में शहर कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभालते हुए शुक्रवार शाम को विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री का दर्द उभर कर बाहर आ गया। उन्होंने पद संभालने के बाद संबोधित करते हुए कहा कि- मेरे परिवार को कांग्रेस ने चार-चार बार पार्षद का टिकट दिया, तो क्या हुआ दो बार विधानसभा देकर ले लिया तो, क्या हुआ मुझे शहराध्यक्ष नहीं बनाया तो, लेकिन मुझे अब कार्यवाहक अध्यक्ष बनकर काम करने का मौका दिया है। मैं पार्टी और आप सभी के प्रेम से अभिभूत है। मेरी कोशिश है कि इंदौर शहर की सभी सीटें कांग्रेस जीते।
क्यों बोला गोलू ने ऐसा?
गोलू अग्निहोत्री की पत्नी प्रीति को कांग्रेस ने साल 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान इंदौर विधानसभा एक से टिकट दिया था, नामांकन तक भरा गए थे लेकिन साथ ही संजय शुक्ला ने नामांकन भरा और बाद में प्रीति का टिकट काटकर शुक्ला को फाइनल कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच भार विवाद चला और भारी मन से फिर अग्निहोत्री ने नाम वापस लिया। इसी तरह साल 2013 में भी गोलू का नाम इंदौर एक से था लेकिन बाद में दीपू यादव को कांग्रेस से टिकट मिला और इसी दौरान कांग्रेस से ही दावेदार कमलेश खंडेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और कांग्रेस यहां से हार गई थी। इसी तरह शहराध्यक्ष के लिए उनका नाम अरविंद बागड़ी के साथ रेस में सबसे आगे था, बाद में जब बागड़ी का होल्ड हुआ तो वह रेस में आगे थे लेकिन अचानक दिग्विजय सिंह के करीबी सुरजीत सिंह चड्ढा को टिकट मिल गया। पार्टी उन्हें विधानसभा चार के लिए प्रत्याशी बनाना चाहती थी लेकिन अब वह खुद ही पीछे हट गए हैं।
आखिर नहीं पहुंचे विधायक शुक्ला, पटेल और चड्ढा
वहीं पूरे पदभार ग्रहण कार्यक्रम के चलते कांग्रेस की गुटबाजी चर्चा में रही। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल के साथ ही शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा तीनों ही कार्यक्रम में नहीं थे। कारण बताया गया कि वह पार्टी के निर्देश पर भोपाल में बैठक में हैं। इसके पहले ही शुक्ला और पटेल की नाराजगी सामने आ चुकी थी, जब राजा मंधवानी के लगाए गए गोलू के पदभार विज्ञापन, पोस्टर में शुक्ला और पटेल दोनों ही नदारद थे, इसी बात को लेकर शुक्ला और पटेल दोनों की नाराजगी थी। बताया जा रहा है कि पदभार के पहले पटेल, शुक्ला और सुरजीत सिंह तीनों ही देपालपुर में एक कांग्रेसी के जन्मदिन के मौके पर गए थे और फिर वहीं से भोपाल रवाना हो गए। बीच में इंदौर से सुरजीत को फोन भी किए गए कि गोलू के पदभार के लिए आप आ जाईए, लेकिन उन्होंने दो टूक कह दिया पार्टी ने बुलाया है, आप भोपाल से मुझे फोन करा दीजिए कि मैं इंदौर लौट जाउं तो आ जाउंगा। आखिर तीनों ही कार्यक्रम में नहीं आए।
क्यों बोला गोलू ने ऐसा?
गोलू अग्निहोत्री की पत्नी प्रीति को कांग्रेस ने साल 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान इंदौर विधानसभा एक से टिकट दिया था, नामांकन तक भरा गए थे लेकिन साथ ही संजय शुक्ला ने नामांकन भरा और बाद में प्रीति का टिकट काटकर शुक्ला को फाइनल कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच भार विवाद चला और भारी मन से फिर अग्निहोत्री ने नाम वापस लिया। इसी तरह साल 2013 में भी गोलू का नाम इंदौर एक से था लेकिन बाद में दीपू यादव को कांग्रेस से टिकट मिला और इसी दौरान कांग्रेस से ही दावेदार कमलेश खंडेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और कांग्रेस यहां से हार गई थी। इसी तरह शहराध्यक्ष के लिए उनका नाम अरविंद बागड़ी के साथ रेस में सबसे आगे था, बाद में जब बागड़ी का होल्ड हुआ तो वह रेस में आगे थे लेकिन अचानक दिग्विजय सिंह के करीबी सुरजीत सिंह चड्ढा को टिकट मिल गया। पार्टी उन्हें विधानसभा चार के लिए प्रत्याशी बनाना चाहती थी लेकिन अब वह खुद ही पीछे हट गए हैं।
आखिर नहीं पहुंचे विधायक शुक्ला, पटेल और चड्ढा
वहीं पूरे पदभार ग्रहण कार्यक्रम के चलते कांग्रेस की गुटबाजी चर्चा में रही। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल के साथ ही शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा तीनों ही कार्यक्रम में नहीं थे। कारण बताया गया कि वह पार्टी के निर्देश पर भोपाल में बैठक में हैं। इसके पहले ही शुक्ला और पटेल की नाराजगी सामने आ चुकी थी, जब राजा मंधवानी के लगाए गए गोलू के पदभार विज्ञापन, पोस्टर में शुक्ला और पटेल दोनों ही नदारद थे, इसी बात को लेकर शुक्ला और पटेल दोनों की नाराजगी थी। बताया जा रहा है कि पदभार के पहले पटेल, शुक्ला और सुरजीत सिंह तीनों ही देपालपुर में एक कांग्रेसी के जन्मदिन के मौके पर गए थे और फिर वहीं से भोपाल रवाना हो गए। बीच में इंदौर से सुरजीत को फोन भी किए गए कि गोलू के पदभार के लिए आप आ जाईए, लेकिन उन्होंने दो टूक कह दिया पार्टी ने बुलाया है, आप भोपाल से मुझे फोन करा दीजिए कि मैं इंदौर लौट जाउं तो आ जाउंगा। आखिर तीनों ही कार्यक्रम में नहीं आए।
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