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PM आवास योजना में फर्जी नाम से बुकिंग कर अधिक दाम में बेच रहे दलाल

इंदौर में पीएम आवासा योजना में हितग्राहियों के चयन के लिए दो निजी एजेंसी मेसर्स अप टू दि मार्क एडवरटाइजिंग प्रालि और मेसर्स मिरेकल इवेंट्स को निगम ने नियुक्त किया है। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। मध्यप्रदेश

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Pratibha Rana
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इंदौर में PM आवास योजना में फर्जी नाम से बुकिंग

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संजय गुप्ता, INDORE. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) की गारंटी ( Modi guaranteed scheme ) वाली योजना पीएम आवास योजना ( pm-awas-yojana )  में दलालों ने सेंध लगा दी है और इसे कमाई का जरिया बना लिया। इंदौर में पीएम आवास योजना का इसी तरह का आवंटन घोटाला ( booking fake name in PM Awas Yojana ) सामने आया है। दलाल फर्जी नाम से फ्लैट बुकिंग कर रहे, फिर अधिक राशि लेकर वही फ्लैट हितग्राही को आवंटित कर रहे। ऐसी एक शिकायत हितग्राही ने एमआईसी सदस्य से की, तब मामले का खुलासा हुआ। 

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आवंटन एजेंसियों की आई शिकायत

पीएम आवासा योजना में हितग्राहियों के चयन के लिए दो निजी एजेंसी मेसर्स अप टू दि मार्क एडवरटाइजिंग प्रालि और मेसर्स मिरेकल इवेंट्स को निगम ने नियुक्त किया है। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने निगमायुक्त व अपर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है, दलालों के माध्यम से एक ही आवास के लिए एक से अधिक व्यक्तियों से पैसा लिया जा रहा है। बाकायदा रसीद भी काटी जा रही है।

दोनों एजेंसियों को काम से हटाने का लिखा पत्र

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राठौर ने दोनों एजेंसियों को काम से हटाने की मांग करते हुए जांच करवाने के लिए भी कहा है। उनका कहना है कि निगम की नाक के नीचे सालों से यह सब चल रहा है। निजी एजेंसियों के भरोसे होने के कारण दस्तावेजों में हेरफेर की पूरी संभावना है। उन्होंने पीएमवाय के तहत नियुक्त कंसल्टेंट पर भी आरोप लगाया है।

पीएम आवास योजना की अभी यह है स्थिति

   

    14 प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर में

    07 प्रोजेक्ट्स के सभी फ्लैट्स का आवंटन किया जा चुका हितग्राहियों को

    07 हजार फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं अब तक

    13 हजार 500 फ्लैट वन बीएचके, 5 हजार फ्लैट्स टू और थ्री बीएचके

    02 इकाई ताप्ती परिसर और सतपुड़ा परिसर का काम फिलहाल अधूरा

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पहले दो लाख रुपए की थी मांग

गौतम सिंह और शिव नामक हितग्राही गुलमोहर ग्रीन्स में खुद के लिए मकान देखने गए। वहां मौजूद व्यक्ति ने एक-दो लाख रुपए अधिक मांगे। तीन दिन पहले दोनों

एमआईसी सदस्य व योजना प्रभारी राजेंद्र राठौर के पास गए और मामला बताया। राठौर ने योजना अधिकारी संतोषी गुप्ता को इस तरह पैसा मांगे जाने के बारे में बताया। हितग्राहियों ने पैसा जमा करवा दिया। फिर दोनों हितग्राही निगम पहुंचे और फ्लैट बुकिंग की रसीद बताई। यह भी बताया कि बुकिंग के समय संदीप नाम के व्यक्ति ने 4 लाख रुपए मांगे। रसीद देखने के बाद मामले की पोल खुली।

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जिस फ्लैट के नाम पर राशि मांगी वह पहले ही बुक हो चुका था

दरअसल, जिस फ्लैट के लिए राशि मांगी गई, वह फ्लैट गीताबाई नाम की महिला के नाम पर पहले से बुक था। आवंटन हुआ, तब पता चला कि गीताबाई नाम की कोई महिला ही नहीं है। ऐसा ही एक मामला नर्मदा परिसर बड़ा बांगड़दा का है, जहां हितग्राही जानकीलाल सोनी से 7 लाख की बजाय 8.5 लाख रुपए लिए गए। इस मामले में तो अपर आयुक्त ने पंचनामा भी बनाया था। मार्केटिंग एजेंसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और अनुबंध निरस्त करने के आदेश भी दिए गए थे।

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दलाल ज्यादा राशि लेकर फ्लैट दे रहे

प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट की बुकिंग के दौरान 20 प्रतिशत राशि जमा करवाने का प्रावधान है। फर्जी नाम से बुकिंग करवाई जा रही है। यदि कोई फ्लैट नहीं लेता है तो उसकी जमा राशि में से 25 फीसदी राशि काटकर दे दी जाती है। 35 हजार जब्त कर लेते हैं। दलाल ज्यादा राशि में फ्लैट किसी और को दे देते हैं। गौतम सिंह की रसीद पर गीताबाई का नंबर लिख दिया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करवाया तब यह गड़बड़ी मय प्रमाण सामने आई है।

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एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड कर चुके

निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कहा कि मुझे भी इसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। करीब डेढ़ महीना पहले ही इस मामले की जांच करवाई थी। सारी शिकायत सही पाई थी। हमने मार्केटिंग एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। पहले ही उनके खिलाफ एफआईआर के लिए पुलिस को आवेदन भी दे चुके हैं।

 

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