इंदौर में पिंटू, रिंकू, रमेश राय, एके सिंह सभी शराब ठेकेदारों का मोह गुजरात की अवैध शराब लाइन
Sanjay Gupta | Sept 26, 2024, 13:17 IST
PINTU
इंदौर के कई शराब ठेकेदार, कारोबारियों का मोह गुजरात की ओर अवैध शराब लाइन चलाने के लिए ज्यादा होता है। इसमें कई कारोबारी गिरफ्तार हो चुके हैं।
शराब तस्करी के लिए बदनाम शराब करोबारी रमेश राय को गुजरात दाहोद की एसटीएफ इंदौर बंगले से गिरफ्तार करके ले गई है। यह पहला मामला नहीं है, इंदौर के कई शराब ठेकेदार, कारोबारियों का मोह गुजरात की ओर अवैध शराब लाइन चलाने के लिए ज्यादा होता है। इसमें कई कारोबारी गिरफ्तार हो चुके हैं। बड़े नामों में रमेश राय के साथ ही रिंकू भाटिया, पिंटू भाटिया, एके सिंह, अल्केश बाकलिया इनके नाम बार-बार सामने आते हैं। इस धंधे में रिंकू, पिंटू गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
पिंटू उर्फ हरविंदर भाटिया : अवैध शराब कारोबार में सबसे ज्यादा दखल रखने वाला व्यक्ति है। एके सिंह के साथ जुड़ा हुआ है। यह सालों से शराब की तस्करी में लगा हुआ है, जिसमें 2017 में रीवा के चुरहट में पुलिस ने इंदौर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। शराब कारोबार के लिए फर्जी बैंक गारंटी लगाने में भी ईओडब्ल्यू में जांच चल रही है, जिसमें पत्नी भी शामिल है। तीन साल पहले विजयनगर में शराब कारोबारी अर्जुन ठाकुर पर हुए गोलीकांड में भी इसे आरोपी बनाया गया था। विवादित कन्फेक्शनरी कारोबारी संजय जैसवानी के साथ भी खालसा न्यूट्रिशन फैक्ट्री में यह जुड़ा हुआ है।
एके सिंह : यह पिंटू भाटिया के साथ हर धंधे में जुड़ा हुआ है चाहे शराब का कारोबार हो या फिर जैसवानी के साथ हो रहे कन्फेक्शनरी का कारोबार। या फिर विजयनगर का ही तीन साल पहले हुआ गोलीकांड। इसमें यह पिंटू, सतीश भाउ, हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर के साथ ही आरोपी बना था। शराब ब्लैक कर इसकी शुरूआत हुई थी और फिर ठेकेदार और कारोबारी तक बन गया। 25 साल पहले गाजियाबाद से इंदौर शराब का कामकाज करने के लिए आया था। तब नानक सिंह अजवानी के साथ अन्य राज्यों के परमिट लाने के बाद पूरे प्रदेश में अवैध शराब का बड़ा जाल स्थापित कर लिया।
ये भी पढ़ें...इंदौर श्री गुरुसिंघ सभा चुनाव के पहले तनाव, रिंकू भाटिया पर लगे धमकाने के आरोप, शराब तस्करी सहित IAS से मारपीट में जेल जा चुके
रिंकू उर्फ मनजीत सिंह भाटिया : यह इंदौर का शराब कारोबार में जमा हुआ पुराना नाम है। जिस पर शराब तस्करी को लेकर कितने केस चल रहे, शायद इसका हिसाब भी इनके पास नहीं होगा। अक्टूबर 2022 में धार में आईएएस के साथ शराब तस्करों द्वारा हुई मारपीट में इसे आरोपी बनाया गया और धार पुलिस ने एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। सिख समाज की राजनीति में उतरा हुआ है और इसका लाभ उठाकर लोगों से मिलता-जुलता है और लाभ उठाता है। इसकी खालसा एंड कंपनी ने अलीराजपुर में शराब ठेका लिए हुए है।
