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Photograph: (THESOOTR)
News In Short
- इंदौर कलेक्टर ने भूमाफिया की मदद करने पर तहसीलदार, पटवारी, आरआई को हटाया।
- जांच में आरोप सही पाए गए, सीमांकन रिपोर्ट पहले खारिज होनी चाहिए थी।
- कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
- शिकायत के बाद कलेक्टर ने तत्काल जांच कराई और कार्रवाई की।
- भूमाफिया को सख्त संदेश देने के लिए कलेक्टर ने कार्रवाई की।
News In Detail
इंदौर में फिर से सक्रिय हो रहे भूमाफिया के नेटवर्क तोड़ने के लिए इंदौर कलेक्टर ने बड़ी सख्ती की है। इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने जूनी इंदौर तहसीलदार के साथ ही पटवारी और आरआई को हटा दिया है। साथ ही जांच बैठा दी गई है। यह जमीन हरियाणा गृह निर्माण सोसायटी की है और इसमें कई बार जेल जा चुके दो भूमाफिया की भूमिका सामने आ रही है।
इन पर हुई कार्रवाई
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने जूनी इंदौर तहसीलदार प्रीति भिस्से के साथ ही आरआई मनीष चतुर्वेदी और पटवारी अक्षय शांडिल्य पर कार्ऱवाई की है। भिस्से को नजूल शाखा में और आरआई और पटवारी को वर्तमान जगह से हटाते हुए भू अभिलेख शाखा में पदस्थ कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ जांच के आदेश भी कर दिए हैं।
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यह है मामला
इंदौर कलेक्टर के पास शिकायत पहुंची थी कि हरियाण गृह निर्माण सोसायटी की जमीन पर भूमाफिया सक्रिय है। इनके द्वारा जमीन के सीमांकन के आवेदन लगाए गए और इसे तहसीलदार भिस्से द्वारा मंजूर कर लिया गया, जबकि यह खारिज होना था। उनके आवेदन मंजूर करने के साथ ही सीमांकन रिपोर्ट भी आरआई, पटवारी द्वारा बना दी गई। हालांकि जब इस मामले में जब शिकवा-शिकायतें हुई तो फिर इस सीमांकन रिपोर्ट और आवेदन को खारिज किया गया जबकि यह काम पहले होना था।
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कलेक्टर का भूमाफिया को सख्त संदेश
कलेक्टर शिवम वर्मा के पास शिकायत पहुंची, इसके बाद उन्होंने इसमें अपने स्तर पर प्रारंभिक जांच कराई। इसमें शिकायत सही पाई गई। यह सीमांकन मंजूर किया गया था जो पहले ही खारिज होना था। साथ ही इसमें सीमांकन कराकर रिपोर्ट बनवाई गई। इस पर कलेक्टर ने मंगलवार रात को ही स्थापना विभाग को आदेश दिए और जिम्मेदार तहसीलदार, आरआई, पटवारी को उनके कार्यस्थल से हटाकर अन्य जगह पदस्थ कर दिया गया। साथ ही इसमें जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
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पूर्व कलेक्टर ने दिए थे आदेश
पूर्व कलेक्टर आईएएस मनीष सिंह ने नगर भूमि सीमा अधिनियम 1976 की धारा 210 के तहत आदेश निकाला था। इसमें सर्वे नंबर लिखते हुए आदेश था कि जब तक सुनवाई नहीं हो जाती इन जमीन पर कुछ नहीं हो सकता है। इसमें हरियाणा सोसायटी की सर्वे नंबर 1179 की जमीन भी थी। यहां प्रशासक भी नियुक्त है।
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