SC-ST एक्ट मुआवजे पर नई शर्त, राशि के लिए देना होगा हलफनामा, MP हाईकोर्ट का आदेश

Manya Jain | Jun 27, 2026, 15:11 IST
Share
gwalior high court sc st compensation rule
gwalior high court sc st compensation rule

जबलपुर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि SC-ST एक्ट के तहत मुआवजे की अगली किश्त पाने से पहले पीड़िता को शपथपत्र देना होगा। मुकरने पर 30 दिन में पूरी राशि वापस करनी होगी। जस्टिस विशाल मिश्रा ने यह आदेश दिया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जबलपुर हाईकोर्ट ने SC-STएक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे को लेकरएक अहम आदेश दियाहै।
  • कोर्ट ने कहा कि आर्थिकसहायता की अगली किश्तसे पहले पीड़ितासे शपथपत्र लियाजाए।
  • शपथपत्र में यहलिखा होगा कि वह मुकदमेके दौरान गवाही सेनहीं मुकरेगी।
  • यदिबाद में वह बयानबदलती है तो पूरी राशि30 दिन के भीतर सरकारको लौटानी होगी।

किस केस पर सुनाया आदेश

एक युवतीने जबलपुरहाईकोर्ट में SC-ST एक्ट के तहत याचिका दायरकी थी। उसने मांग कीथी कि चार्जशीटदाखिल होने के बाद देयआर्थिक सहायता की किश्तजारी की जाए।

सुनवाईके दौरान राज्य सरकारने अदालत के सामनेअपनी चिंता रखी। सरकारने कहा कि कई मामलोंमें पीड़ित पक्षमुआवजा लेने के बादट्रायल के समय अपने बयानबदल देता है। इससेसरकारी सहायता काउद्देश्य विफल हो जाता है।



हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया

जस्टिस विशाल मिश्रा ने आदेश दियाकि संबंधित अधिकारीपीड़िता से विधिवत हलफनामालें। इस हलफनामे मेंस्पष्ट रूप से लिखा होगाकि वह मुकदमे केदौरान आरोपी से समझौतानहीं करेगी और न हीअपनी गवाही से पीछेहटेगी।यदि ट्रायल केदौरान वह अपने आरोपों सेमुकरती है तो फैसले के 30दिन के भीतर पूरीसहायता राशि वापस करनीहोगी। राशि जमा न होने परउसकी वसूली की जा सकेगी।

sc st act compensation amount structure
sc st act compensation amount structure


ट्रायल कोर्ट भी कर सकता है आगे की कार्रवाई

हाईकोर्ट ने यहभी स्पष्ट किया कि यदिपीड़िता मुकरती है तोट्रायल कोर्ट उपलब्धतथ्यों के आधार पर आगे कीकानूनी कार्रवाई पर विचारकरने के लिए स्वतंत्ररहेगी। यानी केवल राशिवापस लेना ही नहीं,अन्य कार्रवाई भी होसकती है।

SC-ST एक्ट में मुआवजे का ढांचा क्या है

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियानीSC-ST (Scheduled Casteand ScheduledTribe) से जुड़े अत्याचारके मामलों मेंमध्यप्रदेश में 85 हजाररुपए से लेकर आठ लाख 85 हजाररुपए तक की आर्थिकसहायता दी जाती है। यहराशि राज्य और केंद्रसरकार 50-50 के अनुपातमें देती हैं।

इसका भुगतान तीन चरणोंमें होता है। मामला दर्जहोते ही 25% राशि मिलतीहै। कोर्ट में चार्जशीट दाखिलहोने पर 50% मिलती है। दोषसिद्ध होने पर शेष 25% दीजाती है। यानी दोष सिद्धहोने से पहले ही 75% राशिपीड़ित को मिल जाती है।

सरकार का तर्क है किइसी व्यवस्था का कुछ लोगफायदा उठा लेते हैंऔर बाद में ट्रायल के समयअपने बयान बदल देतेहैं।

यह आदेश क्यों अहम है

यह आदेशमध्यप्रदेश में पहली बारSC-ST मुआवजे के साथकानूनी जिम्मेदारी कोजोड़ता है। अबपीड़िता को शपथपत्र देकरयह वचन देना होगाकि वह अपनी बातपर कायम रहेगी।

इसआदेश के दो पहलूहैं। एक ओर यह सरकारीधन के दुरुपयोग कोरोकने का प्रयास है।दूसरी ओर, SC-STपीड़ितों के अधिकारों परइसके असर को लेकरसवाल भी उठ रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है किअसली पीड़ितों पर इसशर्त का दबाव नपड़े, यह सुनिश्चितकरना जरूरी है।

FAQ

  1. SC-ST एक्ट क्या होता है?
    SC-ST एक्ट का मुख्य उद्देश्य दलित और आदिवासी समुदायों के लोगों को सामाजिक भेदभाव, हिंसा, और उत्पीड़न से बचाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना है ।
  2. SC-ST एक्ट के तहत मध्यप्रदेश में कितना मुआवजा मिलता है?
    मध्यप्रदेश में SC-ST अत्याचार के मामलों में 85,000 से 8,85,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि राज्य और केंद्र सरकार 50-50 अनुपात में देती हैं। मामला दर्ज होते ही 25%, चार्जशीट पर 50% और दोष सिद्ध होने पर 25% मिलती है।
  3. हाईकोर्ट के नए आदेश के तहत शपथपत्र में क्या लिखना होगा?
    शपथपत्र में पीड़िता को यह वचन देना होगा कि वह मुकदमे के दौरान आरोपी से समझौता नहीं करेगी और न ही अपनी गवाही से मुकरेगी। यह हलफनामा आर्थिक सहायता की अगली किश्त मिलने से पहले देना होगा।
ये भी पढ़ें...

क्यों जरूरी है मंदिर में प्रवेश करते ही घंटी बजाना, भूलकर भी न करें ये गलती

RUMSL सोलर प्रोजेक्ट में बड़ा खेल? मेड इन इंडिया की शर्त, लेकिन लगा डाले चीन के मॉड्यूल, हो गया 1000 करोड़ का खेल

एमपी में दिनदहाड़े बैंक लूट की कोशिश, SI पर हमला, भीड़ ने पकड़ा बदमाश

अब ऑस्कर में भी कास्टिंग के लिए मिलेगा अवार्ड, जानें कैसे चुने जाते हैं किरदार

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • हाईकोर्ट
  • अनुसूचित जाति
  • अनुसूचित जनजाति
  • जस्टिस विशाल मिश्रा
  • आर्थिक सहायता
  • SC-ST
  • मुआवजा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा