सैंपल से पहले सड़क क्यों खोदी? ग्वालियर निगम पर हाईकोर्ट सख्त
Ratan Kumar Mishra | Aug 17, 2026, 22:17 IST
सैंपल से पहले सड़क क्यों खोदी?
ग्वालियर की खराब सड़कों की जांच अब और सख्त हो गई है। हाईकोर्ट ने जांच से पहले सड़क की परत हटाने पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने एक फीट नीचे से सैंपल लेने का आदेश दिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- ग्वालियर की खराब सड़कों की गुणवत्ता जांच का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है।
- एक सड़क से सैंपल लेने से पहले नगर निगम ने काम शुरू किया।
- कोर्ट ने इस कदम पर निगम आयुक्त से कड़े सवाल किए।
- अब जांच टीम एक फीट नीचे से सड़क का सैंपल लेगी।
- कोर्ट ने आयुक्त के मोबाइल और सड़क रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।
जांच से पहले सड़क पर काम क्यों शुरू ?
सड़कों की हालत खराब
यह सड़क बेटी बचाओ चौराहे से गुड़ा-गुड़ी नाके तक जाती है। इस सड़क का सैंपल 19 अगस्त को लिया जाना था। लेकिन उससे पहले सड़क पर काम शुरू कर दिया गया। रात में भारी मशीनें और जेसीबी मौके पर पहुंच गईं। सड़क की ऊपर वाली परत हटाई जाने लगी। इसके बाद नई परत डालने का काम शुरू हुआ।
हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त से क्या पूछा ?
सड़क लंबे समय से खराब बताई जा रही थी। फिर सैंपल से ठीक पहले काम क्यों शुरू हुआ। कोर्ट ने इस कदम को गंभीरता से लिया। अदालत ने निगम आयुक्त को भी कड़ी फटकार लगाई।
निगम आयुक्त ने सड़क काम पर क्या कहा?
अदालत ने जांच की निष्पक्षता को सबसे जरूरी बताया। अब एक फीट नीचे से सड़क का सैंपल लिया जाएगा सड़क की ऊपर वाली परत पहले ही हटाई गई है। इस कारण जांच टीम पुराने हिस्से तक पहुंचेगी।
कोर्ट ने एक फीट नीचे से सैंपल लेने का आदेश दिया। इससे सड़क की असली हालत सामने आ सकेगी। जांच टीम तय जगह से सैंपल एकत्र करेगी। सैंपल की प्रक्रिया भी कोर्ट ने तय कर दी है। हर जगह से चार अलग सैंपल लिए जाएंगे।
चार सैंपल की अलग-अलग जगह जांच होगी
जरूरत पड़ने पर तीसरे सैंपल की दोबारा जांच होगी। इसके लिए देश की किसी बड़ी लैब को चुना जा सकता है। सभी सैंपल पुलिस की मोहर से सील किए जाएंगे। इससे जांच के दौरान सैंपल बदलने की आशंका घटेगी।
निगम आयुक्त का मोबाइल भी जांच के दायरे में
रिकॉर्ड छिपाने पर भी कोर्ट ने चेताया
कोर्ट ने रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर खास जोर दिया। रिकॉर्ड नष्ट करने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई होगी। अदालत ने विभागों के बड़े अधिकारियों को चेताया है। ऐसी स्थिति में अवमानना की कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ आपराधिक केस भी दर्ज हो सकता है।
अब अगली सुनवाई पर क्या होगा ?
सबसे अहम बात सड़क की असली गुणवत्ता सामने आना है। जांच से यह भी साफ होगा कि सड़क कितनी मजबूत है। अगर कमी मिली तो जिम्मेदारी भी तय हो सकती है। मामला सिर्फ सड़क का नहीं, जांच की विश्वसनीयता का है इस पूरे मामले में सड़क से ज्यादा सवाल प्रक्रिया पर हैं।
जांच से पहले सड़क पर काम क्यों हुआ?
अब जांच टीम बदली हुई सड़क की परत के नीचे जाएगी। वहां से मिलने वाला सैंपल काफी अहम होगा। इस जांच से शहर की सड़कों की गुणवत्ता भी सामने आएगी। साथ ही जिम्मेदारी तय करने का रास्ता भी साफ होगा।
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