रमेश राय : यह भी शराब कारोबारियों में बदनाम नाम है, जो बुधवार को गुजरात एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है। इसका पूरा मोह गुजरात के सटे जिलों के ठेके उठाने में रहता है, जहां से यह अपनी शराब को गुजरात में अवैध रूप से भेज सके। इसी धंधे की काली कमाई 56 लाख रुपए मार्च में ही चुनाव के समय इसकी कार से पकड़ाई थी।
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शराब सिंडिकेट में विवाद के बाद अब शराब ठेकेदार गुट बनाकर काम कर रहे हैं।
शराब कारोबारियों की करतूतें
एके सिंह : यह पिंटू भाटिया के साथ हर धंधे में जुड़ा हुआ है चाहे शराब का कारोबार हो या फिर जैसवानी के साथ हो रहे कन्फेक्शनरी का कारोबार। या फिर विजयनगर का ही तीन साल पहले हुआ गोलीकांड। इसमें यह पिंटू, सतीश भाउ, हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर के साथ ही आरोपी बना था। शराब ब्लैक कर इसकी शुरूआत हुई थी और फिर ठेकेदार और कारोबारी तक बन गया। 25 साल पहले गाजियाबाद से इंदौर शराब का कामकाज करने के लिए आया था। तब नानक सिंह अजवानी के साथ अन्य राज्यों के परमिट लाने के बाद पूरे प्रदेश में अवैध शराब का बड़ा जाल स्थापित कर लिया।
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रिंकू उर्फ मनजीत सिंह भाटिया : यह इंदौर का शराब कारोबार में जमा हुआ पुराना नाम है। जिस पर शराब तस्करी को लेकर कितने केस चल रहे, शायद इसका हिसाब भी इनके पास नहीं होगा। अक्टूबर 2022 में धार में आईएएस के साथ शराब तस्करों द्वारा हुई मारपीट में इसे आरोपी बनाया गया और धार पुलिस ने एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। सिख समाज की राजनीति में उतरा हुआ है और इसका लाभ उठाकर लोगों से मिलता-जुलता है और लाभ उठाता है। इसकी खालसा एंड कंपनी ने अलीराजपुर में शराब ठेका लिए हुए है।
रमेश राय : यह भी शराब कारोबारियों में बदनाम नाम है, जो बुधवार को गुजरात एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है। इसका पूरा मोह गुजरात के सटे जिलों के ठेके उठाने में रहता है, जहां से यह अपनी शराब को गुजरात में अवैध रूप से भेज सके। इसी धंधे की काली कमाई 56 लाख रुपए मार्च में ही चुनाव के समय इसकी कार से पकड़ाई थी।
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दो गुटों में बंटे हैं शराब कारोबारी
- इसमें एक गुट एके सिंह, पिंटू भाटिया, अल्केश बाकलिया का है। अल्केश गुजरात में सक्रिय है, जो इनकी वहां आने वाली शराब को ठिकाने लगाता है और पुलिस से गिरफ्तार भी हो चुका है। इस गुट के पास पहले धार, झाबुआ जिला भी था, जो गुजरात से सटा हुआ है। इनका ग्रुप गुरुकृपा बायोफ्यूल है जिसे झाबुआ का 200 करोड़ का ठेका मिला है। हालांकि कागजों पर नरीज कुमार, संदीप जुनेजा और ओम पुरोहित है।
- लेकिन इस बार धार जिले का पूरा ठेका सूरज रजक गुट ने उठा लिया। इसके बाद दोनों गुटों में आपसी खींचातानी बढ़ गई है, हालत गैंगवार तक की आ चुकी है। इसमें रजक के साथ रमेश राय भी जुड़े हैं, साथ ही लल्ला शिवहरे, नन्हे सिंह भी शामिल है। गिरफ्तार रमेश राय इसी गुट से जुड़ा हुआ है।
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