इंदौर की देपालपुर और सांवेर सीट, जहां एक बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस के जीतने का रोचक रिकॉर्ड, अभी पटेल और सिलावट विधायक
Pratibha Rana | Oct 16, 2023, 24:00 IST
इंदौर की देपालपुर और सांवेर सीट, जहां एक बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस के जीतने का रोचक रिकॉर्ड, अभी पटेल और सिलावट विधायक
इंदौर जिले की नौ सीटों में से 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इन सीटों में देपालपुर और सांवेर (एससी) सीट ऐसी हैं, जहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच चेयररेस चलती है।
संजय गुप्ता@ INDORE.
इंदौर जिले की नौ सीटों में से 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इन सीटों में देपालपुर और सांवेर (एससी) सीट ऐसी हैं, जहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच चेयररेस चलती है और एक बार यह बीजेपी के तो एक बार कांग्रेस के खाते में जाती है। देपालपुर से अभी कांग्रेस के विशाल पटेल विधायक है और एक बार फिर वह चुनावी मैदान में होंगे, उनका नाम घोषित हो गया है, उनके सामने बीजेपी के पूर्व विधायक मनोज पटेल फिर मैदान में हैं। इसी तरह सांवेर में मंत्री तुलसीराम सिलावट विधायक है जो बीजेपी मे हैं और उनका टिकट फिर से घोषित हुआ है, कांग्रेस से रीना सैतिया पहली बार मैदान में उतरेंगी। ऐसे में पटेल और सिलावट दोनों को इतिहास बदलने के लिए खासी मेहनत के साथ जनता का विश्वस और वोट भी लगेगा, क्योंकि यहां की जनता एक ही पार्टी को लगातार दो बार नहीं जिताती है।
देपालपुर सीट का 1980 से इतिहास देखिए
देपालपुर सीट के 1980 से अभी तक के 43 साल में दस चुनाव के रिकार्ड में केवल 1990 और 1993 के दौरान ऐसा हुआ जब बीजेपी के निर्भय सिंह पटेल लगातार दो बार जीते। आपको बता दें कि निर्भय सिंह पटेल बीजेपी में मंत्री रहे हैं और धाकड़ नेता माने जाते रहे हैं, उनके निधन के बाद बेटे मनोज पटेल को लगातार पांचवी बार यहां से बीजेपी से टिकट मिला है। उधर कांग्रेस में भी इसी तरह रामेशवर पटेल विधायक रहे हैं औऱ् बाद में पुत्र सत्यनारायण पटेल भी विधायक रहे हैं। कांग्रेस से जगदीश पटेल भी चुनाव लड़े और एक बार विधायक बने, अब उनके पुत्र विशाल पटेल कांग्रेस से विधायक है। यानि यहां टिकट बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों से पिता-पुत्र के बीच चलता रहा है।
जिले में इकलौती एससी सीट आरक्षित सांवेर है। यहां 1985 से तुलसीराम सिलावट दो चुनाव छोड़कर हर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रकाश सोनकर 1990 औऱ् 1993 में बीजेपी से दो बार लगातार चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी है, वहीं सिलावट के नाम अनोखा रिकार्ड है, वह 2018 में कांग्रेस के प्रत्याशी तौर पर चुनाव जीते तो फिर नवंबर 2020
उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी तौर पर चुनाव जीते
1980- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के राधाकिशन मालवीय हारे
1985- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते, बीजेपी के प्रकाश सोनकर हारे
1990- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
1993- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
1998- कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डु जीते, बीजेपी के प्रकाश सोनकर हारे
2003- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय हारे
2008- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते, बीजेपी की निशा सोनकर हारी
2013- बीजेपी के राजेश सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
2018- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते और बीजेप के राजेश सोनकर हारे
2020 (उपचुनाव)- बीजेपी से तुलसीराम सिलावट जीते, कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डु हारे
(2023 के चुनाव में बीजेपी से तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस से रीना सैतिया चुनाव में आमने-सामने होंगे)
इंदौर जिले की नौ सीटों में से 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इन सीटों में देपालपुर और सांवेर (एससी) सीट ऐसी हैं, जहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच चेयररेस चलती है और एक बार यह बीजेपी के तो एक बार कांग्रेस के खाते में जाती है। देपालपुर से अभी कांग्रेस के विशाल पटेल विधायक है और एक बार फिर वह चुनावी मैदान में होंगे, उनका नाम घोषित हो गया है, उनके सामने बीजेपी के पूर्व विधायक मनोज पटेल फिर मैदान में हैं। इसी तरह सांवेर में मंत्री तुलसीराम सिलावट विधायक है जो बीजेपी मे हैं और उनका टिकट फिर से घोषित हुआ है, कांग्रेस से रीना सैतिया पहली बार मैदान में उतरेंगी। ऐसे में पटेल और सिलावट दोनों को इतिहास बदलने के लिए खासी मेहनत के साथ जनता का विश्वस और वोट भी लगेगा, क्योंकि यहां की जनता एक ही पार्टी को लगातार दो बार नहीं जिताती है।
देपालपुर सीट का 1980 से इतिहास देखिए
देपालपुर सीट के 1980 से अभी तक के 43 साल में दस चुनाव के रिकार्ड में केवल 1990 और 1993 के दौरान ऐसा हुआ जब बीजेपी के निर्भय सिंह पटेल लगातार दो बार जीते। आपको बता दें कि निर्भय सिंह पटेल बीजेपी में मंत्री रहे हैं और धाकड़ नेता माने जाते रहे हैं, उनके निधन के बाद बेटे मनोज पटेल को लगातार पांचवी बार यहां से बीजेपी से टिकट मिला है। उधर कांग्रेस में भी इसी तरह रामेशवर पटेल विधायक रहे हैं औऱ् बाद में पुत्र सत्यनारायण पटेल भी विधायक रहे हैं। कांग्रेस से जगदीश पटेल भी चुनाव लड़े और एक बार विधायक बने, अब उनके पुत्र विशाल पटेल कांग्रेस से विधायक है। यानि यहां टिकट बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों से पिता-पुत्र के बीच चलता रहा है।
- 1980- बीजेपी के निर्भय सिंह पेटल जीते, कांग्रेस के आर. अग्रवाल हारे
- 1985- कांग्रेस के रामेशवर पटेल जीते, बीजेपी के निर्भय सिंह पटेल हारे
- 1990- बीजेपी के निर्भय सिंह पटेल जीते, कांग्रेस के बापू सिंह मंडलोई हारे
- 1993- बीजेपी के निर्भय सिंह पटेल जीते, कांग्रेस के रामेश्वर पटेल हारे
- 1998- कांग्रेस केजगदीश पटेल जीते, बीजेपी के प्रेम पटेल हारे
- 2003- बीजेपी के मनोज पटेल जीते, कांग्रेस के सत्यनारायण पटेल हारे
- 2008- कांग्रेस के सत्तू पटेल जीते बीजेपी के मनोज पटेल हारे
- 2013- बीजेपी के मनोज पटेल जीते, कांग्रेस के सत्तू पटेल हारे
- 2018- कांग्रेस के विशाल पटेल जीते, बीजेपी के मनोज पटेल हारे
- (2023 में कांग्रेस के विशाल पटेल और बीजेपी के मनोज पटेल फिर आमने-सामने हैं)
जिले में इकलौती एससी सीट आरक्षित सांवेर है। यहां 1985 से तुलसीराम सिलावट दो चुनाव छोड़कर हर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रकाश सोनकर 1990 औऱ् 1993 में बीजेपी से दो बार लगातार चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी है, वहीं सिलावट के नाम अनोखा रिकार्ड है, वह 2018 में कांग्रेस के प्रत्याशी तौर पर चुनाव जीते तो फिर नवंबर 2020
उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी तौर पर चुनाव जीते
1980- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के राधाकिशन मालवीय हारे
1985- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते, बीजेपी के प्रकाश सोनकर हारे
1990- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
1993- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
1998- कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डु जीते, बीजेपी के प्रकाश सोनकर हारे
2003- बीजेपी के प्रकाश सोनकर जीते, कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय हारे
2008- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते, बीजेपी की निशा सोनकर हारी
2013- बीजेपी के राजेश सोनकर जीते, कांग्रेस के सिलावट हारे
2018- कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट जीते और बीजेप के राजेश सोनकर हारे
2020 (उपचुनाव)- बीजेपी से तुलसीराम सिलावट जीते, कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डु हारे
(2023 के चुनाव में बीजेपी से तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस से रीना सैतिया चुनाव में आमने-सामने होंगे)
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