महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- अधिकारी नहीं सुनते, ऐसे काम नहीं कर सकता, उमा भारती का तंज- नहीं चली तो पद पर बैठे बिसलेरी क्यों पीते रहे

Sanjay Gupta | Jan 02, 2026, 13:51 IST
Share
Pushyamitra Bhargav-bhagirathpura-case
Pushyamitra Bhargav-bhagirathpura-case

इंदौर महापौर ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वे नगर निगम के कामकाज में लापरवाही बरत रहे हैं और महापौर की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

इंदौर नगर निगम में नेता और नौकरशाही के बीच चल रही लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। भागीरथपुरा कांड में 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक बंद बैठक में यह कहकर हलचल मचा दी कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते, और वह ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकते। अब पूर्व सीएम उमा भारती ने महापौर पर तंज कसते हुए इस पर प्रतिक्रिया दी है।

महापौर ने क्या बोला

एक जनवरी को रेसीडेंसी कोठी में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और एसीएस संजय दुबे ने एक बैठक की। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप यादव और जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा जैसे लोग मौजूद थे।

इस दौरान इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सीधे कहा कि- यह हालात इसलिए हैं क्योंकि एक ही अधिकारी को सारे काम दिए हुए हैं और बाकी अधिकारी फ्री बैठे हैं। मैं किस काम का महापौर हूं, अधिकारी सुनते नहीं हैं। मैं ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकता हूं। आप मुख्यमंत्री तक यह संदेश पहुंचा दो। फैसलों का पालन नहीं हो रहा है। अधिकारी बता दें कि कितनी बार फोन करना पड़ेगा।

उमा भारती ने यह कसा तंज

इस पर पूर्व सीएम उमा भारती ने तंज कसते हुए कहा कि - इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं।. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!

उमा भारती ने यह भी कहा था

इससे पहले भारती ने ट्वीट करते हुए कहा था कि- 2025 के आखिर में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और पूरी व्यवस्था के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड पाने वाले इस नगर में इतनी गंदगी, बदसूरती और जहर मिला पानी था, जो कई जिंदगियों को निगल चुका है और और निगलता जा रहा है, और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती, क्योंकि उनके परिवार वाले जिंदगी भर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और जो भी नीचे से लेकर ऊपर तक अपराधी हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। यह मोहन यादव जी के लिए एक परीक्षा की घड़ी है।

अब तक 15 की मौत

भागीरथपुरा कांड में 15 मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा अस्पतालों में भर्ती हैं। इस कांड ने पूरे निगम के काम की कलई खोलकर रख दी है। इतनी भद निगम की कभी नहीं पिटी है। हालत बेकाबू है और देश-प्रदेश में सफाई के सिरमौर शहर को कोसा जा रहा है, जहां पीने के पानी से ही मौत हो गई।

अब ऐसे में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जो बैठक में कहा वह खराब हालत को खुलकर बताता है। उधर पानी की सैंपल की प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें साफ है कि यह जहरीला था और मल-मूत्र वाला था। इसमें जहरीले बैक्टीरिया थे। वहीं शुक्रवार दो जनवरी को हाईकोर्ट में भी सुनवाई है।

भागीरथपुरा कांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...

भागीरथपुरा कांड- वर्षों पहले ही हो गया था दूषित जल का खुलासा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निगम को 3 बार लिखे पत्र, लेकिन ध्यान नहीं दिया

बैठक में यह भी बिफर गए

इस पर एसीएस ने कहा कि दो-तीन और अधिकारी दे रहे हैं, कमी है इससे हो जाएगा। इस पर महापौर ने कहा कि अधिकारियों की कमी नहीं है। सही तरह से कार्य विभाजन किया जाए, एक ही को सभी काम दे रखे हैं।

इसके बाद जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा ने कहा कि- अब तो हाथ उठाने की नौबत आ जाती है। हालत खराब है। पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि अधिकारियों का रवैया ऐसा है कि पार्षदों के साथ भी मारपीट हो सकती है। वहीं विधायक हार्डिया ने भी कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।

मंत्री बोले पहली बार इतना विरोध देख रहा हूं

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी को साथ में लेकर काम करने की बात कही। साथ ही कहा कि मैं राजनीतिक जीवन में पहली बार इस तरह आमजन का विरोध देख रहा हूं। वहीं एसीएस दुबे ने निगमायुक्त दुबे को सभी का समन्वय बनाकर काम करने की बात कही।

इंदौर नगर निगम के इन हालातों पर इरतिजा निशात का यह शेर सही बैठता है कि- कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है, कुछ नहीं कर सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।

इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा

भागीरथपुरा कांड पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है। राहुल ने X पर कहा, इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं - और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी;

सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की - फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?



Tags:
  • राहुल गांधी
  • उमा भारती
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
  • इंदौर नगर निगम
  • इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव
  • विधायक महेंद्र हार्डिया
  • कलेक्टर शिवम वर्मा
  • गोलू शुक्ला
  • निगमायुक्त दिलीप यादव
  • भागीरथपुरा कांड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा