रिश्वत के बदले अस्मत मांगने के आरोपी खनिज अधिकारी संजय लुणावत के इंदौर ट्रांसफर पर हाईकोर्ट से नोटिस
Sanjay Gupta | Sept 03, 2024, 13:18 IST
High Court notice on transfer of accused mineral officer Sanjay Lunawat
महिला संबंधी अपराध के आरोपी खनिज अधिकारी संजय लुणावत के खिलाफ लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।
इंदौर में हाल ही में ट्रांसफर होकर आए महिला संबंधी अपराध के आरोपी खनिज अधिकारी संजय लुणावत को लेकर हाईकोर्ट में लगी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई और इसमें सभी पक्षकारों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसमें याचिकाकर्ता ने मुख्य सचिव के साथ ही प्रमुख सचिव जीएडी, प्रमुख सचिव खनिज विभाग, डायरेक्टर खनिज विभाग के साथ ही लुणावत को पार्टी बनाया था। सभी को नोटिस दिया गया है।
इस मामले में याचिकाकर्ता ज्ञानेंद्र पटेल की ओर से अधिवक्ता सुरभि बहल, पूर्वा जैन है। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 उपनियम के परंतुक के पहले पैराग्राम में साफ है कि भ्रष्टाचार, नैतिक पतन के आरोपी की बहाली नहीं हो सकती है। अभी लुणावत के खिलाफ चालान पेश हो चुका है और केस चल रहा है। लेकिन उनकी मार्च 2024 में गलत बहाली की गई और वह भी प्रक्रियानुसार नहीं हुई क्योंकि जिस समिति की अनुशंसा पर बहाली हुई, जबकि यह उसके कार्य के लिए थी ही नहीं, बहाली आदेश राज्य शासन ही कर सकता था। वहीं ट्रांसफर, पोस्टिंग भी गलत हुई है।
शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि उनकी बहाली प्रक्रियानुसार हुई है और यदि इस तरह से बहाली पर सवाल उठे तो फिर हर सस्पेंशन के बाद बहाली पर सवाल उठेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बहाली और ट्रासंफर पर स्टे भी मांगा लेकिन जस्टिस ने कहा कि पहले वह सामने वाले के पक्ष सुनेंगे इसके बाद ही आगे करेंगे अभी नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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लुणावत के रतलाम पोस्टिंग के दौरान एक महिला ने आरोप लगाए थे कि उनके पति के डंपर पकड़े गए और 25 हजार की रिश्वत मांगी गई। इस संबंध में जब बात करने गई तो लुणावत ने कहा कि दो दिन मेरे साथ बिता लो रिश्वत नहीं लगेगी। 30 मार्च 2022 को यह आरोप लगे। इस मामले में पुलिस ने जांच की और फिर इसमें लुणावत पर महिला थाना रतलाम में 19 मई 2022 को केस दर्ज हुआ। इस मामले में रतलाम न्यायाधीश ने 18 अक्टूबर 2022 को उन्हें जेल भी भेजा, जिसमें एक दिन बाद जमानत हुई। वह तत्काल निलंबित हो गए और ग्वालियर अटैच हुए। वहीं मार्च 2024 को समिति ने उनकी बहाली को मंजूरी दी। बहाली के बाद उनकी पोस्टिंग इंदौर में की गई।
इस आधार पर लगाई याचिका
शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि उनकी बहाली प्रक्रियानुसार हुई है और यदि इस तरह से बहाली पर सवाल उठे तो फिर हर सस्पेंशन के बाद बहाली पर सवाल उठेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बहाली और ट्रासंफर पर स्टे भी मांगा लेकिन जस्टिस ने कहा कि पहले वह सामने वाले के पक्ष सुनेंगे इसके बाद ही आगे करेंगे अभी नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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यह है लुणावत पर गंभीर आरोप
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