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पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...
ग्वालियर के पटेल नगर तिराहा पर बाबा साहब की तस्वीर जलाई गई।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा मुख्य आरोपी हैं।
साइबर सेल और पुरानी छावनी पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की है।
भीम आर्मी और दलित संगठनों ने एसपी ऑफिस पर विरोध जताया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने एक्शन लिया।
ग्वालियर शहर में बाबा साहब अंबेडकर के अपमान का मामला सामने आया है। यहां सिटी सेंटर के पास रक्षक मोर्चा ने एक जुलूस निकाला था। आरोप है कि इस दौरान डॉ. अंबेडकर की तस्वीर जलाई गई।
इसके साथ ही वहां काफी अपमानजनक नारेबाजी भी की गई थी। इस घटना के बाद पूरे शहर में भारी तनाव फैल गया। लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
वकील अनिल मिश्रा पर कार्रवाई
इस मामले में सबसे प्रमुख नाम वकील अनिल मिश्रा का है। रक्षक मोर्चा ने 1 जनवरी को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच सिटी सेंटर स्थित पटेल नगर तिराहा के पास एक जुलूस निकाला। एडवोकेट अनिल मिश्रा के नेतृत्व में निकाला गया यह जुलूस बिना अनुमति के आयोजित किया गया था।
गुरुवार रात पुलिस ने उन्हें मुरैना जाते समय हिरासत में लिया।वे वहां किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने उनकी गाड़ी को रास्ते में ही रोक लिया था। उन्हें तुरंत थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। उनके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है।
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सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
यह पूरा विवाद एक वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ। इस वीडियो को गौरव व्यास नामक युवक ने पोस्ट किया था। वीडियो में साफ दिख रहा था कि कुछ लोग फोटो जला रहे हैं। वे लोग बाबा साहब के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, दलित संगठन भड़क गए।
उन्होंने इसे सामाजिक भाईचारा बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश बताया। भीम आर्मी ने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच की।
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आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मकरंद बौद्ध की शिकायत पर साइबर सेल ने केस दर्ज किया। पुलिस ने कुल आठ लोगों के नाम आरोपी के तौर पर लिखे हैं। इनमें मोहित ऋषिश्वर, अमित दुबे और ध्यानेन्द्र शर्मा शामिल हैं। कुलदीप काकेरिया, गौरव व्यास और अमित भदौरिया पर भी केस है।
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इन सभी पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया। जुलूस में जातिगत संघर्ष भड़काने की कोशिश की गई थी। अब पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
दलित संगठन का विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को ग्वालियर एसपी ऑफिस के बाहर भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। भीम आर्मी और अन्य संगठनों ने जमकर नारेबाजी की थी। उन्होंने पुलिस को बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के अपमान के सबूत सौंपे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह संविधान का अपमान है। वे आरोपियों पर कड़े सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
HC परिसर में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर विवाद
यह पूरा मामला ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित ( अंबेडकर प्रतिमा विवाद ) करने को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ है। ग्वालियर अंबेडकर प्रतिमा के इस मुद्दे पर जूनियर और सीनियर अधिवक्ताओं के बीच पहले भी तनाव और झड़पें हो चुकी हैं। इसी विवाद (अंबेडकर मूर्ति विवाद) के बीच, पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने अपनी विवादित टिप्पणी सोशल मीडिया पर की थी। इसने स्थिति को और तूल दे दिया।
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