हवाला किंग नरेश जैन ने इंदौर के बिल्डर विजय अग्रवाल को 41.35 करोड़ दिए थे, वहीं जैन की कंपनी ने MPIDC के फूड पार्क में प्लॉट लिया
Pratibha Rana | Oct 16, 2023, 24:00 IST
हवाला किंग नरेश जैन ने इंदौर के बिल्डर विजय अग्रवाल को 41.35 करोड़ दिए थे, वहीं जैन की कंपनी ने MPIDC के फूड पार्क में प्लॉट लिया
देश के हवाला किंग नरेश जैन की ईडी दिल्ली द्वारा की गई जांच की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट द सूत्र के पास आई है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हैं।
संजय गुप्ता@ INDORE.
देश के हवाला किंग नरेश जैन की ईडी दिल्ली द्वारा की गई जांच की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट द सूत्र के पास आई है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हैं। जैन ने देश-विदेश में हवाला के जरिए 565 करोड़ रुपए की कमाई की और इस राशि को विविध डमी कंपनियों के जरिए निवेश किया। जैन ने अमेरिका डालर में 176 लाख करोड़ डालर और रुपए में 1.86 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन हवाला के जरिए किया।
इस तरह कमीशन खाया जैन ने
जैन ने इन ट्रांजेक्शन के लिए 450 शैल कंपनियां बनाई थी। इसमें 104 विदेशी कंपनियां थी। वह प्रति एक अमेरीकि डालर के हवाला के लिए 2.94 रुपए कमीशन लेता था, वहीं रुपए में जो हवाला होता था उसमें 0.25 फीसदी कमीशन होता था। जैन ने कुल 176 लाख करोड़ अमेरिकी डालर का हावाल किया और इसके जरिए 518 करोड़ का कमीशन खाया, वहीं 1.86 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन किया इस पर 47 करोड़ रुपए का कमीशन खाया। इस तरह कुल 565 करोड़ की कमाई की।
इंदौर में बिल्डर विजय अग्रवाल को दिए 41.35 करोड़ रुपए
इस मामले में जेल गए विजय अग्रवाल (अभी जमानत पर दिल्ली में है) को जैन की डमी कंपनियों के जरिए 41.35 करोड़ रुपए मिले। यह राशि अलग-अलग कंपनियों के जरिए उसके पास आई। इसमें से उसकी कंपनी मालवा रियल एस्टेट डेवलपमेंट ने अर्जुन बरोडा में 3.317 हेक्टेयर की जमीन भी खरीदी व अन्य जमीनों में निवेश किया और कॉलोनियों काटने का काम किया। इन सभी जमीनों को चिन्हित कर ईडी अटैच करने की कार्रवाई कर रही है।
इंदौर में सरकारी इंडस्ट्रियल फूड पार्क में प्लॉट लिया
वहीं जैन की एक अन्य डमी कंपनी मेसर्स फ्रिस्को ओवरसीज प्रालि ने मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) इंदौर के माचला गांव में फूड पार्क में प्लाट नंबर 200 में भी निवेश किया और उसे छह करोड़ की राशि देकर खरीदा। यहां पर वह फ्लोर मिल व अन्य फूड प्रॉडक्ट लाना चाहता था। ईडी दिल्ली ने इसे अटैच कर लिया है। कंपनी फ्रिस्को को इसके लिए राशि किंगपावर इंडस्ट्रियल लिमिटेड कंपनी के कर्नाटक बैंक खाते से मिली। यह कंपनी भी जैन की ही फर्जी कंपनी है जिसका संचालन व बिमल जैन, अक्षय जैन के जरिए करता है। साथ ही गुजरात के गांधीनगर, हिमाचल के सोलन जैसी जगहों पर इंडस्ट्रियल प्लाट में जमकर निवेश किया गया।
इंदौर में भी केस है जैन पर
