भारत की जनसंख्या में 8% घटे हिंदू, 65 साल में कितने बढ़े मुसलमान, पढ़ें ये खास रिपोर्ट
Pratibha ranaa | May 09, 2024, 13:16 IST
Population of India
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के अधिकांश मुस्लिम बहुसंख्यक देश में मुस्लिम आबादी में बढ़ोतरी हुई है, वहीं हिंदू, ईसाई व अन्य धर्म बहुल देशों में बहुसंख्यक आबादी में कमी आई है।
NEW DELHI. देश में हिन्दुओं की आबादी कम हो रही है। इसके उलट मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या बढ़ रही है। आजादी के बाद से हिंदुओं की जनसंख्या में 7.82 प्रतिशत की कमी आई है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट में इस फैक्ट का खुलासा हुआ है। ( Population of India )
यूं तो भारत में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा है, लेकिन अब ताजा सर्वे में पता चला है कि देश में हिन्दुओं की संख्या कम हो रही है। स्टडी में पता चला है कि भारत में वर्ष 1950 से लेकर वर्ष 2015 के बीच अल्पसंख्यकों जैसे मुस्लिम, ईसाई, सिख और बौद्धों की आबादी बढ़ी है।
स्टडी के अनुसार, 1950 में भारत की जनसंख्या में हिंदुओं की हिस्सेदारी 84% थी। 2015 तक यह घटकर 78% हो गई है। इसी अवधि में मुसलमानों की हिस्सेदारी 9.84 प्रतिशत से आगे बढ़कर 14.09 प्रतिशत हो गई है। म्यांमार के बाद भारत अपने पड़ोसी देशों में दूसरे नंबर पर है, जिसकी बहुसंख्यक आबादी में कमी आई है। म्यांमार में 10 प्रतिशत और भारत में 7.8 प्रतिशत बहुसंख्यक आबादी घटी है। भारत के अलावा नेपाल में बहुसंख्यक समुदाय (हिंदू) की आबादी में 3.6% की गिरावट देखी गई।
भारत में जैन समुदाय की हिस्सेदारी 65 साल में 0.45% से घटकर 0.36% रह गई है। पारसी आबादी 0.03 फीसदी से घटकर 0.004 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह इन 6 दशकों में ईसाइयों की तादाद 2.24% से बढ़कर 2.36% हो गई है। सिख आबादी की हिस्सेदारी 1.24% से बढ़कर 1.85% हो गई है, जबकि बौद्ध आबादी में 0.05% से 0.81% की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल 167 देशों का अध्ययन किया है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया, चीन, कनाडा, न्यूजीलैंड जैसे देशों और कुछ पूर्वी अफ्रीकी देशों की जनसंख्या में बहुसंख्यक समुदाय की आबादी में भारत की तुलना में ज्यादा गिरावट देखी गई है। 167 देशों में बहुसंख्यक समुदाय की हिस्सेदारी 1950-2015 से औसतन 22% कम हो गई है। वहीं, इसके उलट 35 उच्च आय वाले आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के देशों में बहुसंख्यक समुदाय की आबादी में 29% की औसत गिरावट देखी गई, जो वैश्विक औसत 22% से अधिक है।
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हमने दुनिया के बाकी देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने की रफ्तार को जानने के लिए वर्ल्ड बैंक के डेटा से एनालिसिस किया। इसमें पता चला कि सऊदी अरब में 33.49% की रफ्तार से जनसंख्या 2001 से 2011 के बीच बढ़ी है। वहीं, नाइजीरिया में 29.82% और पाकिस्तान में 25.54% की दर से जनसंख्या एक दशक में बढ़ी है।
यूं तो भारत में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा है, लेकिन अब ताजा सर्वे में पता चला है कि देश में हिन्दुओं की संख्या कम हो रही है। स्टडी में पता चला है कि भारत में वर्ष 1950 से लेकर वर्ष 2015 के बीच अल्पसंख्यकों जैसे मुस्लिम, ईसाई, सिख और बौद्धों की आबादी बढ़ी है।
78 प्रतिशत रह गए हिन्दू
स्टडी के अनुसार, 1950 में भारत की जनसंख्या में हिंदुओं की हिस्सेदारी 84% थी। 2015 तक यह घटकर 78% हो गई है। इसी अवधि में मुसलमानों की हिस्सेदारी 9.84 प्रतिशत से आगे बढ़कर 14.09 प्रतिशत हो गई है। म्यांमार के बाद भारत अपने पड़ोसी देशों में दूसरे नंबर पर है, जिसकी बहुसंख्यक आबादी में कमी आई है। म्यांमार में 10 प्रतिशत और भारत में 7.8 प्रतिशत बहुसंख्यक आबादी घटी है। भारत के अलावा नेपाल में बहुसंख्यक समुदाय (हिंदू) की आबादी में 3.6% की गिरावट देखी गई।
कम हुई जैन, पारसी समुदाय की जनसंख्या
भारत में जैन समुदाय की हिस्सेदारी 65 साल में 0.45% से घटकर 0.36% रह गई है। पारसी आबादी 0.03 फीसदी से घटकर 0.004 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह इन 6 दशकों में ईसाइयों की तादाद 2.24% से बढ़कर 2.36% हो गई है। सिख आबादी की हिस्सेदारी 1.24% से बढ़कर 1.85% हो गई है, जबकि बौद्ध आबादी में 0.05% से 0.81% की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल 167 देशों का अध्ययन किया है।
दुनिया में क्या है स्थिति
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया, चीन, कनाडा, न्यूजीलैंड जैसे देशों और कुछ पूर्वी अफ्रीकी देशों की जनसंख्या में बहुसंख्यक समुदाय की आबादी में भारत की तुलना में ज्यादा गिरावट देखी गई है। 167 देशों में बहुसंख्यक समुदाय की हिस्सेदारी 1950-2015 से औसतन 22% कम हो गई है। वहीं, इसके उलट 35 उच्च आय वाले आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के देशों में बहुसंख्यक समुदाय की आबादी में 29% की औसत गिरावट देखी गई, जो वैश्विक औसत 22% से अधिक है।
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मुस्लिम देशों में जनसंख्या बढ़ने की रफ्तार
हमने दुनिया के बाकी देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने की रफ्तार को जानने के लिए वर्ल्ड बैंक के डेटा से एनालिसिस किया। इसमें पता चला कि सऊदी अरब में 33.49% की रफ्तार से जनसंख्या 2001 से 2011 के बीच बढ़ी है। वहीं, नाइजीरिया में 29.82% और पाकिस्तान में 25.54% की दर से जनसंख्या एक दशक में बढ़ी है।
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