इंदौर में बोले पर्यावरणविद- शहर की सांसें मत रोकिए- हुकुमचंद मिल सिटी फॉरेस्ट को बचाने उतरे सड़क पर
Vishwanath Singh | Aug 18, 2025, 12:49 IST
Sourabh561 (2)
संस्था सेवा सुरभि द्वारा आयकर कॉलोनी में आयोजित एक कार्यक्रम में नगर निगम के सफाईकर्मियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर के लगभग 200 साल से भी पुराने पेड़ों को संरक्षित किए जाने के प्रयास करेगा।
इंदौर के हुकुमचंद मिल परिसर में बसे प्राकृतिक सिटी फॉरेस्ट को बचाने के लिए बड़ी मुहिम शुरू हो गई है। इसमें इंदौर के पर्यावरणविद एकजुट होकर अब सड़क पर उतर गए हैं। हाउसिंग बोर्ड द्वारा यहां पेड़ों की कटाई कर निर्माण कार्य किए जाने की योजना है। इसके विरोध में पर्यावरण प्रेमियों ने राजवाड़ा चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया है।
नगर
संस्था सेवा सुरभि द्वारा आयकर कॉलोनी में आयोजित एक कार्यक्रम में नगर निगम के सफाईकर्मियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर के लगभग 200 साल से भी पुराने पेड़ों को संरक्षित किए जाने के प्रयास करेगा। इस मौके पर सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट और निगमायुक्त शिवम वर्मा भी मौजूद थे। हुकुमचंद मिल की जमीन पर लगे 5 हजार पेड़ों को कटने से बचाने के लिए आंदोलन कर रहे पर्यावरणविदों ने नगर निगम की 5 पेड़ों को संरक्षित करने की इस घोषणा को नौटंकी बताया है। उनका कहना है कि 6 महीने से पूरे शहर के प्रबुद्धजन 5 हजार पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। सीएम और पीएम तक को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन एक नेता जनप्रतिनिधि अभी तक पूछ–परख करने नहीं आया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हुकुमचंद मिल का यह हरा-भरा क्षेत्र केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि हजारों पक्षियों और जीव-जंतुओं का आश्रय स्थल है। यह फॉरेस्ट शहर की आबोहवा को स्वच्छ रखने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि यह वन क्षेत्र उजड़ा तो आने वाली पीढ़ियां प्रदूषण और कंक्रीट के जंगल में जीने को मजबूर होंगी।
शहर के पर्यावरणविद और नागरिकाें ने इस पहल में नागरिकों ने हाथों में तख्तियां लेकर संदेश दिया। जिसमें लिखा था कि पेड़ बचेंगे तो इंदौर बचेगा, हमें फ्लैट नहीं, हमें ऑक्सीजन चाहिए। उनका कहना है कि शहर में काफी कम जगह बची हैं जहां पर कि इस तरह के सिटी फॉरेस्ट के जैसे ही स्थान हैं। इन्हें सहेजने की जरूरत है।
मानव श्रृंखला में ओपी जोशी, शिवाजी मोहिते, रामेश्वर गुप्ता, दिलीप वाघेला, अजय लागू, अभय जैन, अरविंद पोरवाल, विश्वनाथ कदम, शैला शिंत्रे, संदीप खानवलकर, प्रकाश पाठक, रामस्वरूप मंत्री, प्रणीता दीक्षित, स्वप्निल व्यास, मनीष काले, प्रमोद नामदेव, डॉ. सम्यक जैन, शबाना पारेख, चन्द्रशेखर गवली, प्रकाश सोनी, जावेद आलम, आराध्य दीक्षित, आशीष राय, डॉ. श्रष्ठी सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
यह खबर भी पढ़ें...20 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों की मर्जिंग में विधायक-अफसरों के रिश्तेदार बने अड़चन, जानें पूरा मामला
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है किहुकुमचंद मिल सिटी फॉरेस्ट को स्थायी रूप से संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए।यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए।
नगर निगम की 5 पेड़ बचाने की नौटंकी
पर्यावरणविद बोले, जरूरी है सिटी फॉरेस्ट
हमें फ्लैट नहीं ऑक्सीजन चाहिए
नागरिकों की भागीदारी
यह खबर भी पढ़ें...20 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों की मर्जिंग में विधायक-अफसरों के रिश्तेदार बने अड़चन, जानें पूरा मामला
प्रशासन से मांग
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari