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मंगलवार,17 फरवरी को राज्यपाल मंगुभाई पटेल देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे। वे रेसीडेंसी कोठी के कक्ष क्रमांक 1 और 2 में ठहरे थे।
सुबह निरीक्षण के दौरान एडीसी नरेंद्र रावत (IPS) और अधिकारी विपुल शाह जब किचन पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर चौंक गए। रसोई में गंदगी थी। बर्तन भी गंदे पड़े थे।
यहां तक कि सड़े आलू और सब्जियों के छिलके बिखरे हुए थे। मामला सामने आते ही कलेक्टर ने एजेंसी को टर्मिनेट कर दिया है।
राज्यपाल को दी गई सूचना
स्थिति की जानकारी राज्यपाल को दी गई। इसके बाद उन्होंने वहां (रेसीडेंसी कोठी) भोजन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अधिकारियों को सूचित किया कि वे एयरपोर्ट पर भोजन करेंगे।
सुरक्षा अधिकारियों को दी गई थी गंदी बेडशीट
जानकारी के अनुसार, राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को दागदार बेडशीट दी गई थी। साफ बेडशीट की मांग पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद चाय भी ठंडी पहुंचा दी गई। इसके बाद सुरक्षा अधिकारी ने किचन और पैंट्री का निरीक्षण किया। यहां फ्रिज में भी सड़ी सामग्री रखी मिली।
एजेंसी पर एक्शन
किचन इंचार्ज राकेश सिंह और अमित शर्मा को फटकार लगाई गई। दोपहर में नए कुकर और क्रॉकरी की व्यवस्था कराई गई।
बता दें कि हाउसकीपिंग की जिम्मेदारी रतन एंपोरियम सिक्योरिटी कंपनी के पास है। कर्मचारियों के अनुसार, जुलाई 2023 से भुगतान लंबित है। हाल ही में मात्र चार लाख रुपए दिए गए हैं।
मामला सामने आते ही कलेक्टर ने एजेंसी को टर्मिनेट कर दिया है। ये भी बताया जा रहा है कि कंपनी को 20 लाख तक का भूगतान किया गया है।
किचन इंचार्ज ने बताई नाराजगी की वजह
किचन इंचार्ज राकेश प्रताप ने कहा कि बेडशीट पर दाग लगा हुआ था। इस कारण साहब नाराज हो गए। किचन में आए तो उन्हें बर्तन खराब मिले और कुछ छिलके बिखरे हुए थे।”
एजेंसी को किया गया टर्मिनेट
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एजेंसी को बदल दिया गया है और नई व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए सख्ती बरती जाएगी।
Sootr Alert
राज्यपाल स्तर के दौरे में ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। प्रशासनिक जानकारों के मुताबिक, वीवीआईपी दौरे से पहले प्रोटोकॉल के तहत निरीक्षण होना चाहिए। यदि अंतिम समय में ऐसी स्थिति सामने आती है, तो यह मॉनिटरिंग सिस्टम की गंभीर चूक मानी जाती है।
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