जैन पर 2019 में बाणगंगा थाने इंदौर में धोखाधड़ी का केस बिल्डर अनूप कटारिया ने किया थाष उसने गिरवी रखी हुई 6 हेक्टेयर जमीन पर बैंक से 25 करोड़ का लोन लिया और बाद में इसी जमीन का सौदा कटारिया से करोड़ों में कर डाला। जब जमीन की रजिस्ट्री का मौका आया, तब इस घोटाले का खुलासा हुआ, लेकिन जैन तब तक फरार हो गया था।
देश के हवाला किंग नरेश जैन की ईडी दिल्ली द्वारा की गई जांच की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट द सूत्र के पास आई है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हैं। जैन ने देश-विदेश में हवाला के जरिए 565 करोड़ रुपए की कमाई की और इस राशि को विविध डमी कंपनियों के जरिए निवेश किया। जैन ने अमेरिका डालर में 176 लाख करोड़ डालर और रुपए में 1.86 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन हवाला के जरिए किया।
इस तरह कमीशन खाया जैन ने
जैन ने इन ट्रांजेक्शन के लिए 450 शैल कंपनियां बनाई थी। इसमें 104 विदेशी कंपनियां थी। वह प्रति एक अमेरीकि डालर के हवाला के लिए 2.94 रुपए कमीशन लेता था, वहीं रुपए में जो हवाला होता था उसमें 0.25 फीसदी कमीशन होता था। जैन ने कुल 176 लाख करोड़ अमेरिकी डालर का हावाल किया और इसके जरिए 518 करोड़ का कमीशन खाया, वहीं 1.86 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन किया इस पर 47 करोड़ रुपए का कमीशन खाया। इस तरह कुल 565 करोड़ की कमाई की।
इंदौर में बिल्डर विजय अग्रवाल को दिए 41.35 करोड़ रुपए
इस मामले में जेल गए विजय अग्रवाल (अभी जमानत पर दिल्ली में है) को जैन की डमी कंपनियों के जरिए 41.35 करोड़ रुपए मिले। यह राशि अलग-अलग कंपनियों के जरिए उसके पास आई। इसमें से उसकी कंपनी मालवा रियल एस्टेट डेवलपमेंट ने अर्जुन बरोडा में 3.317 हेक्टेयर की जमीन भी खरीदी व अन्य जमीनों में निवेश किया और कॉलोनियों काटने का काम किया। इन सभी जमीनों को चिन्हित कर ईडी अटैच करने की कार्रवाई कर रही है।
इंदौर में सरकारी इंडस्ट्रियल फूड पार्क में प्लॉट लिया
वहीं जैन की एक अन्य डमी कंपनी मेसर्स फ्रिस्को ओवरसीज प्रालि ने मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) इंदौर के माचला गांव में फूड पार्क में प्लाट नंबर 200 में भी निवेश किया और उसे छह करोड़ की राशि देकर खरीदा। यहां पर वह फ्लोर मिल व अन्य फूड प्रॉडक्ट लाना चाहता था। ईडी दिल्ली ने इसे अटैच कर लिया है। कंपनी फ्रिस्को को इसके लिए राशि किंगपावर इंडस्ट्रियल लिमिटेड कंपनी के कर्नाटक बैंक खाते से मिली। यह कंपनी भी जैन की ही फर्जी कंपनी है जिसका संचालन व बिमल जैन, अक्षय जैन के जरिए करता है। साथ ही गुजरात के गांधीनगर, हिमाचल के सोलन जैसी जगहों पर इंडस्ट्रियल प्लाट में जमकर निवेश किया गया।
इंदौर में भी केस है जैन पर
जैन पर 2019 में बाणगंगा थाने इंदौर में धोखाधड़ी का केस बिल्डर अनूप कटारिया ने किया थाष उसने गिरवी रखी हुई 6 हेक्टेयर जमीन पर बैंक से 25 करोड़ का लोन लिया और बाद में इसी जमीन का सौदा कटारिया से करोड़ों में कर डाला। जब जमीन की रजिस्ट्री का मौका आया, तब इस घोटाले का खुलासा हुआ, लेकिन जैन तब तक फरार हो गया था।
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