इंदौर में रिश्वत में पकड़ाए जूनियर इंजीनियर का सनसनीखेज आरोप- लोकायुक्त ऑफिस में पीटा

Sanjay Gupta | Aug 12, 2025, 18:37 IST
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इंदौर के बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र पाटकर ने लोकायुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पाटकर ने पत्र में दावा किया है कि उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया और लोकायुक्त कार्यालय में पीटकर रिश्वत का झूठा केस बनाया गया।

इंदौर लोकायुक्त द्वारा गुरुवार को दस हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र पाटकर ने एक पत्र लिखकर सनसनी मचा दी है। पाटकर ने लोकायुक्त एसपी को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें उन पर झूठी एफआईआर किए जाने की बात कही गई है। इसमें गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है कि लोकायुक्त कार्यालय लाकर मुझे पीटा गया और यह कहते हुए झूठा केस बनाया कि टारगेट पूरा करना है।

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यह हुआ था केस

लोकायुक्त इंदौर ने सूर्यकांत सोनोने राजमोहल्ला निवासी इंदौर की शिकायत पर पाटकर के आफिस में छापा मारकर पकड़ा था। शिकायत थी कि कि गोदाम में स्टीम मशीन लगाने के लिए 10 किलोवाट का बिजली कनेक्शन के लिए 40 हजार फीस के साथ दस हजार की रिश्वत मांगी जा रही है। एसपी लोकायुक्त राजेश सहाय को 6 अगस्त को शिकायत होने पर टीम बनाकर 7 अगस्त को ट्रेप की कर्रवाई की गई। इसमें पाटकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत केस हुआ।

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लोकायुक्त कार्यालय लाकर पीटा, टारेगट पूरा करने केस किया


पाटकर ने लोकायुक्त एसपी को लिखे पत्र में कहा है कि- मैं सुभाष चौक पर पदस्थ था, 7 अगस्त को करीब 12.30 बजे एक व्यक्ति मेरे केबिन में आया और मेरी जेब में रुपए डाल दिए, जो मैंने जेब से निकालकर फेंक दिए। इतने में कुछ लोग अंदर आए और मुझे पकड़ लिया। मुझे लोकायुक्त कार्यालय में ले आए और मेरे साथ बहुत ज्यादा मारपीट की और मेरी पेंट की जेब में रुपए रख दिए। मुझ पर झूठा केस बनाया। मैंने मना किया लेकिन बोले टारगेट पूरा करना है। महोदय मेरा निवेदन है कि इस केस में झूठी एफआईआर निरस्त की जाए, जिससे मुझे न्याय मिले।

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लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय

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