दिल्ली से आते ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ली कार्यकर्ताओं की बैठक, बोले कांग्रेस को मुद्दा नहीं बनाने देना

भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण 16 मौतें के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। विपक्ष बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार को लगातार घेर रहा है। नीचे पढ़ें पूरा खबर

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Sanjay Gupta
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पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...

  1. इंदौर के भागीरथपुरा हादसे में अब तक कुल 16 लोगों की मौत हुई।
  2. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली से लौटकर कनकेश्वरी धाम में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई।
  3. संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने इंदौर बीजेपी ऑफिस में नेताओं को कड़े निर्देश दिए।
  4. बीजेपी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर राशन और दवा बांटने के निर्देश भी दिए।
  5. कांग्रेस नेताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई।

INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा कांड में 16 मौतों ने बीजेपी की राष्ट्रीय राजनीति को हिला दिया है। पूरा विपक्ष बीजेपी की ट्रिपल इंजन की सरकार को घेर रहा है। इस हंगामे के बाद शनिवार 3 जनवरी को जहां मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली पहुंचे।

वहीं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा इंदौर आए। हितानंद शर्मा ने बीजेपी ऑफिस में बंद कमरे में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, एमआईसी मेंबर व जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा, पार्षद कमल वाघेला को सख्त निर्देश दिए।

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दिल्ली से लौटते ही ली बैठक

वहीं रात को दिल्ली से लौटते ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीधे कार्यकर्ताओं की कनकेश्वरी धाम में बैठक बुलाई। इस बैठक में विजयवर्गीय ने दो बातों पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में लगातार डटे रहना है। यहां स्थितियां ठीक करना है।

लोगों तक पेयजल पहुंचाना है और यदि कोई बीमार हो तो उपचार के लिए भेजना है। दूसरा कारण राजनीतिक था। इसमें मंत्री ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस को किसी भी हाल में इसे मुद्दा नहीं बनाने देना है। इसके लिए लगातार टीम को भागीरथपुरा में डटे रहना है।

विधानसभा दो के विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि यह एक बड़ी आपदा है, लेकिन इसमें भी अवसर देखना है और लोगों तक पहुंचना है। बैठक में मुख्य तौर पर भागीरथपुरा वार्ड 11 के कार्यकर्ता, बूथ टोली व अन्य लोग भी शामिल थे। इसमें कहा गया कि जागरूकता के लिए पर्चे बांटना है। गरीब घर में जरूरत हो तो राशन देना है। बीमार है तो उपचार की व्यवस्थाएं करवाना है। 

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कांग्रेस नेताओं के साथ हुई थी झड़प

कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस विधायक महेश परमार, प्रताप ग्रेवाल, शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे व अन्य लोग शनिवार को भागीरथपुरा में परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान रहवासी और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इन्हें घेर लिया। बाहरी बाहर जाओ के नारे लगे और इन पर चूडि़यां-चप्पल फेंकी गई। 

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भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार किया और बाद में जमानत पर रिहा किया। इसी बात को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसे प्रदेश स्तर का आंदोलन बनाने की घोषणा कर दी। पूरा विपक्ष बीजेपी सरकार को घेर रहा है। इसके पहले इंदौर में यूथ कांग्रेस ने भी निगम आफिस को घेराबंदी कर प्रदर्शन किया था।

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