ग्वालियर में पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते सरपंच की गोलियां मारकर हुई हत्या, आक्रोशित भीड़ ने 40 घर और वाहन फूंक डाले
Chandresh Sharma | Oct 10, 2023, 24:00 IST
ग्वालियर में पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते सरपंच की गोलियां मारकर हुई हत्या, आक्रोशित भीड़ ने 40 घर और वाहन फूंक डाले
ग्वालियर के पड़ाव थाना इलाके में सोमवार की सुबह सरपंच की गोलियों से भूनकर की गई हत्या और हत्या के बाद फैली हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है। एहतियात के तौर पर बन्हेंरी में पुलिस बल तैनात है।
GWALIOR. ग्वालियर के पड़ाव थाना इलाके में सोमवार की सुबह सरपंच की गोलियों से भूनकर की गई हत्या और हत्या के बाद फैली हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है। एहतियात के तौर पर बन्हेंरी में पुलिस बल तैनात है। वहीं इलाके में इस घटना के बाद अजब सन्नाटा पसरा हुआ है। बता दें कि बन्हेरी के सरपंच विक्रम रावत को कांतिनगर में 5 हमलावरों ने गोलियों से भून दिया था। 5 गोलियां उनके सिर, रीढ़ की हड्डी, लिवर और फेंफड़ों में धंसी पाई गईं, जिसके चलते रावत ने दम तोड़ दिया था।
आरोपियों के घरों पर भीड़ ने बोला धावा
इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने बन्हेरी गांव में हत्यारों से जुड़े लोगों के घर फूंक डाले, वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था। पुलिस ने किसी तरह रात में ही कड़ी सुरक्षा में मृतक का अंतिम संस्कार कराया था। परिजनों का आरोप है कि भितरवार से बीजेपी कैंडिडेट मोहन सिंह राठौर भी हमलावरों के मददगार हैं। इस आरोप पर राठौर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
हत्या के केस में मुख्य गवाह था मृतक सरपंच
जानकारी के मुताबिक विक्रम रावत की मां पूर्व सरपंच थीं और वर्तमान में विक्रम ने सरपंच का चुनाव जीता था। पीएफ आयुक्त मुकेश रावत के परिवार से उसकी चुनावी रंजिश है। 2021 में विक्रम के चचेरे भाई की हत्या हो चुकी है। जिसमें मुकेश रावत भी आरोपी बनाया गया है। इस मामले में विक्रम मुख्य गवाह था। माना जा रहा है कि इसी कारण उसे रास्ते से हटाने इस वारदात को अंजाम दिया गया।
आरोपियों के घरों पर भीड़ ने बोला धावा
इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने बन्हेरी गांव में हत्यारों से जुड़े लोगों के घर फूंक डाले, वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था। पुलिस ने किसी तरह रात में ही कड़ी सुरक्षा में मृतक का अंतिम संस्कार कराया था। परिजनों का आरोप है कि भितरवार से बीजेपी कैंडिडेट मोहन सिंह राठौर भी हमलावरों के मददगार हैं। इस आरोप पर राठौर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
हत्या के केस में मुख्य गवाह था मृतक सरपंच
जानकारी के मुताबिक विक्रम रावत की मां पूर्व सरपंच थीं और वर्तमान में विक्रम ने सरपंच का चुनाव जीता था। पीएफ आयुक्त मुकेश रावत के परिवार से उसकी चुनावी रंजिश है। 2021 में विक्रम के चचेरे भाई की हत्या हो चुकी है। जिसमें मुकेश रावत भी आरोपी बनाया गया है। इस मामले में विक्रम मुख्य गवाह था। माना जा रहा है कि इसी कारण उसे रास्ते से हटाने इस वारदात को अंजाम दिया गया।
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