निर्विरोध प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चुने गए हेमंत खंडेलवाल, अनुशासन क्या होता है...कोई बीजेपी से सीखे

Ravi Kant Dixit | Jul 01, 2025, 19:01 IST
Share
bjp-state-president-unopposed-discipline-lesson
Photograph: (The Sootr)

हेमंत खंडेलवाल को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। नामांकन प्रक्रिया में कोई अन्य नेता शामिल नहीं हुआ। यह घटनाक्रम दिखाता है कि भाजपा में सत्ता और संगठन एकजुट होकर काम करते हैं।

BHOPAL. जिस बात की राजनीतिक गलियारों में महीनों से चर्चाएं थीं, आखिरकार वही हुआ। बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। वे निर्विरोध चुने गए। नामांकन प्रक्रिया में उनके अलावा किसी और नेता ने नाम दाखिल नहीं किया। यहां तक कि जिनकी दावेदारी के कयास लगाए जा रहे थे, वे प्रस्तावक बने।

न कोई आंतरिक खींचतान हुई और ना ही कोई गुटबाजी। यह वही अनुशासन है, जो बीजेपी को देश की सबसे बड़ी और सबसे संगठित राजनीतिक पार्टी बनाता है।

याद कीजिए, जब विधानसभा चुनाव के समय विधायक दल की बैठक हो रही थी, तब मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम की पर्ची भी तब के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निकाली थी। वे ही प्रस्तावक बने थे, जबकि तब भी शिवराज खुद दावेदार थे।

अब प्रदेश अध्यक्ष के मामले में भी ऐसा ही हुआ। नामांकन का पूरा घटनाक्रम खुद में यह बताने के लिए काफी है कि भाजपा में सत्ता और संगठन किस तरह एक लय में चलते हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों पर कुछ नहीं कहा। अंदर जाकर उन्होंने नामांकन दाखिल किया।

मोहन यादव बने प्रस्तावक

हेमंत खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान की पसंद माना जा रहा है। लिहाजा, दोनों नेता बीजेपी दफ्तर में पूरे समय मौजूद रहे। सीएम डॉ.यादव स्वयं प्रस्तावक बने। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने खंडेलवाल को इशारा किया। इसके बाद सीएम उनका हाथ पकड़कर मंच पर लेकर पहुंचे।

धर्मेंद्र प्रधान, विवेक शेजवलकर और सरोज पांडे के सामने नामांकन दाखिल कराया। यहां भी केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर को भी प्रस्तावक बनाया गया, ज​बकि उनका नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चल रहा था। खंडेलवाल पहली पंक्ति में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और गोपाल भार्गव के बीच में बैठे थे। सीएम मोहन यादव ने इशारा किया। फिर पीठ पर हाथ रखकर मंच की ओर बढ़े। फिर बाकी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं।

मध्य क्षेत्र से शिवराज के बाद हेमंत दूसरे नेता

मध्य क्षेत्र से दूसरी बार किसी नेता को भाजपा संगठन के नेतृत्व का मौका मिला है। हेमंत खंडेलवाल शिवराज के बाद दूसरे नेता हैं। प्रदेश का सीएम बनने से पहले शिवराज सिंह चौहान (ओबीसी) मई 2005 से फरवरी 2006 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। वहीं, अविभाजित मध्यप्रदेश के बाद की बात करें तो छत्तीसगढ़ के दो नेता भी अध्यक्ष रहे। रायगढ़ से लखीराम अग्रवाल (सामान्य) ने 1990 से 1994 तक और नंदकुमार साय (एसटी) ने 1997 से 2000 तक प्रदेश संगठन की कमान संभाली थी।

शिवराज ने भर दिया था पर्चा

अब थोड़े पीछे चलते हैं। याद कीजिए पांच साल पहले का वो दिन, जब बीजेपी ने तब के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को हटाकर वीडी शर्मा को कमान सौंपी थी। वीडी की भी नियुक्ति हुई थी। उनके मामले में निर्वाचन प्रक्रिया नहीं हुई थी। इतिहास पर गौर करें तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए आखिरी बार वोटिंग की नौबत वर्ष 2000 में आई थी।

तब पार्टी हाईकमान ने विक्रम वर्मा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने उनके खिलाफ नामांकन दाखिल कर दिया था। तब मतदान हुआ और वर्मा को जीत मिली थी। हालांकि इसके बाद पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता शिवराज से नाराज हो गए थे। इसके बाद के बरसों की बाद करें तो 2002 से अब तक सभी प्रदेशाध्यक्ष केंद्रीय नेतृत्व की पसंद से निर्विरोध चुने गए।

अग्रवाल ने जोशी को हराया था

इससे पहले अविभाजित मध्यप्रदेश में 1993 में चुनाव हुआ था। तब कैलाश जोशी और लखीराम अग्रवाल के बीच मुकाबला था। इसमें जोशी चुनाव हार गए थे। तब राजमाता विजयाराजे सिंधिया, सुंदरलाल पटवा ने लखीराम अग्रवाल का साथ दिया था, जबकि बीजेपी के साथ बाकी सदस्य जोशी के साथ थे।MP News

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • MP
  • बीजेपी
  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
  • प्रदेश अध्यक्ष
  • Hemant Khandelwal
  • बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा