उच्च शिक्षा विभाग ने 18 शासकीय कॉलेजों के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों की घोषणा की, चुनाव तय करेगा इनका भविष्य
Chandresh Sharma | Oct 05, 2023, 24:00 IST
उच्च शिक्षा विभाग ने 18 शासकीय कॉलेजों के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों की घोषणा की, चुनाव तय करेगा इनका भविष्य
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 18 शासकीय महाविद्यालयों के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों की नियुक्ति जारी कर दी है। खास बात यह है कि यह फैसला आचार संहिता लगने के महज चंद दिन पहले लिया गया है।
BHOPAL. उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 18 शासकीय महाविद्यालयों के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों की नियुक्ति जारी कर दी है। खास बात यह है कि यह फैसला आचार संहिता लगने के महज चंद दिन पहले लिया गया है। माना जा रहा है कि इन 18 कॉलेजों के जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों को उपकृत करने के लिए यह नियुक्ति दी गई है। महज कुछ दिनों में ही आचार संहिता लगने जा रही है। ऐसे में कहा यह भी जा रहा है कि कुछ दिन के लिए ही ये 18 लोग अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
3 साल का कार्यकाल
अपर सचिव उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई लिस्ट में यह उल्लेख है कि इन सभी जनभागीदारी समिति अध्यक्षों का कार्यकाल 3 वर्ष का रहेगा और बिना किसी पूर्व सूचना के इन्हें पद से हटाया भी जा सकता है। मतलब साफ है कि विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बीजेपी सत्ता पर काबिज होती है, तब तो ये अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे। वरना ये चंद दिनों के अध्यक्ष ही कहलाएंगे।
![WhatsApp Image 2023-10-05 at 7.18.52 AM (1).jpeg]()
![WhatsApp Image 2023-10-05 at 7.18.52 AM.jpeg]()
इन कॉलेजों के जनभागीदारी अध्यक्ष बनाए गए
उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय कन्या महाविद्यालय-सागर, शासकीय कन्या महाविद्यालय- बीना, शासकीय महाविद्यालय- ढाना, शासकीय महाविद्यालय- केसली, शासकीय महाविद्यालय- मालथोन, शासकीय महाविद्यालय- बांदरी, शासकीय महाविद्यालय- भाभरा, शासकीय महाविद्यालय- आष्टा, शासकीय महाविद्यालय- नादन, शासकीय महाविद्यालय- ताला, शासकीय महाविद्यालय- मैहर, शासकीय इंदिरा कन्या महाविद्यालय- सतना, शासकीय महाविद्यालय-सहराई, शासकीय महाविद्यालय- पिपरई, शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय- जबलपुर, शासकीय कन्या महाविद्यालय- रांझी- जबलपुर, ओएफके शासकीय महाविद्यालय-जबलपुर और शासकीय महाविद्यालय-पाटन जबलपुर के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों के नाम जारी किए हैं।
3 साल का कार्यकाल
अपर सचिव उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई लिस्ट में यह उल्लेख है कि इन सभी जनभागीदारी समिति अध्यक्षों का कार्यकाल 3 वर्ष का रहेगा और बिना किसी पूर्व सूचना के इन्हें पद से हटाया भी जा सकता है। मतलब साफ है कि विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बीजेपी सत्ता पर काबिज होती है, तब तो ये अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे। वरना ये चंद दिनों के अध्यक्ष ही कहलाएंगे।
WhatsApp Image 2023-10-05 at 7.18.52 AM (1).jpeg
WhatsApp Image 2023-10-05 at 7.18.52 AM.jpeg
इन कॉलेजों के जनभागीदारी अध्यक्ष बनाए गए
उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय कन्या महाविद्यालय-सागर, शासकीय कन्या महाविद्यालय- बीना, शासकीय महाविद्यालय- ढाना, शासकीय महाविद्यालय- केसली, शासकीय महाविद्यालय- मालथोन, शासकीय महाविद्यालय- बांदरी, शासकीय महाविद्यालय- भाभरा, शासकीय महाविद्यालय- आष्टा, शासकीय महाविद्यालय- नादन, शासकीय महाविद्यालय- ताला, शासकीय महाविद्यालय- मैहर, शासकीय इंदिरा कन्या महाविद्यालय- सतना, शासकीय महाविद्यालय-सहराई, शासकीय महाविद्यालय- पिपरई, शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय- जबलपुर, शासकीय कन्या महाविद्यालय- रांझी- जबलपुर, ओएफके शासकीय महाविद्यालय-जबलपुर और शासकीय महाविद्यालय-पाटन जबलपुर के जनभागीदारी समिति अध्यक्षों के नाम जारी किए हैं।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj