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News in Short
- हाईकोर्ट ने अनवर कादरी की जमानत मंजूर की, शर्तों के साथ।
- कादरी को 25 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली।
- हर रविवार पुलिस स्टेशन में हाजिरी देना होगा।
- कादरी पर 26 गंभीर अपराधों का आरोप है, जिसमें डकैती भी शामिल है।
- जिला कोर्ट ने पहले जमानत खारिज कर दी थी, अब हाईकोर्ट ने मंजूरी दी।
News in detail
इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से लव जिहाद के लिए फंडिंग करने वाले और 26 अपराधों के आरोपी पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की जमानत मंजूर हो गई। जिला कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे बुधवार 4 फरवरी को मंजूर कर लिया गया है। इस जमानत आदेश में कई शर्तें लगाई गई है।
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इंदौर में लव जिहाद की फंडिंग और 26 अपराधों के आरोपी अनवर कादरी को हाईकोर्ट से जमानत
हर रविवार थाने में देना होगी हाजिरी
जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने जमानत आदेश जारी किए। इसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता अनवर कादरी को 25 हजार रुपए की राशि के निजी मुचलके पर जमानत मंजूर की जाती है। साथ ही उन्हें और इतनी ही राशि के एक सक्षम जमानतदार को निचली अदालत की संतुष्टि के लिए प्रस्तुत करना होगा। साथ ही शर्त है कि वह मुकदमे की सुनवाई के दौरान निचली अदालत के समक्ष नियमित रूप से उपस्थित होंगे।
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 437 (3) के अंतर्गत शर्तों का पालन करना होगा। आवेदक कादरी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए, उसे हर रविवार को 12:00 बजे से 4:00 बजे तक संबंधित पुलिस स्टेशन में उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
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शर्तों का उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द होगी
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि आवेदक इस आदेश की किसी भी शर्त के उल्लंघन में शामिल पाया जाता है। तो उसकी जमानत रद्द करने के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष आवेदन दायर किया जा सकता है।
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कादरी पर आरोप दो लाख की करता था फंडिंग
बाणगंगा थाने में युवती ने जून 2025 में साहिल शेख व अन्य के खिलाफ शिकायत की। इसमें साहिल पर आरोप लगाए कि प्रेम में फंसाया और फिर शारीरिक शोषण किया। साहिल दबाव बनाता था कि धर्म बदल लो और बुर्का पहनो। बाद में साहिल ने बयान दिया कि इस काम के लिए कादरी की तरफ से दो लाख रुपए की फंडिंग दी जाती थी। इसके बाद कादरी को मुख्य आरोपी बनाया गया। उस पर विविध धाराओं में केस दर्ज किया गया। कादरी केस के बाद फरार हुआ और लंबे समय बाद कोर्ट में सरेंडर हुआ। इसके बाद 29 अगस्त 2025 से ही वह जेल में ही है।
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कादरी पर एक-दो नहीं पूरे 26 अपराध
अनवर कादरी पर एक-दो नहीं पूरे 26 अपराध दर्ज है। इसमें डकैती से लेकर कई गंभीर धाराएं लगी है। डकैती के कारण ही उसे अनवर डकैत कहा जाने लगा था। इस केस के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर अनवर कादरी की पार्षदी खत्म करने का पत्र लिखा। वहीं निगम परिषद में प्रस्ताव पास कर भी पार्षदी खत्म की गई। वहीं संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी खाड़े ने भी पार्षदी खत्म कर चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया।
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जिला कोर्ट में खारिज हुई थी याचिका
इस केस में कादरी ने जमानत के लिए जिला कोर्ट में पहले आवेदन लगाया था। यहां 10 दिसंबर को याचिका खारिज हो गई थी। इसमें कादरी ने आरोपी साहिल व अन्य की जमानत हाईकोर्ट व जिला कोर्ट से मंजूर होने का हवाला देकर कहा था कि वह सह आरोपी है। जब अन्य आरोपी की हो गई तो उन्हें भी जमानत होना चाहिए।
इस पर जिला कोर्ट ने सभी तर्क सुनने के बाद कहा कि इस केस में कादरी पर फंडिंग के आरोप है। इस तरह वह मुख्य आरोपी है, ऐसे में जमानत नहीं हो सकती है। अब हाईकोर्ट में भी कादरी ने इसी आधार पर जमानत मांगी कि बाकी सभी आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट, जिला कोर्ट से मंजूर हो चुकी है तो उन्हें भी जमानत दी जाए।
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