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INDORE.पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की कुल आय में इंदौर जिले का हिस्सा करीब 25 फीसदी तक रहता है। इस स्थिति चिंताजनक है। इंदौर जिले में पंजीयन से कुल आय फरवरी अंत तक 2200 करोड़ रुपए ही हुई थी। इसके लिए लगभग 2900 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था। यानी 700 करोड़ रुपए कम।
वित्तीय साल 2025-26 के लिए इंदौर जिले की आय का लक्ष्य तीन हजार 97 करोड़ रुपए है। यानी इसके लिए मार्च माह में करीब 900 करोड़ रुपए की जरूरत है। ये वर्तमान स्थिति में संभव नहीं है। माना जा रहा है कि आय 2600-2700 करोड़ से ज्यादा नहीं होगी। हालत यह है कि बीते साल इसी अवधि में करीब 78 हजार दस्तावेज पंजीबद्ध हुए थे। इस बार यह संख्या 70 हजार करीब है।
प्रापर्टी गाइडलाइन में होगी बेतहाशा बढ़ोतरी
इस आय की कमी को अगले साल पूरा करना है। इसके लिए अब पंजीयन विभाग ने प्रापर्टी गाइडलाइन में बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। इसके लिए भोपाल से खुली छूट दी गई है। जहां तक हो सके 50 फीसदी की भी बढोतरी की जाए। वहीं जिले में औसतन बढ़ोतरी 20 फीसदी से ज्यादा होगी। जिले में कुल लोकेशन 4 हजार 800 हैं। इसमें से 3 हजार 500 जगह पर दाम बढ़ाने के प्रस्ताव तैयार हो गए हैं। यानी जिले में 73 फीसदी लोकेशन पर दाम बढ़ना तय है।
यहां पर 50 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी
शहर के मध्य और घने स्थल में दामों में अधिक बढ़ोतरी नहीं होनी है। यह बढ़ोतरी शहर के बाहर की ओर होगी। इसमें रिंग रोड, बायपास के साथ ही शहर में शामिल हुए 29 गांव, जिन 79 गांवों का मास्टर प्लान अटका है वहां पर और खासकर ग्रामीण एरिया में होगी।यहां पर बढ़ोतरी 50 से लेकर 100 फीसदी तक होगी। करीब सौ से ज्यादा लोकेशन ऐसे चिन्हित की गई है, जहां पर प्रापर्टी गाइडलाइन दोगुनी हो जाएगी, यानी 100 फीसदी बढ़ोतरी हो जाएगी।
अधिकांश लोकेशन पर 50 फीसदी तक बढ़ोतरी
वहीं चिन्हित 3 हजार 500 लोकेशन में से लगभग तीन हजार लोकेशन ऐसी होने वाली हैं, जिसमें 0 से लेकर 50 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। जिले की औसतन बढ़ोतरी 20 फीसदी के करीब रहेगी।
जहां जमीन अधिग्रहण वहां भी 20 फीसदी बढ़ोतरी
वहीं जमीन अधिग्रहण को लेकर कई जगह किसानों की आपत्ति और विरोध है। इसे देखते हुए भोपाल से भी निर्देश आए हैं कि यहां खेती की जमीन में 20 फीसदी के करीब बढो़तरी की जाए। इससे किसान भी जमीन देने के लिए तैयार होंगे और विकास तेजी से हो सकेगा। इसलिए जहां जमीन अधिग्रहण संबंधी प्रोजेक्ट है वहां पर भी बढ़ोतरी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
सिंहस्थ के चलते भी प्रापर्टी में बढ़ोतरी
सिंहस्थ 2028 के चलते इंदौर के आसपास कई विकास प्रोजेक्ट चल रहे हैं। खासकर सड़क बनाने के प्रोजेक्ट। इसे देखते हुए भी इन सभी सड़कों के नेटवर्क वाले एरिया में अच्छी खासी गाइडलाइन बढ़ाई जाएगी। इसके लिए पंजीयन विभाग ने खास तैयारी कर ली है।
इसके साथ ही इस बार गांवों से कस्बों में परिवर्तित होने वाले क्षेत्रों में गाइडलाइन बढ़ेगी।
जिन क्षेत्रों में गाइडलाइन से अधिक मूल्य पर रजिस्ट्री हो रही है, वहां रेट तो बढ़ना ही है।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन क्षेत्रों में गाइडलाइन से अधिक दरों पर पंजीयन हो रहा है, उनसे लगे हुए क्षेत्रों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी की जाए।
बाजार की मांग, स्टाम्प ड्यूटी कम हो, दाम बढ़ें
हाल ही में इंदौर में नरेडको (NAREDCO) की भी बैठक हुई थी। इसमें भी मांग उठी थी कि देश में सबसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी 12.50 फीसदी की मध्यप्रदेश में ही है। ऐसे में इसे महाराष्ट्र व अन्य राज्यों जैसे 5-6 फीसदी पर लाना चाहिए। बदले में प्रॉपर्टी गाइडलाइन को बाजार अनुसार करना चाहिए। साथ ही मांग थी कि एफएआर (FAR) को भी अधिक किया जाना चाहिए। इससे अधिक से अधिक वर्टिकल ग्रोथ को बढ़ावा मिले।
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