भोपाल में घर की कीमतों में उछाल, जानें किन लोकेशन का बढ़ेगा रेट

भोपाल में प्राइम लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी रेट्स बढ़ने का प्रस्ताव है। इस बढ़ोतरी के बाद कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड जैसे इलाकों में संपत्ति की कीमतें महंगी हो सकती हैं।

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Sandeep Kumar
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house prices surge 621

BHOPAL. भोपाल में अब घर बनाना या निवेश करना महंगा होगा। भोपाल जिला मूल्यांकन समिति ने 621 प्राइम लोकेशन्स पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में संपदा 2.0 पोर्टल के डेटा और बाजार भाव पर चर्चा हुई। यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कोलार रोड, अयोध्या बायपास और रायसेन रोड में दाम बढ़ सकते हैं। इससे रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च बढ़ेगा।

दूसरी बार रेट बढ़ाने की तैयारी

महंगाई के बीच भोपाल में घर खरीदना महंगा होगा। नया प्रस्ताव लागू होते ही कोलार रोड, अयोध्या बायपास और रायसेन रोड जैसे प्रमुख इलाकों में दाम बढ़ेंगे। भोपाल प्रशासन 11 महीने में दूसरी बार गाइडलाइन दरों में संशोधन करने की तैयारी में है। इससे पहले 1,312 लोकेशन्स पर औसत 11% दरें बढ़ाई गई थीं। अब 621 लोकेशन्स को चिन्हित किया गया है।

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विधायक ने जताई नाराजगी

बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में नई दरों की समीक्षा की गई। बैठक में विधायक भगवानदास सबनानी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि बार-बार दरें बढ़ाने से आम खरीदार की कमर टूट जाएगी। इससे जेब पर बोझ बढ़ जाएगा।

  • नए इंफ्रास्ट्रक्चर: नए नेशनल हाईवे, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन्स पर असर पड़ा है।
  • विकास कार्य: टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और बढ़ती सुविधाओं से 38 इलाकों की वैल्यू बढ़ी है।
  • बाजार मूल्य: संपदा पोर्टल के विश्लेषण में 1,307 लोकेशन्स पर सौदे गाइडलाइन से अधिक कीमत पर हो रहे हैं।

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यहां पर बढ़ेंगे रेट

कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, होशंगाबाद रोड, बायपास और रिंग रोड, अन्य विकसित इलाकों के नए रेट कैसे तय हुए? मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने 'संपदा पोर्टल' के पिछले एक साल के आंकड़ों की बारीकी से जांच की। इसमें देखा गया कि जहां नई कॉलोनियां बनी हैं, नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित हुए हैं, या बड़े कमर्शियल मार्केट बने हैं, वहां जमीन किस रेट पर बिक रही है।

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इसलिए बढ़े रेट

  • बाजार भाव: जमीन की असल कीमत क्या चल रही है।
  • नया विकास: कहाँ नई कॉलोनियां कटी हैं।
  • नेशनल हाईवे: हाईवे और रिंग रोड के आसपास की जमीनों की बढ़ती डिमांड।
  • औद्योगिक विस्तार: नई फैक्ट्रियों और उद्योगों के आसपास के इलाके।

कॉलोनियों के रेट में ज्यादा फर्क

डेटा से पता चला कि 1,307 लोकेशन्स ऐसी हैं, जहां लोग सरकारी रेट से ज्यादा कीमत पर जमीन खरीद रहे हैं, इसलिए वहां रेट बढ़ाना जरूरी लगा। समीक्षा में पाया गया कि एक ही वार्ड की दो पास-पास की कॉलोनियों के रेट में ज्यादा फर्क है। इस अंतर को खत्म करने के लिए 203 लोकेशन्स को चुना गया।

रजिस्ट्री दफ्तर के अफसरों ने खुद सर्वे किया और 91 लोकेशन्स पर रेट बढ़ाने का सुझाव दिया। ड्रोन और सैटेलाइट इमेज के जरिए पता चला कि 37 जगहों पर नया निर्माण और विकास हुआ है, इसलिए वहां भी दरें बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है।

संपत्ति का स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य

अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है। 'संपदा 2.0' सिस्टम के तहत रजिस्ट्री से पहले संपत्ति का स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य होगा। जियो-टैगिंग के जरिए मौके की फोटो अपलोड की जाएगी, जिससे लोकेशन की सत्यता और सही बाजार मूल्य की पुष्टि हो सके। भोपाल में वर्तमान में चार सब-रजिस्ट्रार ऑफिस इस पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रहे हैं।

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मूल्यांकन समिति अंतिम मुहर लगाएगी

प्रस्तावित दरों को जल्द ही संपदा 2.0 पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले आम नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। लोग पोर्टल के माध्यम से अपनी राय दर्ज करा सकेंगे, जिसके बाद मूल्यांकन समिति अंतिम मुहर लगाएगी। प्रारंभिक प्रस्तावों पर सुझाव संपदा 2.0 पोर्टल (https://sampada.mpigr.gov.in
) के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे।

मध्यप्रदेश भोपाल भगवानदास सबनानी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह रजिस्ट्री
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