/sootr/media/media_files/2026/02/19/indore-bhandari-hospital-death-allegation-2026-02-19-11-09-28.jpg)
News In Short
इंदौर के भंडारी अस्पताल में शालिनी सिंह की मौत।
परिजनों ने गलत ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाया।
अस्पताल ने कहा, शालिनी को टाइफाइड था, इलाज सही था।
शालिनी की हालत बिगड़ी, 18 फरवरी को मौत हो गई।
पुलिस जांच शुरू, पोस्टमार्टम से मौत के कारण का पता चलेगा।
News In Detail
यह हुई घटना
Indore News :इंदौर के भंडारी हॉस्पिटल में सुंदरम नगर की 24 वर्षीय नवविवाहिता शालिनी सिंह की मौत हो गई। शालिनी की शादी 22 नवंबर को हुई थी और वह कंधे में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आई थीं।
डॉक्टरों ने जांच की तो पाया कि उनका हिमोग्लोबिन बहुत कम था। वहीं, 16 फरवरी को उन्हें ब्लड चढ़ाने के लिए भर्ती किया गया। पहले एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, फिर 17 फरवरी को दो यूनिट और चढ़ाए गए।
इसके बाद शालिनी की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। परिवार का कहना है कि आईसीयू में चल रहे इलाज की जानकारी उन्हें नहीं दी गई और 18 फरवरी की सुबह अचानक उनकी मौत की खबर मिली।
इसलिए मौत होने के लगे आरोप
शालिनी के ससुर, सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अस्पताल (भंडारी अस्पताल इंदौर) ने दूषित ब्लड चढ़ाया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। उनका आरोप है कि गंदा खून चढ़ाने के कारण शालिनी के शरीर में इन्फेक्शन फैल गया और फिर उनकी मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और अस्पताल प्रबंधन को छोड़ा नहीं जाएगा। इस मामले की शिकायत उन्होंने विजय नगर पुलिस से की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शालिनी का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
उधर अस्पताल प्रबंधन का जवाब
परिजनों के आरोपों पर अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. हरीश सोनी ने कहा कि एक 25 वर्षीय महिला जिनका नाम शालिनी सिंह है, उन्हें खून की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था।
जांच के दौरान पता चला कि उन्हें टाइफाइड भी हो रहा है। वो यहां 16 तारीख को भर्ती हुई थीं और उन्हें 16 और 17 तारीख को खून चढ़ाया गया था।
परिजन हम पर कोई भी आरोप लगा सकते हैं। जांच में सभी चीजें सामने आ जाएंगी। इस अस्पताल में पिछले कई सालों से ऑथराइज्ड ब्लड डोनेशन सेंटर हैं।
इंदौर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... इंदौर न्यूज | MP News
मप्र के बजट में इंदौर का 10 बार नाम, मेट्रो के साथ ही सिंहस्थ बजट से भी काम
इंदौर की 78 साल की दादी को मिला गोल्ड मेडल, थम गईं सबकी निगाहें, पढ़ें इनकी इंस्पिरेशनल जर्नी
भोजशाला मामला : जबलपुर मुख्य पीठ से दोबारा इंदौर बेंच भेजा केस, 23 फरवरी को अगली सुनवाई
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us