इंदौर में सीएम मोहन यादव से महिला ने मांगा था मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर मुआवजा, जांच में यह मिला
Sanjay Gupta | Jun 20, 2026, 14:28 IST
सीएम मोहन यादव इंदौर
इंदौर में सीएम मोहन यादव के दौरे के समय 18 जून को एक महिला ने मुआवजे की मांग की थी। महिला ने कहा था कि अधिकारी उनकी सुन नहीं रहे हैं और मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। सीएम ने आदेश दिए थे कि मुआवजा नीति के तहत समान हक दिया जाए।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में घर जाने को लेकर पिंकी वर्मा नामक महिला मुआवजे की मांग कर रही हैं। गुरुवार, 18 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान वह उनसे मिली थीं। उन्होंने सीएम से रोते हुए कहा था कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं और मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।
सीएम ने उन्हें भरोसा दिया, लेकिन महिला ने साफ कहा कि सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लिखित में कुछ दीजिए क्योंकि बिना लिखित के कोई सुनता नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने उनके आवेदन पर ही लिख दिया कि मेट्रो की मुआवजा नीति के मुताबिक सभी के साथ समान व्यवहार करते हुए आगे की कार्रवाई की जाए।
इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने तुरंत अधिकारियों को जांच कर राहत देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद एसडीएम निधि वर्मा ने तहसीलदार और मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को मौके पर भेजकर पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाई थी।
जांच में सामने आया कि महिला के पिता भरत वर्मा और भाई बलराम वर्मा को मुआवजा नीति के तहत फ्लैट या राशि लेने का विकल्प पहले ही दिया जा चुका है। वहीं, उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया है। साथ ही, यह भी पाया गया कि महिला शादीशुदा है और अलग घर में रहती है, इसलिए मुआवजा नीति के हिसाब से उनका अलग से हक नहीं बनता।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावितों को पीएम आवास के तहत फ्लैट दिया जाता है। वहीं, यदि वह चेक लेना चाहें तो सात लाख का चेक और एक लाख 36 हजार का भत्ता मिलता है। इस तरह आठ लाख 36 हजार का चेक दिया जाता है। यदि घर में 18 साल से ऊपर कोई है तो उन्हें अलग यूनिट मानकर फ्लैट या आठ लाख 36 हजार के चेक का ऑफर दिया जाता है।
इस केस में महिला पिंकी वर्मा शादीशुदा है और वह अलग लसूडिया में रहती है, इसलिए उनका अधिकार नहीं बनता है। मेट्रो प्रभावित घर में पिता भरत व 18 साल से अधिक उम्र का बेटा बलराम है, इसलिए कुल 16 लाख 72 हजार का चेक दिया गया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
प्रशासन ने इस मामले में वर्मा परिवार को पहले फ्लैट और चेक दोनों विकल्प दिए, लेकिन उन्होंने दोनों ही लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उनकी सहमति के मुताबिक पास की कुछ कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस प्लॉट भी दिखाए गए, लेकिन वे भी उन्हें पसंद नहीं आए। इसी वजह से मामला अभी अटका हुआ है।
इस प्रोजेक्ट में कुल 16 घर प्रभावित हुए थे। इनमें से 15 परिवार फ्लैट या मुआवजे की राशि ले चुके हैं। सिर्फ वर्मा परिवार का मामला ही बाकी रह गया है।
वहीं पिंकी वर्मा का कहना है कि छोटे घरों वालों को ज्यादा मुआवजा मिला है। उनका कहना है कि उनके पिता दिव्यांग हैं, इसलिए उन्हें इतनी राशि दी जाए कि वे आसानी से दूसरा घर ले सकें।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर–उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन करेंगे सीएम मोहन यादव, जबलपुर आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू
MP News: इंदौर से उज्जैन सफर होगा आसान, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 20 जून को
इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: MP में 60 मिनट एक्सेस प्लान
इंदौर में सीएम की घोषणा-रोबोट चौराहे से रेडिनसन तक फ्लाईओवर, IDA स्कीम से छुटकारा
सीएम ने उन्हें भरोसा दिया, लेकिन महिला ने साफ कहा कि सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लिखित में कुछ दीजिए क्योंकि बिना लिखित के कोई सुनता नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने उनके आवेदन पर ही लिख दिया कि मेट्रो की मुआवजा नीति के मुताबिक सभी के साथ समान व्यवहार करते हुए आगे की कार्रवाई की जाए।
image_1200x_8d8ba38268c79a54ca33ffee5adc58b7-719942
प्रशासन ने कराई जांच, यह मिला
जांच में सामने आया कि महिला के पिता भरत वर्मा और भाई बलराम वर्मा को मुआवजा नीति के तहत फ्लैट या राशि लेने का विकल्प पहले ही दिया जा चुका है। वहीं, उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया है। साथ ही, यह भी पाया गया कि महिला शादीशुदा है और अलग घर में रहती है, इसलिए मुआवजा नीति के हिसाब से उनका अलग से हक नहीं बनता।
3a4fd5aa-8e3
इस तरह से दिया गया मुआवजा चेक
इस केस में महिला पिंकी वर्मा शादीशुदा है और वह अलग लसूडिया में रहती है, इसलिए उनका अधिकार नहीं बनता है। मेट्रो प्रभावित घर में पिता भरत व 18 साल से अधिक उम्र का बेटा बलराम है, इसलिए कुल 16 लाख 72 हजार का चेक दिया गया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
प्लॉट भी दिखाया और कॉलोनी में मकान भी
इस प्रोजेक्ट में कुल 16 घर प्रभावित हुए थे। इनमें से 15 परिवार फ्लैट या मुआवजे की राशि ले चुके हैं। सिर्फ वर्मा परिवार का मामला ही बाकी रह गया है।
वहीं पिंकी वर्मा का कहना है कि छोटे घरों वालों को ज्यादा मुआवजा मिला है। उनका कहना है कि उनके पिता दिव्यांग हैं, इसलिए उन्हें इतनी राशि दी जाए कि वे आसानी से दूसरा घर ले सकें।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर–उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन करेंगे सीएम मोहन यादव, जबलपुर आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू
MP News: इंदौर से उज्जैन सफर होगा आसान, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 20 जून को
इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: MP में 60 मिनट एक्सेस प्लान
इंदौर में सीएम की घोषणा-रोबोट चौराहे से रेडिनसन तक फ्लाईओवर, IDA स्कीम से छुटकारा
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA