इंदौर से कैलाश नहीं तो फिर रमेश, मंत्रीमंडल में गौड़, सिलावट का दावा मजबूत, मालवा-निमाड़ में 15 से ज्यादा दावेदार
Pooja Kumari | Dec 13, 2023, 24:00 IST
इंदौर से कैलाश नहीं तो फिर रमेश, मंत्रीमंडल में गौड़, सिलावट का दावा मजबूत, मालवा-निमाड़ में 15 से ज्यादा दावेदार
मालवा निमाड़ से इस बार बीजेपी ने सीएम डॉ. मोहन यादव और एक डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का नाम दिया है। इसके चलते अब मंत्रीमंडल में मालवा-निमाड़ का कम संख्या से संतुष्ट करना पड़ सकता है।
संजय गुप्ता, INDORE. मालवा निमाड़ से इस बार बीजेपी ने सीएम डॉ. मोहन यादव (उज्जैन दक्षिण विधायक) और एक डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा (मल्हारगढ़ विधायक) का नाम दिया है। इसके चलते अब मंत्रीमंडल में मालवा-निमाड़ को कम संख्या से संतुष्ट करना पड़ सकता है। मालवा-निमाड़ की 66 में से इस बार बीजेपी के 47 विधायक चुनकर आए हैं। इसमें पिछली सरकार में मंत्री रहे 8 विधायक दावेदार हैं तो बीते सालों में मंत्री रही अर्चना चिटनिस जैसे विधायक भी तगड़े दावेदार है। जिस तरह से सीएम का नाम अत्यधिक चौंकाने वाला रहा है, इसी तरह अब मंत्रीमंडल में दिग्गजों को बाहर कर अधिक से अधिक नए चेहरे (ताकि सीएम यादव को मंत्रीमंडल चलाने में समस्या नहीं आए और फ्री हैंड रहे) देखने को मिले तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।
इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय सीएम रेस में चूक गए, इसके बाद उनके कद को देखते हुए मंत्रीमंडल में आना मुश्किल ही है, उनकी नजर वैसे भी प्रदेशाध्यक्ष पद पर अधिक रहेगी। वह अपनी बात दिल्ली में भी रख कर आए हैं, नतीजा तो आने वाले दिनों में पता चलेगा। लेकिन कैलाश के नहीं होने से रमेश मेंदोला का मंत्रीमंडल में दावा मजबूत हो चुका है। वह प्रदेश में सबसे ज्यादा वोट से जीते हैं और चौथी बार के विधायक है। इस तरह विधायक मालिनी गौड़ का दावा भी मजबूत है, महिला विधायकों में वह कृष्णा गौर के बाद सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले विधायक हैं। सिंधिया गुट से स्वाभाविक तौर पर तुलसी सिलावट का एक पद तय माना जा रहा है। इंदौर के नौ विधायक में से दो को ही पद मिलने की उम्मीद है। दावेदारों में तो उषा ठाकुर और महेंद्र हार्डिया भी मौजूद है। जातिगत समीकरण देखते हुए ही हाईकमान रजामंदी देगा।
मालवा निमाड़ की बात करें तो अभी तक शिवराज सिंह चौहान के हर मंत्रीमंडल में शामिल रहे हरसूद विधायक विजय शाह फिर दावेदार है, वह एसटी कैटेगरी से हैं। नए चेहरे पर गए तो मुश्किल हो जाएगी। देवास से इस बार गायत्री राजे पंवार का दावा मजबूत है, वहीं बुरहानपुर में बागी हर्ष चौहान के बाद भी भारी वोट से जीतने वाली पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस का दावा भी तगड़ा है। इसके साथ ही बालकृष्ण पाटीदार, शाजापुर में हुकुमसिंह कराड़ा को हराने वाले अरूण भीमावत, महेशवर में विजयलक्ष्मी साधौ को हराने वाले राजकुमार मेव, पेटलावद विधायक निर्मला भूरिया, धार की नीना वर्मा, जावरा के डॉ. राजेंद्र पांडेय भी दावेदारी में हैं। वहीं इंदौर से सोनकच्छ जाकर कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा को हराने वाले डॉ. राजेश सोनकर की भी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
इंदौर में कैलाश का मंत्रीमंडल में आना मुश्किल, रमेश का दावा मजबूत
यह मौजूदा मंत्री फिर चुनाव जीतकर बने हैं दावेदार
- विजय शाह - हरसूद
- उषा ठाकुर - महू
- तुलसी सिलावट - सांवेर
- हरदीप सिंह डंग - सुवासरा
- ओमप्रकाश सखलेचा - जावद
- इंदरसिंह परमार - शुजालपुर
गायत्री राजे, अर्चना का दावा मजबूत, सोनकर भी रेस में
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