Indore Corporation Scam : महापौर बोले- पुराने घोटाले एक बार में साफ करने की जरूरत

Jitendra Shrivastava | May 14, 2024, 20:23 IST
Share
THESOOTR
THESOOTR

मध्यप्रदेश में इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पुराने सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होना चाहिए। इन सभी की जिम्मेदारी थी आखिर खाते किसी ने देखें क्यों नहीं, कि किस मद से और किस तरह से भुगतान हो रहा है...

संजय गुप्ता, INDORE. Indore Corporation Scam : महापौर पुष्यमित्र भार्गव ( Mayor Pushyamitra Bhargava ) ने एक बार फिर इंदौर नगर निगम ( Indore Municipal Corporation) के अधिकारियों को खासकर पूर्व अधिकारियों को निशाने पर लिया है। उन्होंने चुनाव के बाद मीडिया से चाय पर चर्चा करते हुए साफ कहा कि यह पुराने समय का घोटाला है और इसे एक बार में पूरा साफ करने की जरूरत है। इसमें अधिकारियों की भी जिम्मेदारी देखा जाना चाहिए कि उन्होंने क्या मॉनीटरिंग की, खाते से फर्जी फाइल के फर्जी कामों का भुगतान होता गया और किसी ने इन कामों का ना देखा और ना ही खातों को देखा कि आखिर किस मद में कैसे यह राशि कम होती जा रही है? इन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होना चाहिए। इन सभी की जिम्मेदारी थी आखिर खाते किसी ने देखें क्यों नहीं कि किस मद से और किस तरह से भुगतान हो रहा है और राशि कहां जा रही है?

उच्च स्तरीय कमेटी जांच शुरू करेगी, उन्हें यह बात रखेंगे


महापौर ने खुलकर कहा कि उम्मीद है अब चुनाव हो चुके हैं उच्चस्तरीय जांच कमेटी जल्द इंदौर आएगी। कमेटी से मैं मुलाकात करूंगा यह बात भी रखूंगा। फर्जी फाइल बनी, ऑडिट में गई, फिर पास होकर एकाउंट में गई और वहां से पुराने काम के नाम पर भुगतान भी हो गया। जिस अधिकारियों की यह जिम्मेदारी थी वह मॉनीटरिंग करते तो फिर उन्होंने क्या किया? जो भी दोषी हो और इस काम में लिप्त हो सभी सामने आना चाहिए और सभी से इस घोटाले की राशि की वसूली होना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें...

Indore Acid Case : बच्चे ने नींद में पानी समझकर पीया एसिड, मौत

पुलिस से भी कहा मॉनीटरिंग हो, जमानत कैसे हो गई


महापौर ने इस घोटाले में एक आरोपी रेणु वढेरा की जमानत होने पर कहा कि इस मामले में चूक हुई है। इसके लिए मैंने उच्च स्तर पर बात की है और कहा है कि पुलिस विभाग से उच्च स्तर पर मॉनीटरिंग होना चाहिए और जमानत कैंसल करने की भी प्रक्रिया करना चाहिए। साथ ही इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की भी बात कही है।

75 से 80 करोड़ रुपए भुगतान हो चुका


भार्गव ने कहा कि अभी तक जो जानकारी मेरे पास है उसके हिसाब से फर्जी काम के नाम पर 75-80 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है। यह जनता की गाढ़ी कमाई का टैक्स का पैसा है और हम इसे वसूल करने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं।

गुप्ता की कार से फाइल चोरी भी संदिग्ध


महापौर ने माना कि इसकी भी जांच जल्द होना चाहिए कि इंजीनियर सुनील गुप्ता की कार इस घोटाले की संवेदनशील फाइल कैसे चोरी हो गई, वह उसी दिन उनकी कार से कैसे गई? किसे पता था कि कार में वह फाइल है। इसकी भी जांच जरीर है।

डिजिटलाइजेशन ही इसका रास्ता


भार्गव ने कहा कि इस घोटाले को रोकने का एक ही रास्ता है डिजिटलाइजेशन। इस पर काम हो रहा है, टेंडर के सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन कर रहे हैं, उसका डिजिटाइलजेशन किया जा रहा है। महापौर ने साथ ही कहा कि सीएम से लेकर विभागीय मंत्री, हम सभी इस घोटाले को लेकर संजीदा है और यह अलग तरह का घोटाला है, इसलिए यह सामने आते ही मैंने तत्काल सीएम से इसकी जांच की मांग की थी, जिसपर फिर उच्च स्तरीय कमेटी बन चुकी है।

निगम घोटाले में फरार सिद्दकी भी पकड़ाया


उधर नगर निगम बिल घोटाले में फरार चल रहे ठेकेदार मोहम्मद सिद्दकी की गिरफ्तारी हो गई है। वह ग्रीन कंस्ट्रक्शन कंपनी का ठेकेदार है और साथ ही ठेकेदार जाकिर और साजिद का पिता है जो किंग कंस्ट्रक्शन और नीवं कंसट्रक्शन के संचालक है। सिद्दकी ने हाईकोर्ट में वादा किया था कि सात दिन में सरेंडर कर देगा, लेकिन बाद में वह गिरफ्तार हो गया। डीसीपी पंकज पाण्डे ने बताया कि पुलिस ने उसे भंवरकुआं से मंगलवार को गिरफ्तार किया है, उसकी रिमांड कोर्ट से ली जाएगी। उधर अभय राठौर का रिमांड 15 मई को खत्म हो रहा है, पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर और रिमांड लेगी। अभी भी उससे कई जानकारियां लेना जरूरी है और उन्हें क्रास चेक भी किया जाना है।

अभी तक इतने गिरफ्तार, दो फरार


अभी तक पुलिस मूल घोटाले में शामिल पांच फर्मों के सभी ठेकेदारों को पकड़ चुकी है जिसमें सिद्दकी, साजिद, जाकिर के साथ रेणु वढेरा और राहुल वढेरा शामिल है। इसमें रेणु की जमानत हो चुकी है। वहीं नगर निगम से पुलिस राठौर के साथ ही उदय भदौरिया, चेतन भदौरिया, राजकुमार साल्वी, मुरलीधरन को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अभी भी ईश्वर कंपनी का मौसम व्यास और क्रिस्टल कंपनी का इमरान ठेकेदार फरार है, दोनों पर 5-5 हजार का ईनाम पुलिस घोषित कर चुकी है।

Tags:
  • इंदौर नगर निगम
  • महापौर पुष्यमित्र भार्गव
  • Indore Corporation Scam
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा