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पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...
- इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से अब तक 16 मौतें हो चुकी है।
- नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'X' पर निजी लैब की रिपोर्ट साझा की है।
- मंत्री द्वारा साझा रिपोर्ट के अनुसार, पानी के सभी 5 नए सैंपल अब नेगेटिव पाए गए हैं।
- रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद मंत्री और कलेक्टर ने पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
- कोलकाता के विशेषज्ञों की टीम भी जांच के लिए इंदौर पहुंची है।
INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई 16 मौतों के बाद अब लोग पानी की बोतलों और निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं। उन्हें नर्मदा सप्लाई का पानी पीने से मना किया गया है। बोरिंग का पानी भी इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। अब इस मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पानी के पांच नए सैंपल की रिपोर्ट साझा की है।
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रिपोर्ट में यह बताया-
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निजी अस्पताल की लैब रिपोर्ट X पर शेयर की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी खाड़े के नेतृत्व में हुआ। भागीरथपुरा में पेयजल शुद्धिकरण के लिए क्लोरिनेशन और दूसरे उपाय किए जा रहे हैं।
इन उपायों के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। भागीरथपुरा के पांच जल सैंपल्स की आरटी-पीसीआर जांच में ई कोलाइई (0157 और जेनेरिक), वाइब्रियो कॉलेरा, साल्मोनेला, रोटावायरस और एंटरोवायरस सभी नेगेटिव पाए गए हैं।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. @DrMohanYadav51 जी के मार्गदर्शन में तथा इंदौर के महापौर श्री @advpushyamitra जी एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े जी के नेतृत्व में भागीरथपुरा में पेयजल शुद्धिकरण हेतु किए जा रहे क्लोरिनेशन सहित अन्य उपायों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) January 4, 2026
भागीरथपुरा… pic.twitter.com/sli9GzHz41
फिर भी उबालकर ही पिएं पानी
मंत्री ने यह भी कहा कि रिपोर्ट आने के बाद भी सुरक्षा के तौर पर सभी को पानी उबालकर ही पीना चाहिए। वहीं, कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी रहवासियों से यही अपील की है। उन्होंने खुद भी पानी के टैंकर से आ रहे पानी को पीकर देखा। इसके अलावा, नगर निगम लगातार इलाके में ऐलान करवा रहा है कि पानी उबालकर ही पिएं और लोगों को जागरूक करने के लिए पर्चे भी बांटे जा रहे हैं।
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इसके पहले निकले थे घातक बैक्टीरिया
इसके पहले यहां के पानी के सैंपल्स में एमजीएम कॉलेज की लैब में घातक बैक्टीरिया पाए गए थे। इसमें ई-कोलइ व शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया मिले थे। इसके चलते कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बैक्टीरियोलॉजी से विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम भी इंदौर पहुंची थी। इसमें विशेषज्ञ डॉ. प्रमित घोष व डॉ. गौतम चौधरी शामिल है। इन्होंने भी पानी के सैंपल्स लिए हैं और यह उनकी गहन जांच करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन टीम भी इंदौर आई है।
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अस्पताल में अभी इतने भर्ती
उधर अब नए मरीज आने की संख्या में गिरावट आई है। अभी तक अस्पतालों में 354 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसमें से 205 डिस्चार्ज हो गए हैं। अभी भी 149 मरीज भर्ती है और इसमें से 20 आईसीयू में है।
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