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Photograph: (the sootr)
News in Short
- 17 फरवरी को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के इंदौर दौरे पर खामियां पाई गईं।
- किचन में गंदगी और बेडशीट बदलने में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की।
- 6 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और एजेंसी की सेवाएं समाप्त की गईं।
- रतन एम्पोरियम एजेंसी को बर्खास्त कर 20-30% भुगतान में कटौती का आदेश दिया गया।
- राज्यपाल के स्टाफ ने असंतोष जताया, प्रशासन ने सफाई की स्थिति का खंडन किया।
News in Detail
Indore. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के लिए 17 फरवरी को इंदौर आए राज्यपाल मंगूभाई पटेल की व्यवस्था में खामियों की गाज 6 अधिकारियों पर गिरी है। साथ ही एजेंसी की सेवाएं भी समाप्त कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर कार्रवाई हुई है।
इन सभी पर हुई कार्रवाई, नोटिस
कलेक्टर द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच के बाद इसमें काम करने वाली एजेंसी रतन एम्पोरियम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही लंबित भुगतान की राशि में 20 से 30 फीसदी काटी जाएगी। वहीं अधिकारियों में डिप्टी कलेक्टर सीमा कनेश मौर्य, तहसीलदार राजेश सोनी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना, श्रम निरीक्षक संजय पाटिल, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी व सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस हुए हैं।
ओएसडी ने कहा था बेडशीट बदलो
रात्रिकालीन ड्यूटी में रहे अधिकारी संयुक्त कलेक्टर अजीत श्रीवास्तव, तहसीलदार चौखा लाल टांक, एमपीआरडीसी के प्रबंधक गगन भवर व श्रम निरीक्षक तृप्ति डावर से इसमें जानकारी ली गई। इसमें सामने आया कि राज्यपाल के ओएसडी ने बेडशीट बदलने का अनुरोध किया गया। लेकिन यह काम एजेंसी ने नहीं किया।
सुबह ओएसडी व एडीसी द्वारा किचन निरीक्षण के दौरान खामी पाई गई और डस्टबिन खुला था व सफाई संतोषजनक नहीं थी। हालांकि प्रशासन ने इस बात का खंडन किया कि खाद्य सामग्री में कोई काकरोच व गंदगी नहीं थी। यह भ्रमित जानकारी है। राज्यपाल के स्टाफ ने सफाई को लेकर अंसतोष जताया गया था। इस पर यह सख्त कार्रवाई की गई।
यह हुई थी घटना
राज्यपाल रेसीडेंसी कोठी के कक्ष क्रमांक 1 और 2 में ठहरे थे। निरीक्षण के दौरान एडीसी नरेंद्र रावत (IPS) और अधिकारी विपुल शाह जब किचन पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर चौंक गए। सड़े आलू और सब्जियों के छिलके बिखरे हुए थे। एजेंसी ने इसका कारण कहा था कि राशि का भुगतान नहीं हो रहा है, वहीं प्रशासन ने बताया कि 20 लाख का भुगतान किया जा चुका है।
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