हनी ट्रैप केस की सीडी-वीडियो से अब उठेगा पर्दा, कोर्ट ने सुनवाई की तय

Jitendra Shrivastava | Mar 23, 2024, 21:06 IST
Share
THESOOTR
हनी ट्रैप केस की सीडी-वीडियो से अब उठेगा पर्दा।

मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप को लेकर 22 अप्रैल को सभी आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे। इसके बाद इन आरोपों को साबित करने के लिए पहली गवाही हरभजन सिंह की होगी। इस गवाही के साथ ही सबूतों को जिला कोर्ट में पेश करना शुरू किया जाएगा।

संजय गुप्ता, INDORE. हनी ट्रैप केस की सीडी, वीडियो की कहानी से अब पर्दा उठना शुरू होगा। जिला कोर्ट ने 23 मार्च को इसके लिए आदेश जारी कर दिया है कि अब अगली सुनवाई आरोप तर्क के लिए 22 अप्रैल को रहेगी। यानि की पुलिस द्वारा जब्त सबूत, जांच, चालान के साथ मुख्य फरियादी हरभजन सिंह के आवेदन सभी के आधार पर कोर्ट तय करेगी कि किस आरोपी पर कौन सा अपराध बनता है। इन सभी पर आरोप तय हो जाएंगे।

आरोप तय होने के बाद ही होगी गवाही शुरू, आएंगे सबूत सामने


22 अप्रैल को सभी आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे। इसके बाद इन आरोपों को साबित करने के लिए गवाही शुरू होगी जिसमें पहली गवाही हरभजन सिंह की होगी। इस गवाही के साथ ही सबूतों को जिला कोर्ट में पेश करना शुरू किया जाएगा, जो अभी तक कोर्ट की अभिरक्षा में सुरक्षित है। जिसमें आरोपियों के पास जब्त मोबाइल, सीडी, लैपटॉप, पैनड्राइव में बंद संवेदनशील वीडियो भी है, जिसने पूरे मप्र की राजनीति और ब्यूरोक्रैसी में हलचल मचाई हुई है।

आरोपियों का एक और आवेदन खारिज


जिला कोर्ट ने 23 मार्च को हनी ट्रैप केस में आरोपी श्वेता पति विजय जैन, आरती दयाल, बरखा सोनी द्वारा दिया गया 173 का आवेदन जिला कोर्ट से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही जिला कोर्ट ने साफ कर दिया कि सभी आवेदनों का निराकरण हो चुका है। इसमें धारा 173 के तहत आवेदन था कि जांच एजेंसी एक तय समय में जांच पूरी करें, अभी तक उन्होंने पूरक चालान पेश नहीं किया और ना ही कोई अन्य साक्ष्य आदि जब्त किए या पेश किए। इस पर विशेष लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर द्वारा आपत्ति ली गई थी कि जांच एजेंसी को इस तरह दबाव में नहीं डाला जा सकता है कि वह जांच जल्द पूरी करें. यह जांच को प्रभावित करने वाला कार्य है। उनके तर्क सुनने के बाद जिला कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए आरोपियों के 173 के आवेदन को निरस्त कर दिया।

पूर्व सीएम कमलनाथ संबंधी आवेदन भी हो चुका है खारिज


इसके पहले आरोपियों द्वारा पूर्व सीएम कमलनाथ ने बयान दिया था कि उनके पास हनी ट्रैप के सीडी-पैनड्राइव है, को लेकर आवेदन लगाया था कि इसे कोर्ट में पेश काराया जाए। इसमें बीते सुनवाई में जिला कोर्ट ने शासन पक्ष की दलील के बाद खारिज कर दिया गया था, इसमें आया था कि कमलनाथ के पास से एसआईटी ने कुछ भी जब्त नहीं किया है।

Tags:
  • हनी ट्रैप
  • सुनवाई
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं