इंदौर के उद्योगपति हेमंत नीमा...ड्राइवर की हत्या केस से बरी, पूर्व पार्षद, ASI, तहसीलदार पलटे

Sanjay Gupta | Apr 04, 2026, 13:12 IST
Share
indore hemant neema
indore hemant neema

इंदौर में उद्योगपति हेमंत नीमा, उनके बेटे पीयूष समेत 12 आरोपियों को ड्राइवर प्रमोद मतकर हत्या केस में कोर्ट ने बरी कर दिया है। छह साल चले ट्रायल में सबूत कमजोर रहे। कई अहम गवाह बयान से पलट गए। इसमें पूर्व पार्षद, पुलिस अधिकारी और तहसीलदार शामिल हैं।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • 10 मार्च 2020 को ड्राइवर प्रमोद मतकर की हत्या हुई थी।
  • केस में हेमंत नीमा, उनके बेटे पीयूष समेत 12 आरोपी थे।
  • 6 साल ट्रायल चला, लेकिन सबूत मजबूत नहीं रहे।
  • कई अहम गवाह, जिनमें अधिकारी और डॉक्टर शामिल थे। वे बयान से पलट गए।
  • कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
Indore. इंदौर के उद्योगपति हेमंत नीमा और उनके पुत्र पीयूष सहित सभी 12 आरोपी हत्या के मामले से बरी हो गए हैं। इंदौर में 6 साल पहले हुए इस हत्याकांड के अधिकांश अहम गवाह, जिनमें पूर्व पार्षद, अधिकारी और डॉक्टर शामिल थे, वे पक्षद्रोही होकर अपने बयानों से पलट गए।

10 मार्च 2020 को उद्योगपति हेमंत नीमा के ड्राइवर प्रमोद मतकर की हत्या हुई थी। इस केस में नीमा के साथ उनके पुत्र पीयूष सहित 12 आरोपी बने थे। लेकिन अब 6 साल के ट्रायल के बाद जिला कोर्ट महू ने इन सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।

5c7c0cfe-1f8
5c7c0cfe-1f8


1d44ea52-a1d
1d44ea52-a1d




कौन-कौन थे आरोपी

इस केस में जगदीश, रितेश, राहुल, हरीश, हेमंत नीमा का बेटा पीयूष, हेमंत नीमा, सुरेंद्र सिंह, शेखर धाकड़, लोकेश, मोहन सिंह, व्यापक दुबे और कुणाल गोयल आरोपी थे। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सिरपुर और उदयप्रताप सिंह थे।

9b2ae143-235
9b2ae143-235


7149d795-e18
7149d795-e18


पुलिस के अनुसार यह घटना हुई

पुलिस में दर्ज केस के अनुसार 10 मार्च 2020 को बाईग्राम तोलिया के पास पुलिया के एक व्यक्ति का शव मिला। यह शव प्रमोद का था। जांच में सामने आया कि वह हेमंत नीमा का ड्राइवर था। इसने उनके पुत्र पीयूष को गलत आदतें लगा दी थीं। जब पीयूष का विवाह हुआ तो उनकी पत्नी ने इसकी जानकारी हेमंत को दी थी।

हत्या कैसे हुई

नीमा ने अपने कर्मचारी जगदीश, लोकेश और सोनू के जरिए प्रमोद को बुलवाया और उसकी पिटाई की। इसके बाद पीयूष, हेमंत, शेखर, मोहन और राहुल ने भी उसके साथ मारपीट की। जब प्रमोद की तबीयत बिगड़ी, तो उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां से वापस लाकर उसे फिर बेल्ट, क्रिकेट बैट और डंडों से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

लाश छिपाने के उद्देश्य से जगदीश, गोलू और कुणाल शव को कार से ले गए और भेरूघाट के पास बाईग्राम में फेंक दिया। पुलिस ने कार और हेमंत के घर से ब्लड सैंपल बरामद किए हैं, साथ ही मामले से जुड़े कुछ वीडियो और ऑडियो भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

पुलिस घटना को साबित नहीं कर पाई

इसके बावजूद पुलिस कोर्ट में घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ नहीं सकी। बरामद ब्लड की मात्रा इतनी कम थी कि ब्लड ग्रुप तक पता नहीं चल सका, जिससे यह साबित नहीं हुआ कि वह मृतक प्रमोद ही था। वीडियो में वॉइस की पुष्टि नहीं हुई। दिल्ली से एक रिपोर्ट भी नहीं आई। वॉइस सैंपल की रिपोर्ट संभावित थी, पुख्ता नहीं।

साथ ही पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि आखिरी बार प्रमोद को आरोपी जगदीश के साथ कब देखा गया था। हेमंत को उनकी पत्नी ने पीयूष और प्रमोद के बारे में कब बताया, इस पर भी स्पष्ट बयान नहीं थे।

पूर्व पार्षद, तहसीलदार सभी पलटे

इस मामले में न्यायाधीश भरत कुमार व्यास ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने एसपी इंदौर को पत्र लिखकर पक्षद्रोही हुए सरकारी गवाहों की जांच के निर्देश दिए हैं। कहा गया कि एसपी यह देखें कि गवाह सामान्य रूप से पलटे या किसी लाभ के कारण।

पलटने वालों में एएसआई भागीरथ जाट, नायब तहसीलदार रितेश जोशी, डॉक्टर नीरज गुप्ता, डॉ. संजय वाधवानी और डॉक्टर जिनेंद्र सेठिया शामिल हैं। इनकी जांच की जाए।

पूर्व पार्षद भी हुए पक्षद्रोही

इस मामले में पूर्व पार्षद लोकेंद्र सिंह भी पक्षद्रोही साबित हुए। पुलिस के अनुसार, जब प्रमोद को पीटा गया और उसकी तबीयत बिगड़ी, तब लोकेंद्र ने डॉक्टर को फोन किया था। लेकिन कोर्ट में उन्होंने इस घटना से ही इनकार कर दिया। वहीं डॉक्टर भी अपने बयान से पलट गए।

वाहों के पलटने पर कोर्ट की टिप्पणी

जज ने स्पष्ट लिखा कि लगातार गवाह पक्षद्रोही हो रहे हैं और बयान से पलट रहे हैं, जिससे न्याय में बाधा आ रही है। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ते हैं। शासकीय कर्मचारी और डॉक्टर जैसे जिम्मेदार लोगों का इस तरह पलटना संदेह पैदा करता है। इसलिए इसकी जांच जरूरी है।

ये खबरें भी पढ़ें....

नीलामी फेल: अब एमपी में निगम-मंडल चलाएंगे शराब की दुकानें

रिटायरमेंट के 7 दिन में मिलेगी ग्रेच्युटी, MP सरकार का बड़ा फैसला

इंदौर में नए LPG कनेक्शन पर एक महीने की रोक, पोर्टल बंद

अब्दुल्ला खान करेंगे हिंदू बेटी का कन्यादान, बिना धर्म बदले दी परवरिश

Tags:
  • इंदौर
  • Indore
  • जिला कोर्ट
  • महू
  • इंदौर के उद्योगपति
  • हत्याकांड
  • मारपीट
  • उद्योगपति हेमंत नीमा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा