युवा नेतृत्व आते ही गोविंद सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास, समर्थकों के बीच की घोषणा, EVM पर भी खड़े किए सवाल
Jitendra Shrivastava | Dec 18, 2023, 24:00 IST
युवा नेतृत्व आते ही गोविंद सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास, समर्थकों के बीच की घोषणा, EVM पर भी खड़े किए सवाल
युवा नेतृत्व आने और हार से आहत होकर कांग्रेस नेता डॉक्टर गोविंद सिंह ने अब विधायक का चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है।
BHOPAL. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में सात बार लगातार चुनाव जीतने के बाद मिली करारी हार से आहत होकर कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉक्टर गोविंद सिंह ने अब विधायक का चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। अपने 6000 से ज्यादा समर्थकों के बीच पहुंचकर डॉक्टर गोविंद सिंह द्वारा इस बात की घोषणा की गई है। इस दौरान उन्होंने EVM पर सवाल खड़े करते हुए ईवीएम में गड़बड़ी होने का दावा किया और अमित शाह द्वारा दो तिहाई बहुमत हासिल करने के दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अब कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे गोविंद सिंह
डॉक्टर गोविंद सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि उनसे कोई गलती हुई होगी। इस वजह से लहार की जनता ने उन्हें यह सजा दी है। उन्होंने हार की इस सजा को सहज ही स्वीकार करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों ने उन्हें सात बार जिताया है, तीन बार मंत्री रहे एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रह लिए, लेकिन अब इस हार के बाद में कभी विधायकी का चुनाव नहीं लड़ेगे। डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि उनके कुछ समर्थक लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं कि वे लोकसभा चुनाव लड़ सकें और न ही उनमें अब इतना सामर्थ है।
गोविंद सिंह ने EVM पर सवाल खड़े किए
इस दौरान डॉक्टर गोविंद सिंह ने ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईवीएम की गड़बड़ी की वजह से बीजेपी चुनाव जीतती आ रही है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने पहले ही दो तिहाई बहुमत का ऐलान कर दिया था और ऐसा ही परिणाम निकलकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने 160 सीट जीतने का दावा किया था और वह 163 सीट जीत गए, कुल मिलाकर ईवीएम में गड़बड़ी करके बीजेपी चुनाव जीत रही है।
कांग्रेस से कोई नया चेहरा चुन लेंः गोविंद सिंह
अपने समर्थकों का मनोबल बढ़ाने के लिए डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि वह वही पुराने वाले डॉक्टर गोविंद सिंह हैं जो हमेशा अन्याय के लिए लड़ाई लड़ा करते थे, उनके समर्थकों पर अन्याय होगा तो वे उनके अन्याय की लड़ाई जरूर लड़ेगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि अब वह लहार विधानसभा के लिए कांग्रेस से कोई नया चेहरा चुन लें, जो चेहरा उनके समर्थक चुनेंगे वह भी उसके साथ ही खड़े हो जाएंगे।
बेटे और भतीजे में से चुनना हो रहा मुश्किल
हम आपको बता दें कि डॉक्टर गोविंद सिंह के बेटे अमित सिंह और डॉक्टर गोविंद सिंह के भतीजे अनिरुद्ध सिंह लगातार लहार विधानसभा में सक्रिय हैं, लेकिन बेटे और भतीजे में से किसी एक को चुनना डॉक्टर गोविंद सिंह के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। इसलिए उन्होंने अब यह फैसला अपने समर्थकों पर ही छोड़ दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि मंच से डॉक्टर गोविंद सिंह द्वारा अपने समर्थकों को दिए गए संदेश के बाद लहार विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. गोविंद सिंह के बेटे और भतीजे में से किसे अपने अगले नेता के रूप में चुनते है।
अब कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे गोविंद सिंह
डॉक्टर गोविंद सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि उनसे कोई गलती हुई होगी। इस वजह से लहार की जनता ने उन्हें यह सजा दी है। उन्होंने हार की इस सजा को सहज ही स्वीकार करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों ने उन्हें सात बार जिताया है, तीन बार मंत्री रहे एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रह लिए, लेकिन अब इस हार के बाद में कभी विधायकी का चुनाव नहीं लड़ेगे। डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि उनके कुछ समर्थक लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं कि वे लोकसभा चुनाव लड़ सकें और न ही उनमें अब इतना सामर्थ है।
गोविंद सिंह ने EVM पर सवाल खड़े किए
इस दौरान डॉक्टर गोविंद सिंह ने ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईवीएम की गड़बड़ी की वजह से बीजेपी चुनाव जीतती आ रही है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने पहले ही दो तिहाई बहुमत का ऐलान कर दिया था और ऐसा ही परिणाम निकलकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने 160 सीट जीतने का दावा किया था और वह 163 सीट जीत गए, कुल मिलाकर ईवीएम में गड़बड़ी करके बीजेपी चुनाव जीत रही है।
कांग्रेस से कोई नया चेहरा चुन लेंः गोविंद सिंह
अपने समर्थकों का मनोबल बढ़ाने के लिए डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि वह वही पुराने वाले डॉक्टर गोविंद सिंह हैं जो हमेशा अन्याय के लिए लड़ाई लड़ा करते थे, उनके समर्थकों पर अन्याय होगा तो वे उनके अन्याय की लड़ाई जरूर लड़ेगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि अब वह लहार विधानसभा के लिए कांग्रेस से कोई नया चेहरा चुन लें, जो चेहरा उनके समर्थक चुनेंगे वह भी उसके साथ ही खड़े हो जाएंगे।
बेटे और भतीजे में से चुनना हो रहा मुश्किल
हम आपको बता दें कि डॉक्टर गोविंद सिंह के बेटे अमित सिंह और डॉक्टर गोविंद सिंह के भतीजे अनिरुद्ध सिंह लगातार लहार विधानसभा में सक्रिय हैं, लेकिन बेटे और भतीजे में से किसी एक को चुनना डॉक्टर गोविंद सिंह के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। इसलिए उन्होंने अब यह फैसला अपने समर्थकों पर ही छोड़ दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि मंच से डॉक्टर गोविंद सिंह द्वारा अपने समर्थकों को दिए गए संदेश के बाद लहार विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. गोविंद सिंह के बेटे और भतीजे में से किसे अपने अगले नेता के रूप में चुनते है।
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